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Jhajjar-Bahadurgarh News: स्पा की आड़ में चल रही भ्रूण लिंग जांच, झज्जर-दिल्ली संयुक्त पीएनडीटी टीम ने दो आरोपी दबोचे
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झज्जर। दिल्ली में स्पा की आड़ में अवैध भ्रूण लिंग जांच का धंधा चल रहा था। झज्जर-दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिल्ली के संतगढ़, तिलक नगर स्थित द लूक स्पा में रोमा नामक महिला व कुलदीप को भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
यहां झज्जर व आसपास के क्षेत्रों से आने वाली गर्भवतियों की भ्रूण लिंग जांच होती थी। योजना बनाकर एक गर्भवती महिला व सुरेंद्र नामक व्यक्ति को नकली पति के रूप में प्रलोभन ग्राहक बनाया। सुरेंद्र ने रोमा से फोन पर लिंग जांच की डील तय की जिसमें कुल 1,50,000 रुपये की मांग की गई।
इसमें 1,00,000 रुपये पहले और बाकी 50,000 रुपये जांच के बाद देने की बात तय हुई। झज्जर टीम प्रलोभन ग्राहक को 5 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे दिल्ली लेकर पहुंची जहां वेस्ट दिल्ली पीसी-पीएनडीटी टीम ने उन्हें जॉइन किया। इसमें नोडल अधिकारी डॉ. लीना राउत व तहसीलदार आर्येन्दु अंबेश शामिल थे।
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प्रलोभन ग्राहक को 1,00,000 रुपये की नंबर युक्त करेंसी उपलब्ध करवाई गई। लगभग साढ़े नौ बजे ग्राहक द लूक स्पा में पहुंचे और रोमा को नगद राशि दी। कुछ समय बाद कुलदीप नामक व्यक्ति बाइक पर स्पा पहुंचा और अल्ट्रासोनिक फिटल डॉपलर मशीन से गर्भ की जांच की।
कुलदीप ने रिपोर्ट सामान्य बताते हुए गर्भपात न कराने की सलाह दी जबकि उसकी सहयोगी राखी ने लड़का होने की पुष्टि की। जांच के बाद कुलदीप मशीन को टी-शर्ट में छिपाकर बाहर निकलने लगा तभी पीएनडीटी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और कब्जे से डॉपलर मशीन बरामद कर ली।
इसके बाद कुलदीप और रोमा से पूछताछ की। तलाशी के दौरान रोमा के कब्जे से 1,00,000 रुपये भी बरामद किए गए।
छापेमारी व जब्ती की कार्रवाई के बाद स्थानीय थाना तिलक नगर पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों आरोपियों रोमा व कुलदीप को पुलिस के सुपुर्द किया गया। संयुक्त टीम ने आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई।
डीसी व सिविल सर्जन ने दी टीम को बधाई
जिला उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटील व सिविल सर्जन झज्जर डॉ. मंजू कादयान ने लिंग जांच गिरोह के खिलाफ की गई इस सफल संयुक्त कार्रवाई पर पीएनडीटी टीम और पुलिस विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से समाज में स्पष्ट संदेश जाता है कि लिंग जांच जैसे अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जिला प्रशासन बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
915 लड़कियों ने लिया जन्म
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि झज्जर में पिछले वर्ष 1,000 लड़कों की तुलना में मात्र 915 लड़कियों ने जन्म लिया। लड़के की चाह में हम न केवल सामाजिक संतुलन बिगाड़ रहे हैं बल्कि कई बार गर्भ में लड़की होने पर अवैध गर्भपात कराने वाले गिरोह गर्भवती महिलाओं की जान से भी खिलवाड़ करते हैं। इस कारण कई महिलाओं को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। बिना लड़कियों के भविष्य के समाज की कल्पना संभव नहीं है। हमें इस रूढ़िवादी सोच से आगे बढ़कर लड़का और लड़की को समान दृष्टि से देखना होगा।
अभियान में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
जिला समुचित प्राधिकरण, झज्जर के निर्देशानुसार डॉ. संदीप कुमार (नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी), डॉ. बसंत कुमार दुबे, डॉ. नेहा, विनोद कुमार, जयबीर व प्रदीप कुमार की एक विशेष टीम गठित की गई। झज्जर पुलिस विभाग से हेड कांस्टेबल रीना, कांस्टेबल कुमारी सोनू, कांस्टेबल भगत सिंह और पीएसआई सतबीर भी इस अभियान में शामिल रहे।
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यहां झज्जर व आसपास के क्षेत्रों से आने वाली गर्भवतियों की भ्रूण लिंग जांच होती थी। योजना बनाकर एक गर्भवती महिला व सुरेंद्र नामक व्यक्ति को नकली पति के रूप में प्रलोभन ग्राहक बनाया। सुरेंद्र ने रोमा से फोन पर लिंग जांच की डील तय की जिसमें कुल 1,50,000 रुपये की मांग की गई।
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इसमें 1,00,000 रुपये पहले और बाकी 50,000 रुपये जांच के बाद देने की बात तय हुई। झज्जर टीम प्रलोभन ग्राहक को 5 फरवरी की सुबह लगभग 9 बजे दिल्ली लेकर पहुंची जहां वेस्ट दिल्ली पीसी-पीएनडीटी टीम ने उन्हें जॉइन किया। इसमें नोडल अधिकारी डॉ. लीना राउत व तहसीलदार आर्येन्दु अंबेश शामिल थे।
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प्रलोभन ग्राहक को 1,00,000 रुपये की नंबर युक्त करेंसी उपलब्ध करवाई गई। लगभग साढ़े नौ बजे ग्राहक द लूक स्पा में पहुंचे और रोमा को नगद राशि दी। कुछ समय बाद कुलदीप नामक व्यक्ति बाइक पर स्पा पहुंचा और अल्ट्रासोनिक फिटल डॉपलर मशीन से गर्भ की जांच की।
कुलदीप ने रिपोर्ट सामान्य बताते हुए गर्भपात न कराने की सलाह दी जबकि उसकी सहयोगी राखी ने लड़का होने की पुष्टि की। जांच के बाद कुलदीप मशीन को टी-शर्ट में छिपाकर बाहर निकलने लगा तभी पीएनडीटी टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और कब्जे से डॉपलर मशीन बरामद कर ली।
इसके बाद कुलदीप और रोमा से पूछताछ की। तलाशी के दौरान रोमा के कब्जे से 1,00,000 रुपये भी बरामद किए गए।
छापेमारी व जब्ती की कार्रवाई के बाद स्थानीय थाना तिलक नगर पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों आरोपियों रोमा व कुलदीप को पुलिस के सुपुर्द किया गया। संयुक्त टीम ने आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई।
डीसी व सिविल सर्जन ने दी टीम को बधाई
जिला उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटील व सिविल सर्जन झज्जर डॉ. मंजू कादयान ने लिंग जांच गिरोह के खिलाफ की गई इस सफल संयुक्त कार्रवाई पर पीएनडीटी टीम और पुलिस विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से समाज में स्पष्ट संदेश जाता है कि लिंग जांच जैसे अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जिला प्रशासन बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
915 लड़कियों ने लिया जन्म
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादयान ने बताया कि झज्जर में पिछले वर्ष 1,000 लड़कों की तुलना में मात्र 915 लड़कियों ने जन्म लिया। लड़के की चाह में हम न केवल सामाजिक संतुलन बिगाड़ रहे हैं बल्कि कई बार गर्भ में लड़की होने पर अवैध गर्भपात कराने वाले गिरोह गर्भवती महिलाओं की जान से भी खिलवाड़ करते हैं। इस कारण कई महिलाओं को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। बिना लड़कियों के भविष्य के समाज की कल्पना संभव नहीं है। हमें इस रूढ़िवादी सोच से आगे बढ़कर लड़का और लड़की को समान दृष्टि से देखना होगा।
अभियान में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
जिला समुचित प्राधिकरण, झज्जर के निर्देशानुसार डॉ. संदीप कुमार (नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी), डॉ. बसंत कुमार दुबे, डॉ. नेहा, विनोद कुमार, जयबीर व प्रदीप कुमार की एक विशेष टीम गठित की गई। झज्जर पुलिस विभाग से हेड कांस्टेबल रीना, कांस्टेबल कुमारी सोनू, कांस्टेबल भगत सिंह और पीएसआई सतबीर भी इस अभियान में शामिल रहे।