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विश्व पर्यावरण दिवस : हरियाली के दोस्त, सुधारने में जुटे हवा की सेहत

Thu, 05 Jun 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 05 Jun 2025 01:37 AM IST
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World Environment Day: Friends of greenery, health of restaurant air in slaves
-फोटो 51 : बिजली निगम से सेवानिवृत्त हुए मुकेश शर्मा पर्यावरण सुधारने में जुटे हुए हैं। स्रोत स
बहादुरगढ़। अपने शहर में ऐसे कई सजग प्रहरी हैं जिन्होंने हरियाली से दोस्ती की और हवा की सेहत सुधारने में सहयोगी बने। इनका मानना है कि पर्यावरण को बचाने की खुद से शुरुआत करनी होगी। हरियाली के लिए जरूरी नहीं कि पार्क और खेत हों। गली, डिवाइडर, रोड, खाली जमीन पर पौधे लगाकर धरा को हरा-भरा किया जा सकता है। शहर में इसी तरह हरियाली को बढ़ावा देने में लगे हैं कई सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ता और अनेक विभागों से सेवानिवृत्त हुए लोग। पर्यावरण दिवस पर हरियाली के ऐसे ही कुछ लोगों से हम आपको रूबरू करा रहे हैं।
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पेड की टहनी भी टूटती है तो होता है दर्द : मलिक
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल सरकारी अनुदान की उम्मीद करने वाले सामाजिक संगठनों के लिए मॉडल टाउन बहादुरगढ़ के निवासी सतपाल मलिक शास्त्री मिसाल बनकर उभरे हैं। संस्कृत में एमए और बीएड सत्यपाल मलिक दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर पीजीटी अध्यापक कार्यरत थे। वर्ष 2016 में वह दिल्ली के रानीखेड़ा स्कूल से वाइस प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने रानीखेड़ा के सरकारी स्कूल की वीरान भूमि को भी हरा-भरा कर दिया था। उन्होंने रेलवे रोड पर स्थित ब्रिगेडियर होश्यिार सिंह स्टेडियम के वीराने को हरियाली में बदल दिया है। हाई स्कूल की सरकारी जमीन पर शास्त्री के नाम से विख्यात सत्यपाल सिंह मलिक ने 200 से अधिक पौधे लगाए और वृक्ष बना दिया। वह अपनी जेब से और अपने 4-5 साथियों की मदद से पौधे खरीदकर भी लाते हैं। सिंचाई के लिए यहां नलकूप लगाया है। अगर किसी पेड़ की कोई एक टहनी भी टूट जाती है तो उन्हें दर्द होता है।
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एसडीओ पद से सेवानिवृत्ति के बाद पर्यावरण के लिए समर्पित
बिजली विभाग में एसडीओ के पद से 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद सेक्टर-6 निवासी मुकेश शर्मा ने अपना जीवन पर्यावरण के लिए समर्पित कर दिया। मुकेश शर्मा तन मन से पेड़ पौधों की सेवा कर रहें हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सेक्टर-2 पार्क, सेक्टर-6 पार्क, सामुदायिक भवन, देवीलाल पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 100 से अधिक पौधे लगाए हैं। जिनकी देखभाल वे लगातार कर रहे हैं। पेड़ पौधों का वह बच्चे की तरह पालन पोषण कर रहें हैं। शर्मा ने कहा कि वह स्वयं पौधों की नलाई भी करते हैं और जरूरत के अनुसार पेड़ों पर दवा का छिड़काव भी करते हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी जुटे हैं पर्यावरण सुधारने में
लाइनपार की वत्स कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी पर्यावरण सुधारने में जुटे हैं। पिछले कई वर्षों से लगातार अलग-अलग स्थानों पर पौधे लगा रहे हैं। अब तक 150 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। रोजाना देखभाल भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जो पौधे उन्होंने लगाए थे अब वह वृक्ष का रूप धारण कर चुके हैं।



सामाजिक संस्थाएं भी धरा को कर रहीं हराभरा
बहादुरगढ़ में कई सामाजिक संस्थाएं भी धरा को हरा-भरा करने में आगे आ रहीं हैं। बहादुरगढ़ में क्लीन एंड ग्रीन एसोसिएशन, संघर्षशील जन कल्याण सेवा समिति, जनजागरण समिति, सार्थक सेवा समिति, संत निरंकारी दल, रॉबिन हुड आर्मी, उड़ान सेवा समिति, ब्रह्म सेवा समिति, जनता जनार्दन समिति, नीमा आदि संस्थाएं शहर में अनेक स्थानों पर स्वच्छता के साथ-साथ हरियाली बढ़ाने का काम कर रहीं हैं।

-फोटो 51 : बिजली निगम से सेवानिवृत्त हुए मुकेश शर्मा पर्यावरण सुधारने में जुटे हुए हैं। स्रोत स

-फोटो 51 : बिजली निगम से सेवानिवृत्त हुए मुकेश शर्मा पर्यावरण सुधारने में जुटे हुए हैं। स्रोत स

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