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Jhajjar-Bahadurgarh News: 101 स्वास्थ्य संस्थाओं को एनक्यूएएस मानकों पर खरा उतारने का लक्ष्य
Wed, 24 Jul 2024 06:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 24 Jul 2024 06:45 AM IST
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सिविल सर्जन डॉ ब्रह्मदीप सिंह।
झज्जर। जिले की शत-प्रतिशत स्वास्थ्य संस्थाओं को इस वित्तीय वर्ष में एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) मानकों पर खरा उतारने का काम किया जाएगा। जिले में अब तक कुल 13 स्वास्थ्य संस्थाएं इस पर खरी उतरी हैं, बाकी बची 101 स्वास्थ्य संस्थाओं को भी एनक्यूएएस के मानकों पर खरा उतारा जाएगा।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को मोटे तौर पर 8 बिंदुओं के तहत व्यवस्थित किया गया है, जिसमें सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायता सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम को शामिल किया गया है। हाल ही में धारौली और खेड़ी खुम्मार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टेंडर्ड (एनक्वास) की मान्यता मिली है। धारौली को एनक्वास की ओर से 85.77 प्रतिशत का स्कोर एनक्वास से मिला है। साथ ही पहली बार जिले के खेड़ी खुम्मार स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आयुष्मान आरोग्य मंदिर को भी तीन वर्ष की एनक्वास की मान्यता मिली है और आयुष्मान आरोग्य मंदिर खेड़ी खुम्मार का स्कोर 89.53 प्रतिशत रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए तिमाही योजना तैयार की गई है। यानी हर तीन माह में 20 से 25 सेंटरों को एनक्वास से मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा।
अब तक 12 सेंटरों को मिली मान्यता
जिले में अब 12 सेंटरों को एनक्वास से मान्यता मिली है। इसमें पीएचसी सल्हावास, छुछकवास, सिलानी, पटौदा, जहांगीरपुर, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाकरा, सोंधी, अहरी, चिमनी, धराना, धारौली और खेड़ी खुम्मार को एनक्वास के तहत मान्यता मिल चुकी है।
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वर्जन
वित्त वर्ष 2024-25 में जिले की 101 संस्थाओं को एनक्वास सर्टिफाइड करवाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थाओं का चयन कर लिया गया है। शीघ्र ही उन संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूर्ण कर दिया जाएगा।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
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राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को मोटे तौर पर 8 बिंदुओं के तहत व्यवस्थित किया गया है, जिसमें सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायता सेवाएं, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन और परिणाम को शामिल किया गया है। हाल ही में धारौली और खेड़ी खुम्मार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टेंडर्ड (एनक्वास) की मान्यता मिली है। धारौली को एनक्वास की ओर से 85.77 प्रतिशत का स्कोर एनक्वास से मिला है। साथ ही पहली बार जिले के खेड़ी खुम्मार स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आयुष्मान आरोग्य मंदिर को भी तीन वर्ष की एनक्वास की मान्यता मिली है और आयुष्मान आरोग्य मंदिर खेड़ी खुम्मार का स्कोर 89.53 प्रतिशत रहा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए तिमाही योजना तैयार की गई है। यानी हर तीन माह में 20 से 25 सेंटरों को एनक्वास से मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा।
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अब तक 12 सेंटरों को मिली मान्यता
जिले में अब 12 सेंटरों को एनक्वास से मान्यता मिली है। इसमें पीएचसी सल्हावास, छुछकवास, सिलानी, पटौदा, जहांगीरपुर, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाकरा, सोंधी, अहरी, चिमनी, धराना, धारौली और खेड़ी खुम्मार को एनक्वास के तहत मान्यता मिल चुकी है।
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वित्त वर्ष 2024-25 में जिले की 101 संस्थाओं को एनक्वास सर्टिफाइड करवाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थाओं का चयन कर लिया गया है। शीघ्र ही उन संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूर्ण कर दिया जाएगा।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर