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जल संचयन एवं रिचार्ज के लिए जिले में बनाए जाएंगे 30 तालाब

Mon, 08 Jul 2019 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 12:18 AM IST
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water problam
फोटो-08 जिले के गांव में बने तालाब। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। कृषि विभाग व प्रशासन जल संचयन एवं वाटर रिचार्ज के लिए जिले में 30 तालाब बनवाएगा। इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। खेत में एक कैनाल मेें यह तालाब बनवाए जाने की प्लानिंग है। इसके लिए किसान स्वेच्छा से अपने खेत मेें तालाब बना सकता है। इसके लिए गांवों में जागरूकता कैंप भी आयोजित किए जाएंगे।
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जल शक्ति योजना के तहत सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। हर साल गिरते जलस्तर की वजह से भूमिगत जल खत्म होता जा रहा है। वाटर रिचार्ज नहीं हो पा रहा है। जिले के बाढड़ा एरिया में तो भूमिगत जलस्तर 540-550 फीट नीचे चला गया है। ऐसे में किसानों के लिए सिंचाई का संकट बढ़ने लगा है। किसानों को सबमर्सिबल मोटरें लगानी पड़ रही हैं तब जाकर पानी का उठान हो पाता है। इसके साथ-साथ पेयजल संकट भी लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले सालों से मानसून की बारिश भी औसत से कम हुई है। इस वजह से जलस्तर ऊपर नहीं आ रहा है। आने वाले समय में सिंचाई और पेयजल संकट का बढ़ना स्वाभाविक है। जिन भागों में नहरें निकलती हैं वहां तो भूमिगत जलस्तर 35-40 फीट तक है। नहरी एरिया में पानी लगातार रिचार्ज होता रहता है। बारिश के दिनों में तो कई भागों में तो वाटर लेवल जमीन के बिल्कुल ऊपर तक आ जाता है। जिले में पानी का दोहन भी तेजी से बढ़ रहा है। बिना अनुमति के बोरिंग ट्यूबवेल व सबमर्सिबल मोटर लगी हुई हैं। गांवों व शहर में करीब 30 से ज्यादा आरओ फिल्टर लगे हैं जो लगातार पानी का दोहन कर रहे हैं। आरओ वाटर संचालकों ने बोरिंग कर रखे हैं जिससे रोजाना हजारों लीटर पानी की निकासी हो रही है। चाहे यह पानी लवणीय बेशक हो इसमें यूरिया व अन्य रसायन डालकर इस पानी को मीठा बनाकर सप्लाई किया जा रहा है। अब प्रशासन व कृषि विभाग हरकत में आ गया है। इसके लिए जिले के तीनों ब्लॉक में जल संचयन पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए हर ब्लॉक में 10 तालाब बनाए जाएंगे। इस प्रकार जिले में कुल 30 तालाब बनाए जाने की योजना है। खेतों में यह तालाब बनाए जाने की प्लानिंग है। इसके लिए एक कैनाल यानी 605 वर्गगज में एक तालाब बनाया जाना है ताकि बारिश के दौरान आसपास के पानी का संचयन हो सके। इस पानी का खेतों में सिंचाई के लिए भी उपयोग में लिया जा सकेगा और जमीनी वाटर भी रिचार्ज हो सकेगा।
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किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्रेरित भी किया जाएगा। किसानों को यह काम स्वेच्छा से करना होगा। जल्द इसके लिए गांवों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे ताकि मानसून सीजन के दौरान किसान का इसका फायदा उठा सके।
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किसानों को चाहिए कि वे स्वेच्छा से इस योजना पर काम करेें इससे किसानों को ही ज्यादा फायदा होगा। भूमिगत जलस्तर में सुधार आएगा और पानी की गुणवत्ता में भी बदलाव आ जाएगा। किसानों को इस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। - रमेश कुमार रोहिल्ला, एडीओ एवं तकनीकी सहायक, कृषि विभाग
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