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महेंद्रगढ़ में सड़क हादसा, बहादुरगढ़ के दो लोगों की मौत, तीन घायल
अमर उजाला/ब्यूरो/बहादुरगढ़
Updated Sun, 09 Apr 2017 01:20 AM IST
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महेंद्रगढ़ के पास हुए सड़क हादसे में शनिवार को परनाला गांव के दो लोगों की मौत हो गई, तो तीन बुरी तरह जख्मी हो गए। मृतकों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। अन्य दो घायलों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। इस दर्दनाक हादसे से गांव में मातम पसरा है।
बहादुगढ़ खंड के गांव परनाला के निवासी रामकुंवार (61), जस्सू की पत्नी लक्ष्मी (40), श्योचंद, सत्यनारायण व सत्यनारायण की पत्नी सत्तो पत्थरी की देसी दवा लेने के लिए महेंद्रगढ़ के गांव गढ़ी महासर गए थे। दवाई लेने के बाद वह वापस आ ही रहे थे कि हादसा हो गया। इस भीषण हादसे में रामकुंवार व लक्ष्मी की मौत हो गई जबकि श्योचंद, सत्यनारायण व उसकी पत्नी को काफी चोटें आई। सत्यानारायण के सिर में चोटें आई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी मिल गई। मगर श्योचंद व सत्यनारायण की पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। उनकी नाजुक हालत के चलते उन्हें रोहतक से दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड थे रामकुंवार
गौरतलब है कि ये पांचों शख्स एक ही गांव से थे। इनमें से चार एक ही परिवार के लोग थे। रामकुंवार घायल सत्यनारायण के बड़े भाई थे। जबकि लक्ष्मी भी इन्हीं के परिवार से थी। श्योचंद पड़ोसी है, जो गाड़ी चला रहा था। महिला लक्ष्मी और सत्तो को पत्थरी की शिकायत थी। किसी परिचित के कहने पर ही शनिवार को महेंद्रगढ़ के पास देसी दवा लेने गए थे। मगर इन्हें क्या मालूम था कि एक बीमारी की रोकथाम होने की बजाय इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। सामने आए एक बाइक सवार का जीवन बचाने के लिए इन सबकी जिंदगी दांव पर लग गई। मृतक रामकुंवार दिल्ली पुलिस से एएसआई रिटायर्ड थे। सामाजिक कार्यों में वह अपना काफी समय देते थे। वह एक बेटे और एक बेटी के पिता थे। दोनों बच्चों की शादी हो चुकी है। वहीं मृतका लक्ष्मी के पति गांव में ही स्थित एचएनजी फैक्टरी में कार्यरत हैं। लक्ष्मी 3 बच्चों की मां थी। गांव के श्मशान घाट में लक्ष्मी और रामकुंवार का दाह संस्कार हुआ। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इस दर्दनाक घटना से हर व्यक्ति की आंखें नम थी।
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बहादुगढ़ खंड के गांव परनाला के निवासी रामकुंवार (61), जस्सू की पत्नी लक्ष्मी (40), श्योचंद, सत्यनारायण व सत्यनारायण की पत्नी सत्तो पत्थरी की देसी दवा लेने के लिए महेंद्रगढ़ के गांव गढ़ी महासर गए थे। दवाई लेने के बाद वह वापस आ ही रहे थे कि हादसा हो गया। इस भीषण हादसे में रामकुंवार व लक्ष्मी की मौत हो गई जबकि श्योचंद, सत्यनारायण व उसकी पत्नी को काफी चोटें आई। सत्यानारायण के सिर में चोटें आई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी मिल गई। मगर श्योचंद व सत्यनारायण की पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। उनकी नाजुक हालत के चलते उन्हें रोहतक से दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
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दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड थे रामकुंवार
गौरतलब है कि ये पांचों शख्स एक ही गांव से थे। इनमें से चार एक ही परिवार के लोग थे। रामकुंवार घायल सत्यनारायण के बड़े भाई थे। जबकि लक्ष्मी भी इन्हीं के परिवार से थी। श्योचंद पड़ोसी है, जो गाड़ी चला रहा था। महिला लक्ष्मी और सत्तो को पत्थरी की शिकायत थी। किसी परिचित के कहने पर ही शनिवार को महेंद्रगढ़ के पास देसी दवा लेने गए थे। मगर इन्हें क्या मालूम था कि एक बीमारी की रोकथाम होने की बजाय इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। सामने आए एक बाइक सवार का जीवन बचाने के लिए इन सबकी जिंदगी दांव पर लग गई। मृतक रामकुंवार दिल्ली पुलिस से एएसआई रिटायर्ड थे। सामाजिक कार्यों में वह अपना काफी समय देते थे। वह एक बेटे और एक बेटी के पिता थे। दोनों बच्चों की शादी हो चुकी है। वहीं मृतका लक्ष्मी के पति गांव में ही स्थित एचएनजी फैक्टरी में कार्यरत हैं। लक्ष्मी 3 बच्चों की मां थी। गांव के श्मशान घाट में लक्ष्मी और रामकुंवार का दाह संस्कार हुआ। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इस दर्दनाक घटना से हर व्यक्ति की आंखें नम थी।
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