फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   theekri border farmer protest

किसान आंदोलन की वर्षगांठ पर टीकरी बॉर्डर पर जुटेंगे किसान

Mon, 15 Nov 2021 01:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 01:39 AM IST
विज्ञापन
theekri border farmer protest
टीकरी बार्डर सभा में मौजूद आंदोलनकारी किसान। - फोटो : Bahadurgarh
टीकरी बार्डर पर साढ़े 11 माह से अधिक समय से आंदोलन कर रहे विभिन्न संगठनों के नेताओं ने रविवार को भी आंदोलन को लगातार मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया। आगामी 26 नवंबर को आंदोलन को पूरा एक साल होने के मौके पर टीकरी बार्डर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। किसान दिल्ली कूच को लेकर तैयारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वे 26 नवंबर को अपने बेरिकेड्स हटा देंगे या फिर से लगा देंगे। चर्चा है कि एक-दो दिन में दिल्ली पुलिस इस मामले को लेकर कोई फैसला ले सकती है। 26 के दिल्ली कूच की किसानों की घोषणाओं पर दिल्ली पुलिस की निगाहें अलर्ट हैं।
विज्ञापन

किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की संख्या धरनास्थल पर धीरे-धीरे फिर से बढने लगी है। आए दिन किसानों के नए जत्थे पंजाब, हरियाणा समेत अन्य सूबों से भी आ रहे हैं और अपने हकों की आवाज बुलंद तरीके से उठाने के लिए लामबंद हो रहे हैं। किसान नेता कर्मबीर सिंह ने कहा कि सरकार रास्ता रोकने का दोष किसानों को दे रही है, इसलिए 29 नवंबर को वे देश की जनता को भी दिखाना चाहते हैं कि रास्ता किसने रोका है।
विज्ञापन

रिटायर्ड सूबेदार दर्शन सिंह ने कहा कि हमारी लड़ाई तीनों कानूनों से शुरू हुई है और पूरे देश में ये लड़ाई लडनी है। 26 नवंबर को हमारे आंदोलन को एक साल पूरा होने वाला है। हमें जरूरत है शांति बनाए रखने की आपसी भाईचारे की। 26 नवंबर को हमारा टेस्ट है हम क्या करेंगे और यह सरकार क्या करेगी यह देखने वाला होगा। 26 नवंबर के बाद हम दिल्ली में अपने बंदे भेजेंगे। खाने के सामान के साथ और अपने ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ। 500 किसान हर रोज जाएंगे। यह संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला है। संयुक्त किसान मोर्चा की हर बात माननी है। तीनों कानून रद्द करवाए बगैर वापस नहीं जाना। जब तक जितने मोर्चे हैं वे ऐसे ही सुचारू रूप से चलते रहेंगे। अगला मोर्चा हम संसद भवन के पास लगाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

साधुराम फाजिल्का पंजाब ने कहा कि देश के किसानों को अपनी जमीन बचाने के लिए टीकरी बॉर्डर और दिल्ली की दूसरी सीमाओं पर आना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए अनेक लड़ाए लड़ी अपनी शहादत दी। यह आजादी की दूसरी लड़ाई है इसमें किसान अपनी शहादत दे रहे हैं। हम अपने हकों की लड़ाई के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें जमीन बचानी है इसलिए टीकरी बॉर्डर स्टेज पर हाजरी लगाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed