{"_id":"697a6d2aaba086bf760b8869","slug":"the-man-accused-of-sexual-assault-requested-bail-to-attend-his-cousins-wedding-but-the-court-rejected-his-plea-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-131092-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: दुराचार के आरोपी ने चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मांगी जमानत, अदालत ने की खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: दुराचार के आरोपी ने चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मांगी जमानत, अदालत ने की खारिज
Thu, 29 Jan 2026 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 29 Jan 2026 01:40 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। दुराचार के आरोपी की चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए दस दिन की जमानत याचिका को एडिशनल सेशन जज राजकुमार यादव की विशेष अदालत ने खारिज कर दिया है। वहीं दूसरे पक्ष ने दलील दी कि आरोपी पर गंभीर आरोप हैं।
अदालत में चल रहे अभियोग के अनुसार सोनीपत के मुरथल स्थित पिपली खेड़ा हाल लाधोट रोड अर्बन एस्टेट निवासी सागर ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। इसमें कहा कि उसकी चचेरी बहन (बुआ की बेटी) की शादी पांच फरवरी को है। आरोपी के पिता अब नहीं रहे।
उसके परिवार में केवल तीन सदस्य हैं। इसमें उसकी मां, छोटा भाई और खुद है। छोटे भाई का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है। भात भराई, कन्यादान, विदाई जैसी रस्मों को पूरा करने के लिए मामा की उपस्थिति पवित्र मानी जाती है। लड़की के मामा अब नहीं रहे, इसलिए भात आदि की रस्में सागर को करनी हैं।
विज्ञापन
वहीं अभियोजन पक्ष द्वारा दायर जवाब में कहा गया कि आरोपी के परिवार में अन्य सदस्य विभिन्न रस्मों को पूरा करने के लिए उपलब्ध हैं। आरोपी को यदि अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाता है तो उसके फरार होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
अदालत में चल रहे अभियोग के अनुसार सोनीपत के मुरथल स्थित पिपली खेड़ा हाल लाधोट रोड अर्बन एस्टेट निवासी सागर ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। इसमें कहा कि उसकी चचेरी बहन (बुआ की बेटी) की शादी पांच फरवरी को है। आरोपी के पिता अब नहीं रहे।
विज्ञापन
उसके परिवार में केवल तीन सदस्य हैं। इसमें उसकी मां, छोटा भाई और खुद है। छोटे भाई का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है। भात भराई, कन्यादान, विदाई जैसी रस्मों को पूरा करने के लिए मामा की उपस्थिति पवित्र मानी जाती है। लड़की के मामा अब नहीं रहे, इसलिए भात आदि की रस्में सागर को करनी हैं।
विज्ञापन
वहीं अभियोजन पक्ष द्वारा दायर जवाब में कहा गया कि आरोपी के परिवार में अन्य सदस्य विभिन्न रस्मों को पूरा करने के लिए उपलब्ध हैं। आरोपी को यदि अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाता है तो उसके फरार होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।