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रक्षाबंधन पर्व को लेकर सजी राखी की दुकानें
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बहादुरगढ़। बहन-भाई के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 22 अगस्त को है। पर्व को आने में तीन दिन रह गए हैं, इसलिए बाजारों में एक से बढ़कर एक रंग-बिरंगी राखियों से दुकानें सज गई हैं। बहनें अपने भाई को बांधने के लिए खूब राखी खरीद रही हैं। भाई भी बहनों को उपहार देने के लिए खरीदारी कर रहे हैं। कई बहनें अपने भाई के लिए सोने-चांदी की राखी खरीद रही हैं, इसलिए आभूषणों की दुकानों में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। वहीं भाई भी अपनी बहनों को उपहार देने के लिए कुछ न कुछ आभूषण खरीद रहे हैं।
पंडित विजयपाल के अनुसार इस बार राखी पर्व पर भद्रा योग नहीं लग रहा। ऐसे में पर्व के पूरे दिन किसी भी समय बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार पूर्णिमा 21 अगस्त शनिवार की शाम को 6 बजकर 10 मिनट से शुरू होगी और 22 अगस्त की शाम 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे का मुहूर्त रहेगा। इस बार राखी पर्व पर कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। कई सालों बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि इस बार राखी पर्व पर शोभन योग सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। शोभन योग में सवा 4 घंटे तक राखी बांधना और अधिक श्रेष्ठ माना जाता है। पंडित राजीव के अनुसार इस बार कोई अशुभ संयोग राखी पर नहीं है। राहु काल व भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। लेकिन इस बार 22 अगस्त को राखी पर्व के दिन भद्रा काल का कोई साया नहीं होने पर पूरे दिन राखी बंधेगी।
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महिलाएं खरीद रही चांदी की राखी
रक्षाबंधन की तैयारियों को लेकर बाजार भी सज चुके हैं। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी महिलाएं-पुरुष बाजारों में खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। बहनें अपने भाई की कलाई पर सुंदर व आकर्षक राखी बांधने के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन वाली राखी खरीद रही हैं। आभूषण विक्रेता प्रमोद ने बताया कि चांदी की राखी में काफी महिलाएं रुचि ले रही हैं, तो पुरुष अपनी बहनों के लिए छोटे ही सही मगर सोने के आभूषण खरीद रहे हैं।
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पंडित विजयपाल के अनुसार इस बार राखी पर्व पर भद्रा योग नहीं लग रहा। ऐसे में पर्व के पूरे दिन किसी भी समय बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार पूर्णिमा 21 अगस्त शनिवार की शाम को 6 बजकर 10 मिनट से शुरू होगी और 22 अगस्त की शाम 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे का मुहूर्त रहेगा। इस बार राखी पर्व पर कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। कई सालों बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं पड़ेगा।
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उन्होंने बताया कि इस बार राखी पर्व पर शोभन योग सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। शोभन योग में सवा 4 घंटे तक राखी बांधना और अधिक श्रेष्ठ माना जाता है। पंडित राजीव के अनुसार इस बार कोई अशुभ संयोग राखी पर नहीं है। राहु काल व भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। लेकिन इस बार 22 अगस्त को राखी पर्व के दिन भद्रा काल का कोई साया नहीं होने पर पूरे दिन राखी बंधेगी।
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महिलाएं खरीद रही चांदी की राखी
रक्षाबंधन की तैयारियों को लेकर बाजार भी सज चुके हैं। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी महिलाएं-पुरुष बाजारों में खरीदारी करने के लिए आ रहे हैं। बहनें अपने भाई की कलाई पर सुंदर व आकर्षक राखी बांधने के लिए एक से बढ़कर एक डिजाइन वाली राखी खरीद रही हैं। आभूषण विक्रेता प्रमोद ने बताया कि चांदी की राखी में काफी महिलाएं रुचि ले रही हैं, तो पुरुष अपनी बहनों के लिए छोटे ही सही मगर सोने के आभूषण खरीद रहे हैं।