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सेवा सुरक्षा नियम को लागू करने की मांग लेकर खुन से सीएम और पीएम को लिखा एनएचएम क र्मियों ने पत्र
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एनएचएम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को लिखा खून से पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल वीरवार को दसवें दिन भी जारी रही। जिला प्रधान कमलेश देवी ने हड़ताल की अध्यक्षता की। उन्होंने अपनी सेवा सुरक्षा नियम, एनएचएम कर्मियों को नियमित करने, सातवें वेतन आयोग की मांग को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखा। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वह अपना काम निष्ठा से कर रहे हैं। सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियों को अपनाए हुए है।
कमलेश ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांग की तरफ सरकार का ध्यान नहीं है। धरने पर महिला कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू की है। भूख हड़ताल पर कमलेश बेरवाल, नीलम, सुदेश, संतोष, एकता, पूनम और राजरानी बैठी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार को छोड़कर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। सरकार इन कर्मचारियों की नौकरी को पक्की करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह मांगों को लेकर कई बार प्रदेश सरकार से बात कर चुके हैं। हर बार मांगों को पूरी करने के लिए आश्वासन मिलता है, लेकिन इन मांगों को पूरी करने के लिए आज तक सरकार ने कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। एनएचएम कर्मियों की हड़ताल वीरवार को दसवें दिन भी जारी रही। जिला प्रधान कमलेश देवी ने हड़ताल की अध्यक्षता की। उन्होंने अपनी सेवा सुरक्षा नियम, एनएचएम कर्मियों को नियमित करने, सातवें वेतन आयोग की मांग को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखा। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वह अपना काम निष्ठा से कर रहे हैं। सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियों को अपनाए हुए है।
कमलेश ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांग की तरफ सरकार का ध्यान नहीं है। धरने पर महिला कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू की है। भूख हड़ताल पर कमलेश बेरवाल, नीलम, सुदेश, संतोष, एकता, पूनम और राजरानी बैठी। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार को छोड़कर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। सरकार इन कर्मचारियों की नौकरी को पक्की करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक सरकार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह मांगों को लेकर कई बार प्रदेश सरकार से बात कर चुके हैं। हर बार मांगों को पूरी करने के लिए आश्वासन मिलता है, लेकिन इन मांगों को पूरी करने के लिए आज तक सरकार ने कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया।
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