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फैक्टरी में काम करते वक्त हादसे में कामगार की मौत
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बहादुरगढ़। गांव रोहद स्थित एक फैक्टरी में काम करते वक्त हादसे में एक श्रमिक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के गांव गांव बोचा निवासी शम्भू साहनी (28) बहादुरगढ़-रोहतक रोड पर गांव रोहद में किराए के मकान में रहता था और रोहद स्थित लोहे के एंगल बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। वह फैक्टरी में ब्लास्टर के पद पर कार्यरत था। रविवार की दोपहर फैक्टरी में हाइड्रा से एक भारी एंगल को उठाया जा रहा था। एंगल को शंभू ने पकड़ रखा था कि अचानक एंगल उस पर गिर गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी श्रमिक उसे उपचार के लिए सांपला (रोहतक) के एक अस्पताल ले गए जहां जांच करके चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजन रमेश ने कहा कि फैक्टरी में सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों के बिना ही काम करवाया जा रहा था, इसी वजह सें शंभू की जान चली गई, इसलिए प्रंबधन को कम से कम 15 लाख रुपये मुआवजा पीड़ित परिवार को दे। आरोप है कि इस मांग लेकर शंभू के साथी और परिजन शव लेकर फैक्टरी में पहुंचे तो यहां प्रबंधन ने फैक्टरी का गेट बंद करवा दिया। फैक्टरी में कोई नहीं था। सुरक्षा कर्मी को गेट खोलने के लिए कहा था तो उसने कोई सुनवाई नहीं की। इस पर लोगों ने शव फैक्टरी के गेट के बाहर रखकर धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक शव फैक्टरी के बाहर रखा रहा, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला । शाम करीब 7 बजे पुलिस पहुंची। पीड़ित पक्ष को समझाकर शव को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। परिचितों ने मृतक की पत्नी को मुआवजे के तौर पर 15 लाख रुपये, पीएफ की राशि व पेंशन की सुविधा देने की मांग की। आसौदा थाना प्रभारी जसबीर सिंह के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम करवाकर मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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-फोटो 3 : नागरिक अस्पताल में शव गृह के बाहर खड़े शंभू के परिचत।
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बिहार के जिला मुजफ्फरपुर के गांव गांव बोचा निवासी शम्भू साहनी (28) बहादुरगढ़-रोहतक रोड पर गांव रोहद में किराए के मकान में रहता था और रोहद स्थित लोहे के एंगल बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। वह फैक्टरी में ब्लास्टर के पद पर कार्यरत था। रविवार की दोपहर फैक्टरी में हाइड्रा से एक भारी एंगल को उठाया जा रहा था। एंगल को शंभू ने पकड़ रखा था कि अचानक एंगल उस पर गिर गया। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी श्रमिक उसे उपचार के लिए सांपला (रोहतक) के एक अस्पताल ले गए जहां जांच करके चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के परिजन रमेश ने कहा कि फैक्टरी में सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों के बिना ही काम करवाया जा रहा था, इसी वजह सें शंभू की जान चली गई, इसलिए प्रंबधन को कम से कम 15 लाख रुपये मुआवजा पीड़ित परिवार को दे। आरोप है कि इस मांग लेकर शंभू के साथी और परिजन शव लेकर फैक्टरी में पहुंचे तो यहां प्रबंधन ने फैक्टरी का गेट बंद करवा दिया। फैक्टरी में कोई नहीं था। सुरक्षा कर्मी को गेट खोलने के लिए कहा था तो उसने कोई सुनवाई नहीं की। इस पर लोगों ने शव फैक्टरी के गेट के बाहर रखकर धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक शव फैक्टरी के बाहर रखा रहा, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला । शाम करीब 7 बजे पुलिस पहुंची। पीड़ित पक्ष को समझाकर शव को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। परिचितों ने मृतक की पत्नी को मुआवजे के तौर पर 15 लाख रुपये, पीएफ की राशि व पेंशन की सुविधा देने की मांग की। आसौदा थाना प्रभारी जसबीर सिंह के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम करवाकर मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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-फोटो 3 : नागरिक अस्पताल में शव गृह के बाहर खड़े शंभू के परिचत।