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बिजली निगम नहीं कर रहा अपने ही कर्मचारी फोरमैन की सुनवाई, परेशान
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:14 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना।
एक साल पहले बिजली निगम के एक्सईएन के कहने पर फोरमैन द्वारा बदला गया बिजली का ट्रांसफार्मर अब उनके गले की फांस बन गया है। एक साल बाद भी बिजली निगम पुराने ट्रांसफार्मर को जमा नहीं कर रहा है। इससे फोरमैन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
दरअसल वर्ष 2016 में एक्सईएन के कहने पर फोरमैन ने खराब हुआ ट्रांसफार्मर बदलकर नया रख दिया। जब पुराना ट्रांसफार्मर जमा करवाने लगा तो बिजली निगम ने यह जमा नहीं किया। बिजली निगम के छोटे कर्मचारी से अधिकारी तक गुहार लगाई मगर बात नहीं बनी। करीब डेढ़ वर्ष से बिजली कर्मचारी धक्के खा रहा है। बिजली निगम फोरमैन के खाते से नए ट्रांसफार्मर की कीमत काटने की कह रहा हैं। जब बिजली निगम अपने ही कर्मचारी की सुनवाई नहीं कर रहा तो आम आदमी की सुनवाई कैसे होगी। 33 केवी सब स्टेशन गतौली में कार्यरत फोरमैन राजेंद्र ने बताया कि गतौली गांव में एक ट्रांसफार्मर खराब हो गया। 17 जुलाई 2016 में एक्सईएन के कहने पर उसने यह खराब हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया और 110 केवी का नया रख दिया। राजेंद्र जब पुराना ट्रांसफार्मर बिजली निगम में जमा करवाने लगा तो यह ट्रांसफार्मर स्टोर में जमा नहीं किया गया। ट्रांसफार्मर जमा करवाने के लिए राजेंद्र ने छोटे अधिकारी से बड़े अधिकारी तक गुहार लगाई मगर ट्रांसफार्मर जमा नहीं किया गया। राजेंद्र ने कहा कि अब बिजली निगम उसके खाते से नए ट्रांसफार्मर की कीमत करीब 45 हजार रुपये काटने की कह रहे हैं। राजेंद्र अपने ही महकमे में धक्के खाने को मजबूर है।
110 केवी का ट्रांसफार्मर फर्म में जमा होगा, बिजली निगम में नहीं। फोरमैन ने यह ट्रांसफार्मर फर्म में जमा करवाना चाहिए।
-राजीव शर्मा, एसडीओ सब डिवीजन बिजली निगम जुलाना।
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जुलाना।
एक साल पहले बिजली निगम के एक्सईएन के कहने पर फोरमैन द्वारा बदला गया बिजली का ट्रांसफार्मर अब उनके गले की फांस बन गया है। एक साल बाद भी बिजली निगम पुराने ट्रांसफार्मर को जमा नहीं कर रहा है। इससे फोरमैन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
दरअसल वर्ष 2016 में एक्सईएन के कहने पर फोरमैन ने खराब हुआ ट्रांसफार्मर बदलकर नया रख दिया। जब पुराना ट्रांसफार्मर जमा करवाने लगा तो बिजली निगम ने यह जमा नहीं किया। बिजली निगम के छोटे कर्मचारी से अधिकारी तक गुहार लगाई मगर बात नहीं बनी। करीब डेढ़ वर्ष से बिजली कर्मचारी धक्के खा रहा है। बिजली निगम फोरमैन के खाते से नए ट्रांसफार्मर की कीमत काटने की कह रहा हैं। जब बिजली निगम अपने ही कर्मचारी की सुनवाई नहीं कर रहा तो आम आदमी की सुनवाई कैसे होगी। 33 केवी सब स्टेशन गतौली में कार्यरत फोरमैन राजेंद्र ने बताया कि गतौली गांव में एक ट्रांसफार्मर खराब हो गया। 17 जुलाई 2016 में एक्सईएन के कहने पर उसने यह खराब हुआ ट्रांसफार्मर बदल दिया और 110 केवी का नया रख दिया। राजेंद्र जब पुराना ट्रांसफार्मर बिजली निगम में जमा करवाने लगा तो यह ट्रांसफार्मर स्टोर में जमा नहीं किया गया। ट्रांसफार्मर जमा करवाने के लिए राजेंद्र ने छोटे अधिकारी से बड़े अधिकारी तक गुहार लगाई मगर ट्रांसफार्मर जमा नहीं किया गया। राजेंद्र ने कहा कि अब बिजली निगम उसके खाते से नए ट्रांसफार्मर की कीमत करीब 45 हजार रुपये काटने की कह रहे हैं। राजेंद्र अपने ही महकमे में धक्के खाने को मजबूर है।
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110 केवी का ट्रांसफार्मर फर्म में जमा होगा, बिजली निगम में नहीं। फोरमैन ने यह ट्रांसफार्मर फर्म में जमा करवाना चाहिए।
-राजीव शर्मा, एसडीओ सब डिवीजन बिजली निगम जुलाना।