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Jhajjar-Bahadurgarh News: पिता की मौत पर घर पहुंचा था युवक, उसी दिन प्रेमिका के भाइयों ने रची थी हत्या की साजिश
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कुशल का फाइल फोटो। सोशल मीडिया
पानीपत/रोहतक। रोहतक के जसिया गांव के कुशल का चार मई को सोनीपत के मुंडलाना रेलवे स्टेशन से अपहरण कर हत्या करने के मामले में जीआरपी पानीपत ने पांच आरोपियों को जेल भेज दिया। गांव के ही अंकित उर्फ कुक्कू, अंशु, अमित उनकी मां निर्मला और मामी मंजू ने साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुशल ढाई साल पहले उनकी बहन को प्रेमजाल में फंसाकर ले गया था। इसके बाद गांव में पंचायत हुई थी। इसमें तय हुआ था कि जब तक उनकी बहन की शादी नहीं हो जाती तो वह अपने घर नहीं आएगा लेकिन 25 अप्रैल को पिता की मौत होने पर कुशल घर आ गया था। इसी की रंजिश में उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि चार मई को जसिया गांव के बसंत ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि उसका भाई कुशल घर से पानीपत आने के लिए निकला था। मुंडलाना रेलवे स्टेशन से अंकित, अंशु, अमित और उनके मामा के लड़कों ने अपहरण कर लिया।
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पुलिस ने मामले की जांच की। आठ तारीख को आरोपी अंकित, अंशु, अमित व उनकी मां निर्मला और मामी मंजू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुशल का उनकी बहन के साथ प्रेम प्रसंग था। ढाई साल पहले वह उसे लेकर चला गया था। बाद में पुलिस ने उन्हें तलाश कर लिया था। उस समय पंचायती तौर पर उनका फैसला हुआ था जिसमें कुशल के गांव में न आने की बात तय हुई थी।
25 अप्रैल को कुशल के पिता सत्यवान की मौत हो गई थी जिस पर वह घर गया था। इसके बाद एक मई को पिता की शोकसभा में भी वह वहीं रहा। चार मई को वापस अपनी बहन के पास पानीपत आ रहा था।
मुंडलाना से कुशल को लेकर राबडा पहुंचे थे आरोपी
जीआरपी थान प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि चार मई को मुंडलाना स्टेशन से कुशल का अपहरण करने के बाद आरोपी उसके पास के ही गांव राबडा लेकर पहुंचे जहां पर पानी की डिग्गी के पीछे उसकी पिटाई कर हत्या कर दी। इसके बाद शव झाड़ियों में छुपा दिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही से कुशल का शव बरामद किया था। पुलिस ने आठ मई को निर्मला और मंजू को जेल भेज दिया था। तीन आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुशल ढाई साल पहले उनकी बहन को प्रेमजाल में फंसाकर ले गया था। इसके बाद गांव में पंचायत हुई थी। इसमें तय हुआ था कि जब तक उनकी बहन की शादी नहीं हो जाती तो वह अपने घर नहीं आएगा लेकिन 25 अप्रैल को पिता की मौत होने पर कुशल घर आ गया था। इसी की रंजिश में उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
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जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि चार मई को जसिया गांव के बसंत ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि उसका भाई कुशल घर से पानीपत आने के लिए निकला था। मुंडलाना रेलवे स्टेशन से अंकित, अंशु, अमित और उनके मामा के लड़कों ने अपहरण कर लिया।
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पुलिस ने मामले की जांच की। आठ तारीख को आरोपी अंकित, अंशु, अमित व उनकी मां निर्मला और मामी मंजू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुशल का उनकी बहन के साथ प्रेम प्रसंग था। ढाई साल पहले वह उसे लेकर चला गया था। बाद में पुलिस ने उन्हें तलाश कर लिया था। उस समय पंचायती तौर पर उनका फैसला हुआ था जिसमें कुशल के गांव में न आने की बात तय हुई थी।
25 अप्रैल को कुशल के पिता सत्यवान की मौत हो गई थी जिस पर वह घर गया था। इसके बाद एक मई को पिता की शोकसभा में भी वह वहीं रहा। चार मई को वापस अपनी बहन के पास पानीपत आ रहा था।
मुंडलाना से कुशल को लेकर राबडा पहुंचे थे आरोपी
जीआरपी थान प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि चार मई को मुंडलाना स्टेशन से कुशल का अपहरण करने के बाद आरोपी उसके पास के ही गांव राबडा लेकर पहुंचे जहां पर पानी की डिग्गी के पीछे उसकी पिटाई कर हत्या कर दी। इसके बाद शव झाड़ियों में छुपा दिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही से कुशल का शव बरामद किया था। पुलिस ने आठ मई को निर्मला और मंजू को जेल भेज दिया था। तीन आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। इस दौरान आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

कुशल का फाइल फोटो। सोशल मीडिया