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इनेलो ने फिर रोड़ी को मैदान में उतारा, पार्टी के बिखराव के चलते बढ़ी चुनौती

Wed, 17 Apr 2019 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:56 PM IST
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इनेलो ने फिर रोड़ी को मैदान में उतारा, पार्टी के बिखराव के चलते बढ़ी चुनौती
नरवाना। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इनेलो ने एक बार फिर सिरसा संसदीय क्षेत्र में सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस पहले ही अपने पूर्व प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर को मैदान उतार चुकी है। भाजपा ने सुनीता दुग्गल को मैदान उतारा है। जजपा के प्रत्याशी की अभी घोषणा नहीं हुई। बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी के समक्ष बड़ी चुनौती है। इस बार इनेलो में बिखराव हो चुका है और इसका उनके चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, यह समय ही बताएगा।
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पिछले चुनाव में रोड़ी ने नरवाना विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर को 43,761 से हराया था। इस बार इनेलो के दोफाड़ होने के कारण रोड़ी के सामने जीत की बड़ी चुनौती रहेगी। पिछले चुनाव में नरवाना हलके के 62 गांव में 188 बूथों पर कुल एक लाख 43 हजार 67 वोटरों ने अपने वोट डाले थे। कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर 61 गांवों में मात्र तीन गांवों में ही जीत दर्ज कर पाए थे। हजकां प्रत्याशी सुशील इंदौरा नरवाना शहर सहित चार गांव में सबसे ज्यादा वोट लेने में कामयाब रहे थे। इनेलो प्रत्याशी सरदार चरणजीत रोड़ी हलके के 55 गांव में आगे रहे थे। रोड़ी को नरवाना विधानसभा क्षेत्र में 74,773 वोट, तंवर को 31012 वोट तथा हजकां प्रत्याशी सुशील इंदौरा को 23284 वोट मिले थे। नरवाना शहर में हजकां प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। इंदौरा को इनेलो प्रत्याशी चरणजीत रोड़ी से 1123 वोट वोट ज्यादा मिले थे। इंदौरा को शहर में 9461 वोट, रोड़ी को 8338 वोट और तंवर को सिर्फ 4289 वोट ही मिले थे। अशोक तंवर रसीदां, सुरजाखेड़ा और बदोवाल में ही जीते थे। इंदौरा सैंथली, नरवाना, सुंदरपुरा और भाणा ब्राह्मणा में जीते थे। बाकी सभी गांव में इनेलो उम्मीदवार रोड़ी विजयी रहे थे। इस बार इनेलो प्रत्याशी के सामने जीत की बड़ी चुनौती है। इनेलो दो हिस्सों में बंट गई है। काफी कर्मठ कार्यकर्ता इनेलो छोड़कर जजपा में जा चुके हैं। हार-जीत का पता तो चुनाव परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस बार इनेलो की राह आसान नहीं है।
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