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Jhajjar-Bahadurgarh News: गुलिया खाप का शाही पलंग ''समाधान मंच'' पहुंचा सोंधी चबूतरे पर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 02:04 AM IST
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The Guliya Khaps royal cota platform for resolution has arrived at the Sondhi Chabutra.

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संवाद न्यूज एजेंसी
बादली (बहादुरगढ़)। गुलिया खाप का ऐतिहासिक शाही पलंग दशहरा पर्व पर सोंधी गांव के चबूतरे पर पहुंच गया है। खाप प्रधान सुनील गुलिया ने इसका नामकरण ''''समाधान मंच'''' किया है। अब खाप इस मंच पर बैठकर सामाजिक और ऐतिहासिक निर्णय लेगी।
इस भव्य पलंग को सोंधी गांव के सरपंच गोविंद ने भेंट किया है। यह पलंग 18 फीट 3 इंच लंबा और 9 फीट 3 इंच चौड़ा है। इसे हांसी जिले के गांव ढाणा खुर्द में तैयार कराया गया था। गुलिया खाप के सदस्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ इसे लेने ढाणा खुर्द पहुंचे थे। प्रधान सुनील गुलिया ने ढाणा खुर्द में हुए स्वागत की सराहना की। मंगलवार को बच्चों ने भी इस शाही पलंग पर बैठकर खूब आनंद लिया।
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सुनील गुलिया ने बताया कि समाधान मंच की वर्तमान ऊंचाई 4 फीट 6 इंच है जिसे 2 से 3 फीट और बढ़ाया जाएगा। बुजुर्गों के आसानी से बैठने के लिए सीढ़ियां भी बनाई जाएंगी। गुरुग्राम से कलाकार बुलाकर इस पर अतिरिक्त कलाकृति और नक्काशी कराई जाएगी।
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इस अवसर पर एचडी ग्रुप डायरेक्टर एवं खाप सचिव रमेश गुलिया, सतगामा प्रधान धर्मपाल, सोंधी के सरपंच गोविंद सिंह, खजान सोंधी, फर्रुखनगर गोशाला के प्रधान बिजेंद्र गुलिया, भागमल, ओम प्रधान, सुमेर, अमरजीत याकूबपुर, सरपंच मलखान निमाणा, सरपंच प्रदीप कलोई, महाशय सत्यनारायण, हिम्मत थानेदार आदि उपस्थित रहे।
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ट्राॅली से नहीं उतारा जा सका पलंग, क्रेन की व्यवस्था में जुटी खाप
शाही पलंग का वजन बहुत अधिक होने के कारण उसे ट्राॅली से नहीं उतारा जा सका। क्रेन या अन्य साधन उपलब्ध नहीं होने के चलते ट्राॅली को ही भवन के अंदर परिसर में खड़ा कर दिया गया है। खाप जल्द ही क्रेन मंगवाकर पलंग को विधिवत चबूतरे पर स्थापित करेगी।

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वास्तु और इतिहास का संगम है शाही पलंग
इस पलंग को बनाते समय वास्तु शास्त्र का विशेष ध्यान रखा गया है। इस पर चौपड़ खेल की आकृति बनाई गई है। पलंग पर चक्रव्यूह की रचना भी है। यह रचना दर्शाती है कि महाभारत में अभिमन्यु कैसे चक्रव्यूह में फंसे थे। यह कलाकृति युवाओं को इतिहास से जोड़ने का प्रतीक बनेगी।
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