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Jhajjar-Bahadurgarh News: सिद्दीपुर में चरागाह की जमीन बांटने की योजना से ग्रामीणों में रोष
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बहादुरगढ़। बीपीएल परिवारों को 100-100 गज के भूखंड मुफ्त देने के प्रशासन के प्रयासों को लेकर गांवों में रोष फैलने लगा है। गांव सिद्दीपुर में शामलात जमीन को 100-100 गज के खंड बनाकर अनुसूचित जाति और बीपीएल श्रेणी के लोगों को बांटने के खिलाफ शनिवार को अन्य वर्गों के लोग एकत्रित हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की शामलात जमीन बांट दी गई तो चरागाह नहीं रहेंगे। पात्र परिवारों को तो प्लाट बेशक दे दिए जाएं, लेकिन जिनको मुफ्त प्लाट दिए जा रहे हैं वे सभी साधन संपन्न हैं। न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन न होने की हालत में ग्रामीणों ने अदालत जाने का फैसला भी लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों को वकील के जरिए नोटिस भी भेजा है।
गांव के भीम सिंह, राम कुमार, प्रदीप, दयानंद, सुरेश, हेमचन्द्र, सूबेदार प्रकाश, पूर्व सरपंच जयकिशन, पंच आशीष, कंवरभान, धर्मवीर, शिवनारायण व रामनिवास समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। इन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में तत्कालीन सरकार के प्रशासन ने गांव सिद्दीपुर में अनुसूचित जाति और बीपीएल श्रेणी के 67 परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त भूखंड देने के लिए सूची तैयार की थी। इन परिवारों को ऑफर लेटर भी दिए गए, लेकिन सूची में अधिकतर लोग साधन संपन्न थे।
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यह जमीन बंट जाएगी तो गांव के पशुओं के लिए चरागाह व किसी अन्य सार्वजनिक जनहितैषी परियोजना के लिए जमीन नहीं बचेगी। इसलिए प्रदेश के अन्य गांवों के लोगों के साथ सिद्दीपुर के लोगों ने वर्ष 2010 में सीडब्लूपी 6562 डाली। इसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील करके दोबारा सर्वे करा केवल पात्र परिवारों को भूखंड देने का आदेश देने की गुहार लगाई गई। इस याचिका में गुहार लगाने वालों की ओर से एडवोकेट संदीप चाहर ने पैरवी की थी। चाहर ने बताया कि वर्ष 2011 में पूरे प्रदेश में इस योजना को लेकर फैसला आया। न्यायालय ने हर जिले में पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर आवेदकों की पड़ताल करवाने और केवल पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने को कहा। ग्रामीणों ने बताया कि उसके बाद से ही यह मामला ठंडे बस्ते में था लेकिन अब सरकार न्यायालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर पहले की तरह ही संपन्न लोगों को जमीन मुफ्त बांटना चाहती है। इसलिए एडवोकेट संदीप चाहर ने इन ग्रामीणों की तरफ से डीसी झज्जर, एसडीएम बहादुरगढ़ और बीडीपीओ बहादुरगढ़ को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि न्यायालय के दिशा निर्देशों को नहीं माना गया तो अदालत की अवहेलना का मुकदमा दायर किया जाएगा।
-वर्जन
गांव सिद्दीपुर में अनुसूचित जातियों व बीपीएल परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट मुफ्त देने पर गांव के कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताने की जानकारी मिली है। प्लॉट आबंटन के संबंध में उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को लेकर एक वकील का नोटिस भी मिला है। इस मामले का अध्ययन किया जा रहा है। जो भी उचित होगी, कार्यवाही की जाएगी।
-- उमेद सिंह, बीडीपीओ बहादुरगढ़
-फोटो 67 : गांव सिद्दीपुर में शनिवार को संबंधित शामलात जमीन के पास इकट्ठा हुए ग्रामीण।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव की शामलात जमीन बांट दी गई तो चरागाह नहीं रहेंगे। पात्र परिवारों को तो प्लाट बेशक दे दिए जाएं, लेकिन जिनको मुफ्त प्लाट दिए जा रहे हैं वे सभी साधन संपन्न हैं। न्यायालय के दिशा निर्देशों का पालन न होने की हालत में ग्रामीणों ने अदालत जाने का फैसला भी लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों को वकील के जरिए नोटिस भी भेजा है।
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गांव के भीम सिंह, राम कुमार, प्रदीप, दयानंद, सुरेश, हेमचन्द्र, सूबेदार प्रकाश, पूर्व सरपंच जयकिशन, पंच आशीष, कंवरभान, धर्मवीर, शिवनारायण व रामनिवास समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। इन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में तत्कालीन सरकार के प्रशासन ने गांव सिद्दीपुर में अनुसूचित जाति और बीपीएल श्रेणी के 67 परिवारों को 100-100 गज के मुफ्त भूखंड देने के लिए सूची तैयार की थी। इन परिवारों को ऑफर लेटर भी दिए गए, लेकिन सूची में अधिकतर लोग साधन संपन्न थे।
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यह जमीन बंट जाएगी तो गांव के पशुओं के लिए चरागाह व किसी अन्य सार्वजनिक जनहितैषी परियोजना के लिए जमीन नहीं बचेगी। इसलिए प्रदेश के अन्य गांवों के लोगों के साथ सिद्दीपुर के लोगों ने वर्ष 2010 में सीडब्लूपी 6562 डाली। इसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील करके दोबारा सर्वे करा केवल पात्र परिवारों को भूखंड देने का आदेश देने की गुहार लगाई गई। इस याचिका में गुहार लगाने वालों की ओर से एडवोकेट संदीप चाहर ने पैरवी की थी। चाहर ने बताया कि वर्ष 2011 में पूरे प्रदेश में इस योजना को लेकर फैसला आया। न्यायालय ने हर जिले में पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर आवेदकों की पड़ताल करवाने और केवल पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने को कहा। ग्रामीणों ने बताया कि उसके बाद से ही यह मामला ठंडे बस्ते में था लेकिन अब सरकार न्यायालय के दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर पहले की तरह ही संपन्न लोगों को जमीन मुफ्त बांटना चाहती है। इसलिए एडवोकेट संदीप चाहर ने इन ग्रामीणों की तरफ से डीसी झज्जर, एसडीएम बहादुरगढ़ और बीडीपीओ बहादुरगढ़ को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि न्यायालय के दिशा निर्देशों को नहीं माना गया तो अदालत की अवहेलना का मुकदमा दायर किया जाएगा।
-वर्जन
गांव सिद्दीपुर में अनुसूचित जातियों व बीपीएल परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट मुफ्त देने पर गांव के कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताने की जानकारी मिली है। प्लॉट आबंटन के संबंध में उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को लेकर एक वकील का नोटिस भी मिला है। इस मामले का अध्ययन किया जा रहा है। जो भी उचित होगी, कार्यवाही की जाएगी।
-फोटो 67 : गांव सिद्दीपुर में शनिवार को संबंधित शामलात जमीन के पास इकट्ठा हुए ग्रामीण।