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Jind News: इंस्पायर अवार्ड योजना में जिले से 1099 विद्यार्थियों ने भेजे आइडिया
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जींद। विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें नए प्रयोगों के लिए प्रोत्साहित करने वाली इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में जिला निर्धारित लक्ष्य से पीछे रह गया है। योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि दस अक्तूबर तक जिलेभर से 1099 विद्यार्थियों ने अपने आइडिया भेजे हैं, जबकि शिक्षा विभाग ने 1650 आवेदन करवाने का लक्ष्य रखा था। इस तरह लक्ष्य से 551 आवेदन कम आए हैं।
योजना के तहत 15 अगस्त से राजकीय और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अपने वैज्ञानिक विचार भेज सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित होंगे, उन्हें विज्ञान का मॉडल या प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल मॉडल बनाने और उसे जिला स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचाने के लिए किया जा सकेगा।
इंस्पायर अवार्ड मानक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रेरित करना है।
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योजना में विद्यार्थियों को ऐसा आइडिया देना होता है, जो किसी समस्या का समाधान करने में उपयोगी हो। आइडिया के चयन में उसकी नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, पर्यावरण के अनुकूल होने और मौजूदा तकनीक से बेहतर होने जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। चयनित विचारों के आधार पर विद्यार्थी विज्ञान मॉडल तैयार करेंगे। इससे उन्हें अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच को व्यवहार में उतारने का अवसर मिलेगा।
वर्जन
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत जिले से कुल 1099 आवेदन आए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से कम हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित होंगे, उन्हें विज्ञान मॉडल बनाने के लिए 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
-रणधीर लोहान, जिला विज्ञान विशेषज्ञ जींद
योजना के तहत 15 अगस्त से राजकीय और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अपने वैज्ञानिक विचार भेज सकते हैं। जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित होंगे, उन्हें विज्ञान का मॉडल या प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल मॉडल बनाने और उसे जिला स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचाने के लिए किया जा सकेगा।
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इंस्पायर अवार्ड मानक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार का राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रेरित करना है।
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योजना में विद्यार्थियों को ऐसा आइडिया देना होता है, जो किसी समस्या का समाधान करने में उपयोगी हो। आइडिया के चयन में उसकी नवीनता, सामाजिक उपयोगिता, पर्यावरण के अनुकूल होने और मौजूदा तकनीक से बेहतर होने जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। चयनित विचारों के आधार पर विद्यार्थी विज्ञान मॉडल तैयार करेंगे। इससे उन्हें अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच को व्यवहार में उतारने का अवसर मिलेगा।
वर्जन
इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत जिले से कुल 1099 आवेदन आए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से कम हैं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों के आइडिया चयनित होंगे, उन्हें विज्ञान मॉडल बनाने के लिए 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
-रणधीर लोहान, जिला विज्ञान विशेषज्ञ जींद