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Jhajjar-Bahadurgarh News: केंद्र सरकार द्वारा जारी लेबर कोड की संगठन ने की निंदा

Sun, 23 Nov 2025 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 23 Nov 2025 02:13 AM IST
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The organization condemned the labor code issued by the central government.
बहादुरगढ़। केंद्र सरकार की ओर से चार लेबर कोड्स लागू करने के ऐलान की केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी ने निंदा करते हुए इनको तुरंत वापस लेने की मांग की है। इन श्रम कोड्स में श्रमिकों का कार्य दिवस आठ घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है। पहले 100 श्रमिक संख्या वाले उद्योग के मालिकों को तालाबंदी, छंटनी, ले-ऑफ, कारखाना बंदी के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी।
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अब श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर 300 कर दी है। देश में ज्यादातर उद्योग इसके दायरे में आ गए हैं। फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट लाकर स्थाई नौकरी को खत्म कर दिया गया है। फ्लोर वेज का नियम लाकर न्यूनतम वेतन के सिद्धांत को ही समाप्त कर दिया है। साथ ही महिलाओं की रात्रि ड्यूटी करने का कानून बना दिया है।
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कार्यस्थल पर महिलाएं दिन में भी सुरक्षित नहीं है। उनकी इज्जत को खतरे में डालने का काम किया गया है। पहले जो कानून थोड़े बहुत श्रमिकों के हित में थे वे भी खत्म कर उद्योगपतियों के हित में बदल दिया है। पहले ठेकेदार को 20 वर्कर रखने पर पंजीकरण कराना आवश्यक था अब ये संख्या बढ़ा कर 50 कर दी गई है।
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पूंजीवाद के अपने गहराते संकट की वजह से पूंजीपतियों को बाजार में लूट मचाने के लिए ये संशोधन किए जा रहे हैं। इनमें मजदूरों का हित कुछ नहीं है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की सरकार से जितनी बार भी बातचीत हुई हर बार इन श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) का कड़ा विरोध करते हुए इन श्रमिक विरोधी प्रावधानों को बार-बार वापिस लेने की मांग की है।

लेकिन सरकार ने सबको धोखे में रखते हुए इन्हें लागू करने की घोषणा कर दी है। इन लेबर कोड्स को लागू किए जाने के खिलाफ एआईयूटीयूसी समेत अन्य सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनें आगे और बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही हैं। 26 नवंबर को भारत में जिला मुख्यालयों पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की तरफ से धरने, प्रदर्शन किए जाएंगे व इन श्रम कोड्स की प्रति फूंकी जाएंगी।
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