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Jhajjar-Bahadurgarh News: पिता डीसीपी से हाथ जोड़कर बोले-मेरा बेटा तो गया, दूसरों के बच्चों को बचाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Dec 2025 02:11 AM IST
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The father, with folded hands, pleaded with the DCP, "My son is gone, but please save other people's children."
20jjrp03- मृतक दीपांशु के पिता सोमबीर अपनी बात डीसीपी क्राइम अमित दहिया के सामने रखते। संवाद
झज्जर। रोहतक के रिटोली में हुई गैंगवार में मारे गए महराणा निवासी दीपांशु के पिता सोमबीर पोस्टमार्टम के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने डीसीपी क्राइम अमित दहिया के सामने हाथ जोड़कर कहा कि मेरा बेटा तो चला गया लेकिन गांव के दूसरे बेटों को बचा लीजिए। गांव में माहौल ठीक नहीं हैं।
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गांव में ऐसी कई बैठकें होती हैं जिनमें 20 साल से कम उम्र के बच्चों को बहकाया जा रहा है। यदि प्रशासन गंभीर हो जाए तो गांव का उद्धार हो जाएगा। कुछ अपराधी किस्म के लोग बच्चों को प्यार से बोलकर घर से लेकर जाते हैं और गैंग में शामिल किया जा रहा है।
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प्रशासन कम से कम मेरे गांव के बच्चों को बचाए। मेरा लड़का चला गया लेकिन किसी और का बच्चा ना जाए। उन्होंने डीसीपी से गांव का दौरा करने की मांग रखी।

पिता बोले-भाऊ गैंग से जुड़ने की नहीं जानकारी
पिता ने बताया कि उनको नहीं पता कि दीपांशु कब भाऊ गैंग से जुड़ा। इस समय वह गांव के सरकारी स्कूल से बारहवीं कर रहा था। जब भी वह शाम को ड्यूटी से आते थे तो वह घर पर मिलता था।
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पुराने केस का भी एक साल बाद पता लगा
पिता ने बताया कि उनको दीपांशु पर चल रहे एक केस के बारे में एक साल बाद पता लगा था। उसमें भी जब भी उसकी पेशी होती थी तो वह शादी में जाने की बात कहकर झूठ बोलकर चला जाता था। उसके साथी ही उसे लेकर जाते थे।

जब उनको दीपांशु के गलत रास्ते पर पड़ने के बारे में पता चला तो उसे समझाया गया। उसने कहा था कि पिताजी आगे से वह ये काम नहीं करेगा।

घर से शिमला घूमने जाने की कहकर गया था दीपांशु
पिता से बताया कि दीपांशु 13 दिसंबर शनिवार को घर से शिमला दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाने की बात कहकर गया था। दो दिन पहले दीपांशु ने अपनी मां को फोन पर कहा था कि मैं शुक्रवार को आ जाऊंगा। हमने 19 दिसंबर तक इंतजार किया। फिर गांव के रिंकू ने बताया कि उसका एक्सीडेंट हुआ हैं लेकिन बाद में पता चला कि दीपांशु को गोली लगी है।
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