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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   The woman gave birth at the hospital gate

महिला ने अस्पताल के गेट पर दिया बच्चे को जन्म

Thu, 07 Aug 2014 11:47 PM IST
jhjhar
jhjhar Updated Thu, 07 Aug 2014 11:47 PM IST
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सामान्य अस्पताल में प्रसव कराने आई महिला ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। अस्पताल के चिकित्सकों व नर्सों को जैसे ही पता लगा आनन-फानन में तुरंत महिला व नवजात को संभाला गया। इसके बाद दोनों को प्रसूतिगृह ले जाकर जांच पड़ताल की। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है लेकिन उसकी मां एनीमिया से ग्रस्त पाई गई। ऐसे में महिला चिकित्सक ने उसकी हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।

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बहादुरगढ़ के श्याम कॉलोनी में रहने वाली शीला पत्नी शिव प्रसाद गर्भवती थी। बृहस्पतिवार को उसे प्रसव पीड़ा हुई तो उनके पति आसपास की महिलाओं के साथ पत्नी शीला को डिलीवरी कराने के लिए सामान्य अस्पताल में ले आए। इस दौरान जैसे ही गर्भवती  शीला अस्पताल के मुख्य गेट के पास पहुंची तो प्रसव पीड़ा और बढ़ गई। दर्द की कारण से वह चलने की स्थिति में नहीं रही। ऐसे में जब वह अस्पताल के अंदर जाने का प्रयास कर रही थी। तभी शीला ने गेट के पास ही लड़के को जन्म दिया।
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महिला द्वारा अस्पताल के गेट पर बच्चा पैदा किए जाने की सूचना जैसे ही अस्पताल प्रबंधन व प्रसूतिगृह की स्टाफ को लगी तो वे तुरंत नीचे दौड़े आए और स्क्रीन लगाकर नवजात बच्चे व उसकी मां को संभाला। बाद में उसे पहले कक्ष पर बने लेबर रूम में लेकर गए जहां उसकी जांच करते हुए प्लेसेंटा आउट किया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रेणु, नर्सिंग सिस्टर कमला व स्टाफ नर्स संतोष राठी सहित कई अन्य नर्सों ने महिला व बच्चे को संभाला। जिस बच्चे ने गेट पर जन्म लिया वह बिल्कुल स्वस्थ है। उसका वजन भी अढ़ाई किलोग्राम के करीब है। लेकिन उसकी मां की हालत कुछ चिंताजनक है। वह खून की कमी से ग्रस्त पाई गई। ऐसे में उसे बेहतर उपचार सुविधा के लिए यहां से एंबुलेंस के माध्यम से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
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प्रसूतिगृृह में कार्यरत डॉ. रेणु व स्टाफ नर्स संतोष राठी ने बताया कि अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जाती। उनकी सभी जांचें बिल्कुल फ्री में ही अस्पताल में होती है। लेकिन काफी महिलाएं इसके प्रति लापरवाही बरतती हैं।

वे गर्भ से लेकर बच्चे के पैदा होने तक जांच कराने में आना-कानी कर देती हैं जिससे प्रसव के समय काफी दिक्कतें होती हैं। कई बार यह तक नहीं पता चलता कि गर्भ में बच्चा कितने दिन का है। वह स्वस्थ है या नहीं। ऐसे में महिलाओं की लापरवाही से उनके समक्ष भी मुसीबत आन खड़ी होती है। महिलाएं खान-पान के प्रति लापरवाही बरतती हैं जिसके कारण वे एनीमिया से भी ग्रस्त हो जाती हैं। ऐसे में महिलाओं को इनसे बचने के लिए समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच अवश्य करानी चाहिए ताकि कोई कमी मिलने पर उसे दूर किया जा सके।


सामान्य अस्पताल स्ट्रेचर व व्हील चेयर की व्यवस्था गेट के पास 24 घंटे होनी चाहिए। लेकिन न तो गेट पर कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात रहता है और न मरीजों की लाने-ले जाने के लिए स्ट्रेचर व व्हील चेयर उपलब्ध रहती हैं। ऐसे में जो भी मरीज चलने-फिरने में असमर्थ होता है या फिर गर्भवती महिला प्रसव के लिए आती हैं तो उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मरीजों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि यहां पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए और सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाए ताकि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कतें न उठानी पड़े।

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