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निजी स्कूलों के गले की फांस बना नियम 134-ए, अब सरकार से मांगा जाएगा बच्चों पर होने वाला खर्च
Updated Sun, 06 May 2018 12:48 AM IST
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134-ए : निजी स्कूल सरकार से मांगेंगे गरीब बच्चों पर होने वाला खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नियम 134-ए के तहत दाखिला पाने वाले बच्चों पर हो रहे खर्च की मांग अब निजी स्कूल सरकार से करेंगे। यदि सरकार इस खर्च को वहन नहीं करती है तो निजी संचालक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही निजी स्कूल सरकार से मांग करेंगे कि प्रदेश में नियम 134-ए को समाप्त कर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ाई करवाए। इसको लेकर अगले सप्ताह सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी।
इस मामले को लेकर हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ की बैठक शनिवार को डीएवी स्कूल में हुई। इस दौरान कई अन्य जिलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। निजी स्कूल संचालकों ने साफ किया कि नियम 134-ए के तहत दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकार द्वारा करना होता है। इसके बावजूद सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और पिछले दो साल का प्रदेश भर का करोड़ों रुपये बकाया पड़ा है। ऐसे में निजी स्कूल अब सरकार से हिसाब मांग रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों ने साफ किया कि सरकार के रवैये के खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ी जाएगी। मीटिंग में जींद के निजी स्कूल संचालकों के अलावा हिसार, हांसी, सोनीपत, पानीपत व फतेहाबाद के प्रतिनिधि भी पहुुंचे।
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निजी स्कूल निश्चित रूप से बच्चों को शिक्षा देने के लिए बने हैं, लेकिन नियम 134-ए के तहत आने वाले बच्चों का खर्च तो सरकार को देना चाहिए। इसका प्रावधान है, लेकिन दो साल से यह बकाया पड़ा है। ऐसे में निजी स्कूलों पर काफी आर्थिक बोझ बढ़ता है। ऐसे कानून व्यवहारिकता के आधार पर होने चाहिए।
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सुदेश कुमार, जिलाध्यक्ष हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।
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सरकार ने नियम 134-ए के तहत सिर्फ जरूरतमंद लोगों को दाखिले का प्रावधान किया है। इसके विपरीत काफी लोगों ने आय के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इन लोगों ने जरूरतमंद लोगों के हकों पर डाला डाला है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
रमेश सैनी, प्रदेश वरिष्ठ उप प्रधान हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।
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मीटिंग में फैसला लिया गया है कि सरकार 134-ए के तहत बच्चों पर होने वाले खर्च निजी स्कूलों को दे। ऐसा नहीं करने पर इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स, स्कूल बसों पर टैक्स सहित कई अन्य मुद्दों पर भी सरकार से बातचीत की योजना बनाई गई है।
सुभाष श्योराण, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नियम 134-ए के तहत दाखिला पाने वाले बच्चों पर हो रहे खर्च की मांग अब निजी स्कूल सरकार से करेंगे। यदि सरकार इस खर्च को वहन नहीं करती है तो निजी संचालक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही निजी स्कूल सरकार से मांग करेंगे कि प्रदेश में नियम 134-ए को समाप्त कर शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत पढ़ाई करवाए। इसको लेकर अगले सप्ताह सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी।
इस मामले को लेकर हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ की बैठक शनिवार को डीएवी स्कूल में हुई। इस दौरान कई अन्य जिलों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। निजी स्कूल संचालकों ने साफ किया कि नियम 134-ए के तहत दाखिला पाने वाले विद्यार्थियों पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकार द्वारा करना होता है। इसके बावजूद सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और पिछले दो साल का प्रदेश भर का करोड़ों रुपये बकाया पड़ा है। ऐसे में निजी स्कूल अब सरकार से हिसाब मांग रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों ने साफ किया कि सरकार के रवैये के खिलाफ अदालत में लड़ाई लड़ी जाएगी। मीटिंग में जींद के निजी स्कूल संचालकों के अलावा हिसार, हांसी, सोनीपत, पानीपत व फतेहाबाद के प्रतिनिधि भी पहुुंचे।
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निजी स्कूल निश्चित रूप से बच्चों को शिक्षा देने के लिए बने हैं, लेकिन नियम 134-ए के तहत आने वाले बच्चों का खर्च तो सरकार को देना चाहिए। इसका प्रावधान है, लेकिन दो साल से यह बकाया पड़ा है। ऐसे में निजी स्कूलों पर काफी आर्थिक बोझ बढ़ता है। ऐसे कानून व्यवहारिकता के आधार पर होने चाहिए।
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सुदेश कुमार, जिलाध्यक्ष हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।
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सरकार ने नियम 134-ए के तहत सिर्फ जरूरतमंद लोगों को दाखिले का प्रावधान किया है। इसके विपरीत काफी लोगों ने आय के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इन लोगों ने जरूरतमंद लोगों के हकों पर डाला डाला है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
रमेश सैनी, प्रदेश वरिष्ठ उप प्रधान हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।
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मीटिंग में फैसला लिया गया है कि सरकार 134-ए के तहत बच्चों पर होने वाले खर्च निजी स्कूलों को दे। ऐसा नहीं करने पर इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स, स्कूल बसों पर टैक्स सहित कई अन्य मुद्दों पर भी सरकार से बातचीत की योजना बनाई गई है।
सुभाष श्योराण, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ।