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प्याज व टमाटर का तड़का लगाना हुआ मंहगा, ग्राहक परेशान
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:22 AM IST
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सब्जी के दामों में बढ़ोत्तरी, लोग कर रहे आलू, गाजर और मटर की ज्यादा खरीद
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सब्जी मंडी में सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है। मंडी में लोकल पैदावार की कमी से ज्यादातर सब्जियां बाहर से आ रही हैं। इससे ग्राहकों को महंगी सब्जियां मिल रही हैं। आलू, गाजर और मटर के ग्राहक फिलहाल सब्जी मंडी में अधिक पहुंच रहे हैं। हालांकि मटर के दाम पिछले एक माह में कम हुए हैं, लेकिन साथ में प्याज और टमाटर का तड़का लगाना मंहगा पड़ रहा है। टमाटर व प्याज की लोकल पैदावार न होने से दाम पिछले एक माह से लगातार बढ़ रहे हैं।
सब्जी मंडी के आढ़ती और रिटेलर कह रहे हैं कि महंगाई का मुख्य कारण लोकल पैदावार नहीं होना है। मंडी में ज्यादातर सब्जियां नासिक और शिमला से आ रही हैं। इससे आए दिन सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंडी में नया आलू, गाजर, बंद गोभी जैसी सब्जियां नई हैं, पालक, मेथी और धनिया की गुच्छी लोकल होने दाम भी ठीक-ठाक हैं। सब्जियां थोक विक्रेता और रिटेलर के यहां से खरीददारी के बाद छोटे दुकानदार ग्रामीण क्षेत्र, कॉलोनियों और कस्बे में सब्जियां काफी मंहगी बेची जा रही है।
बॉक्स
बाहर से आ रही हैं सब्जियां
थोक विक्रेता और रिटेलर के अनुसार सब्जी मंडी में मटर पंजाब से, गाजर राजस्थान से, खीरा दिल्ली से, टमाटर नासिक व शिमला से, प्याज नासिक से, नया आलू पंजाब से और शकरकंदी दिल्ली से आ रही है। ये सब्जियां बाहर से आने के बाद मंहगी हो रही है। अगर लोकल पैदावार जल्द ही मंडी में नहीं आई तो सब्जी ओर भी मंहगी हो जाएगी।
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सब्जियां हो रही है, महंगी
सीजन के साथ सब्जियां महंगी होती जा रही है। नई सब्जियां गाजर, पालक व मेथी की सब्जियां तो ठीक-ठाक है, लेकिन प्याज और टमाटर मंहगा होने से तड़का लगाना बहुत मंहगा हो चुका है। जिससे घर का बजट में काफी असर पड़ा है। मंडी में सब्जियों के दाम में इतनी तेजी आई है, कि आम आदमी के लिए तो सब्जी खरीदना बहुत मुश्किल हो रहा है।
राजकुमार, ग्राहक।
बॉक्स
टमाटर और प्याज के दामों में हो रही बढ़ोतरी
सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है। इसका मुख्य कारण लोकल पैदावार नहीं होना है। पिछले एक माह से और अब नई सब्जियां बाहर से आ रही है, और टमाटर व प्याज तो पहले से ही महंगी हो रही है, अगर जल्द ही लोकल पैदावार नहीं हुई तो प्याज व टमाटर के दामों में उछाल देखने को मिल सकता है।
जीत, रिटेल विक्रेता।
बॉक्स
सब्जि थोक विके्रता भाव रिटेल भाव
मटर 35-40 किलोग्राम 45-50
गाजर 20-25 किलोग्राम 30-35
गोबी 25 किलोग्राम 30
खीरा 30-35 किलोग्राम 40-50
टमाटर 50 किलोग्राम 60-70
प्याज 45 किलोग्राम 50-55
नया आलू 14 किलोग्राम 18-20
बंद गोबी 20 किलोग्राम 25
पालक 6-7 गुच्छी 10
धनियां 6-7 गुच्छी 10
मेथी 6-7 गुच्छी 10-15
बैंगन 15 किलोग्राम 20-25
नींबू 20 किलोग्राम 30
मूली 5-7 किलोग्राम 10-12
मशरूम 20-25 200ग्राम पैकेट 30-35
फोटो कैप्शन
29जेएनडी 01 : मंडी में सब्जी की खरीददारी करते ग्राहक।
29जेएनडी 02 : जीत का का फोटो।
29जेएनडी 03 : राजकुमार का फोटो।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। सब्जी मंडी में सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है। मंडी में लोकल पैदावार की कमी से ज्यादातर सब्जियां बाहर से आ रही हैं। इससे ग्राहकों को महंगी सब्जियां मिल रही हैं। आलू, गाजर और मटर के ग्राहक फिलहाल सब्जी मंडी में अधिक पहुंच रहे हैं। हालांकि मटर के दाम पिछले एक माह में कम हुए हैं, लेकिन साथ में प्याज और टमाटर का तड़का लगाना मंहगा पड़ रहा है। टमाटर व प्याज की लोकल पैदावार न होने से दाम पिछले एक माह से लगातार बढ़ रहे हैं।
सब्जी मंडी के आढ़ती और रिटेलर कह रहे हैं कि महंगाई का मुख्य कारण लोकल पैदावार नहीं होना है। मंडी में ज्यादातर सब्जियां नासिक और शिमला से आ रही हैं। इससे आए दिन सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंडी में नया आलू, गाजर, बंद गोभी जैसी सब्जियां नई हैं, पालक, मेथी और धनिया की गुच्छी लोकल होने दाम भी ठीक-ठाक हैं। सब्जियां थोक विक्रेता और रिटेलर के यहां से खरीददारी के बाद छोटे दुकानदार ग्रामीण क्षेत्र, कॉलोनियों और कस्बे में सब्जियां काफी मंहगी बेची जा रही है।
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बाहर से आ रही हैं सब्जियां
थोक विक्रेता और रिटेलर के अनुसार सब्जी मंडी में मटर पंजाब से, गाजर राजस्थान से, खीरा दिल्ली से, टमाटर नासिक व शिमला से, प्याज नासिक से, नया आलू पंजाब से और शकरकंदी दिल्ली से आ रही है। ये सब्जियां बाहर से आने के बाद मंहगी हो रही है। अगर लोकल पैदावार जल्द ही मंडी में नहीं आई तो सब्जी ओर भी मंहगी हो जाएगी।
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सब्जियां हो रही है, महंगी
सीजन के साथ सब्जियां महंगी होती जा रही है। नई सब्जियां गाजर, पालक व मेथी की सब्जियां तो ठीक-ठाक है, लेकिन प्याज और टमाटर मंहगा होने से तड़का लगाना बहुत मंहगा हो चुका है। जिससे घर का बजट में काफी असर पड़ा है। मंडी में सब्जियों के दाम में इतनी तेजी आई है, कि आम आदमी के लिए तो सब्जी खरीदना बहुत मुश्किल हो रहा है।
राजकुमार, ग्राहक।
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टमाटर और प्याज के दामों में हो रही बढ़ोतरी
सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी है। इसका मुख्य कारण लोकल पैदावार नहीं होना है। पिछले एक माह से और अब नई सब्जियां बाहर से आ रही है, और टमाटर व प्याज तो पहले से ही महंगी हो रही है, अगर जल्द ही लोकल पैदावार नहीं हुई तो प्याज व टमाटर के दामों में उछाल देखने को मिल सकता है।
जीत, रिटेल विक्रेता।
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सब्जि थोक विके्रता भाव रिटेल भाव
मटर 35-40 किलोग्राम 45-50
गाजर 20-25 किलोग्राम 30-35
गोबी 25 किलोग्राम 30
खीरा 30-35 किलोग्राम 40-50
टमाटर 50 किलोग्राम 60-70
प्याज 45 किलोग्राम 50-55
नया आलू 14 किलोग्राम 18-20
बंद गोबी 20 किलोग्राम 25
पालक 6-7 गुच्छी 10
धनियां 6-7 गुच्छी 10
मेथी 6-7 गुच्छी 10-15
बैंगन 15 किलोग्राम 20-25
नींबू 20 किलोग्राम 30
मूली 5-7 किलोग्राम 10-12
मशरूम 20-25 200ग्राम पैकेट 30-35
फोटो कैप्शन
29जेएनडी 01 : मंडी में सब्जी की खरीददारी करते ग्राहक।
29जेएनडी 02 : जीत का का फोटो।
29जेएनडी 03 : राजकुमार का फोटो।