{"_id":"5ae37b614f1c1b5c098b6ddf","slug":"101524857697-jind-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैटनरी डॉक्टर विवेक चहल ने यूपीएससी परीक्षा में पाया 242वां स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैटनरी डॉक्टर विवेक चहल ने यूपीएससी परीक्षा में पाया 242वां स्थान
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेटनरी डॉक्टर विवेक चहल ने यूपीएससी परीक्षा में पाया 242वां स्थान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
दरियावाला गांव निवासी और वेटनरी डॉक्टर विवेक चहल ने यूपीएससी परीक्षा में 242वां स्थान प्राप्त किया है। ग्रामीण अंचल में पले गांव दरियावाला निवासी विवेक चहल फिलहाल जिले के आलनजोगीखेड़ा गांव में बतौर वेटरनी डॉक्टर तैनात हैं। विवेक चहल कि इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने लड्डू बांटकर चहल की सफलता का जश्न मनाया।
विवेक के पिता धर्मवीर चहल ने बताया कि विवेक बचपन से ही पढ़ने-लिखने का बहुत शौक है। वहीं विवेक चहल ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता व अभिभावकों को दिया। ग्रामीण अंचल में पले बड़े और प्राइवेट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले विवेक चहल ने यह साबित कर दिया है की दृढ़ निश्चय से कोई भी उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है। जैसे ही यह खबर ग्रामवासियों व उसके परिजनों, रिश्तेदारों को लगी तो सभी बधाई देने के लिए उसके घर पहुंचे। विवेक के बड़े भाई कृष्ण चहल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डिफेंस कॉलोनी में बतौर फिजिक्स प्राध्यापक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विवेक बचपन से ही लगन के साथ कार्य करता रहा है और सदैव अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन रात मेहनत करता रहा है। ऐसे भाई पर हम गर्व करते हैं। यह पूरे गांव के लिए ही नहीं बल्कि जिले के लिए बड़े गौरव की बात है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
दरियावाला गांव निवासी और वेटनरी डॉक्टर विवेक चहल ने यूपीएससी परीक्षा में 242वां स्थान प्राप्त किया है। ग्रामीण अंचल में पले गांव दरियावाला निवासी विवेक चहल फिलहाल जिले के आलनजोगीखेड़ा गांव में बतौर वेटरनी डॉक्टर तैनात हैं। विवेक चहल कि इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने लड्डू बांटकर चहल की सफलता का जश्न मनाया।
विवेक के पिता धर्मवीर चहल ने बताया कि विवेक बचपन से ही पढ़ने-लिखने का बहुत शौक है। वहीं विवेक चहल ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता व अभिभावकों को दिया। ग्रामीण अंचल में पले बड़े और प्राइवेट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने वाले विवेक चहल ने यह साबित कर दिया है की दृढ़ निश्चय से कोई भी उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है। जैसे ही यह खबर ग्रामवासियों व उसके परिजनों, रिश्तेदारों को लगी तो सभी बधाई देने के लिए उसके घर पहुंचे। विवेक के बड़े भाई कृष्ण चहल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डिफेंस कॉलोनी में बतौर फिजिक्स प्राध्यापक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विवेक बचपन से ही लगन के साथ कार्य करता रहा है और सदैव अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन रात मेहनत करता रहा है। ऐसे भाई पर हम गर्व करते हैं। यह पूरे गांव के लिए ही नहीं बल्कि जिले के लिए बड़े गौरव की बात है।
विज्ञापन