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मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग उठाएंगे प्रदेश भर के सरपंच
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:28 AM IST
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मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग उठाएंगे सरपंच
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेशभर के सरपंच जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी मांगों को उठाएंगे। इसके लिए वीरवार को अर्बन इस्टेट स्थित अग्रवाल धर्मशाला में सरपंच एसोसिएशन हरियाणा की मीटिंग हुई।
जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान संदीप अहलावत ने बताया कि लंबे समय से सरपंच अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री से मिलकर इन मांगों को उठाया जाएगा। सरपंचों ने मांग की कि सरकार संविधान के 73वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करे। इसको लेकर पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ से भी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के प्रदेश में ई-पंचायत व्यवस्था लागू कर रही है। इससे गांवों के विकास का काम प्रभावित हो रहा है। न तो सरपंचों के पास कंप्यूटर हैं और न ही तकनीकी लोग हैं, जिससे ई-पंचायत को लागू किया जा सके। इस पर पंचायत मंत्री ने पंचायतों को संसाधन मुहैया करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
संदीप अहलावत ने कहा कि इस पर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों व सरपंचों के प्रतिनिधियों द्वारा मिलकर कुछ सुधार किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार द्वारा सरपंचों को प्रताड़ित किया जा रहा है, इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। कभी पराली के नाम पर तो कभी किसी अन्य कारण से सरपंचों को निलंबित किया जा रहा है। इस पर रोक लगाई जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। प्रदेशभर के सरपंच जल्द ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलकर अपनी मांगों को उठाएंगे। इसके लिए वीरवार को अर्बन इस्टेट स्थित अग्रवाल धर्मशाला में सरपंच एसोसिएशन हरियाणा की मीटिंग हुई।
जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन के प्रधान संदीप अहलावत ने बताया कि लंबे समय से सरपंच अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में अब मुख्यमंत्री से मिलकर इन मांगों को उठाया जाएगा। सरपंचों ने मांग की कि सरकार संविधान के 73वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करे। इसको लेकर पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ से भी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार बिना किसी तैयारी के प्रदेश में ई-पंचायत व्यवस्था लागू कर रही है। इससे गांवों के विकास का काम प्रभावित हो रहा है। न तो सरपंचों के पास कंप्यूटर हैं और न ही तकनीकी लोग हैं, जिससे ई-पंचायत को लागू किया जा सके। इस पर पंचायत मंत्री ने पंचायतों को संसाधन मुहैया करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ।
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संदीप अहलावत ने कहा कि इस पर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों व सरपंचों के प्रतिनिधियों द्वारा मिलकर कुछ सुधार किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार द्वारा सरपंचों को प्रताड़ित किया जा रहा है, इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। कभी पराली के नाम पर तो कभी किसी अन्य कारण से सरपंचों को निलंबित किया जा रहा है। इस पर रोक लगाई जाए।
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