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सरकार की मियाद होती है किसान के हौसले की कोई मियाद नहीं : टिकैत

Sat, 06 Mar 2021 02:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 06 Mar 2021 02:46 AM IST
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The government has a period of no time for the encouragement of the farmer: Tikait
- ढांसा बॉर्डर पर किसानों के साथ बैठकर भोजन करते राकेश टिकैत। - फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़/बादली। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत शुक्रवार को टीकरी और ढांसा बॉर्डर पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों को संबोधित किया। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को इस धोखे में नहीं रहना चाहिए कि लंबे समय तक बातचीत नहीं करने से किसान आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार की मियाद होती है, किसान के हौसले की कोई मियाद नहीं है।
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इस मौके उन्होंने कहा वह किसान संगठन नेताओं के साथ पश्चिम बंगाल में किसानों को जागरूक करेेंगे और उनको भाजपा क ी असलियत बताएंगे। देशभर के किसान जाग रहे हैं। भाजपा के हर मुख्यमंत्री का हाल मनोहर लाल जैसा ही हो जाएगा। उनके हैलिकॉप्टर भी हवा में ही उड़ते रह जाएंगे। एमएसपी के लिए लड़ाई है और उसे हर हाल में जीतेंगे। किसान आंदोलन में विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका नहीं निभाई। धरनों पर कहीं भी विपक्षी पार्टियों के टेंट दिखाई नहीं देते।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि बिल वापसी तक किसान धरने पर बैठे रहेंगे। केएमपी जाम किए जाने को लेकर वह बोले, इसके अलावा रास्ता भी क्या बचा है। उन्होंने कहा कि वहां की सरकार चाहे जो कार्रवाई करे मध्य प्रदेश किसान महापंचायत में वह जरूर जाएंगे। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सरकार से बात करने के लिए तैयार होने के बयान पर टिकैत ने कहा कि दुष्यंत को रोका किसने है। जाकर प्रधानमंत्री से बात कर लीजिए। असलियत ये है कि दुष्यंत चौटाला भी सरकार के दबाव में हैं। उनके हाथ में कुछ भी नहीं है। विधायक बलराज कुंडू के ठिकानों पर इनकम टैक्स की रैड को लेकर टिकैत ने जवाब दिया कि सरकार ये सारी चीजें तो जरूर करेगी।
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उन्होंने मंच से नारा दिया-किसान था, किसान है और रहेगा। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की मंडी में किसान अपना अनाज लेकर जाएं और एमएसपी पर खरीद नहीं हो तो वहीं पर टेंट लगाकर बैठ जाएं। सरकार ग्रामीणों को भड़काने का प्रयास कर रही है लेकिन किसान और ग्रामीण सरकार की मंशा जान चुके हैं।

बॉर्डर पर पहुंचने पर गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली ने उनका पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। राकेश टिकैत ने बॉर्डर पर बनाई गई झोपड़ी में बैठकर भोजन किया। इस अवसर पर किसानों को दिल्ली किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, राम निवास यादव, जयप्रकाश बेनीवाल, नफे सिंह मास्टर प्रधान सतगमा सुरहा, हिम्मल पहलवान, अजय मालिकपुर, एडवोकेट सतबीर गुलिया, प्रीतम कुकड़ोला, रामकुमार सोलंकी पालम 360, सुदेश सांगवान, अनार सिंह नंबरदार डावला और सरजीत गुलिया ने भी संबोधित किया।
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