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पूरे एहतियात के साथ तीन घंटे खुले स्कूल, एक फीसदी से भी कम पहुंचे विद्यार्थी

Mon, 21 Sep 2020 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 11:54 PM IST
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Schools open three hours with full precaution, less than one percent of students arrived
सरकार के आदेश के बाद सोमवार से शहर के सरकारी व निजी स्कूल 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए खुल गए हैं। पूरी एहतियात के साथ बच्चों का स्कूलों में प्रवेश करवाया गया। करीब तीन घंटे खुले स्कूल में आज सिर्फ वे विद्यार्थी पहुंचे जिन्होंने पढ़ाई में आ रही कठिनाइयों का हल जानना था। हालांकि स्कूलों में पहले दिन एक फीसदी से भी कम छात्र पहुंचे। स्कूलों में विद्यार्थियों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। सभी का मास्क पहनना अनिवार्य किया गया। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि उनके लिए अपने बच्चों पहले हैं, पढ़ाई बाद में। कोरोना काल में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजकर कोई खतरा नहीं उठाना चाहते।
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अभिभावकों की प्रतिक्रिया
माडल टाउन निवासी सुनीता शर्मा की बेटी हंसिका सेंट थामस स्कूल में 9वीं कक्षा और बेटा संयम डीएवी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता है। अपने बच्चों को स्कूल भेजने न भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्कूल अध्यापकों के प्रयासों के बावजूद स्कूली बच्चे पर्याप्त सोशल डिस्टेंस नहीं रखेंगे, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। इसलिए फिलहाल उनका अपने बच्चों को स्कूल भेजने का कोई इरादा नहीं है।
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लाइन पार निवासी रेखा की बेटी कशिश व बेटा दक्ष नवयुक स्कूल में पढ़ते हैं। रेखा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन ने उनकी बेटी को स्कूल भेजने की सहमति मांगी थी, लेकिन फिलहाल वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भजेंगी, इसलिए उन्होंने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। रेखा का कहना है कि करीब छह महीने से उनके बच्चे घर में पढ़ रहे हैं तो आगे भी हालात ठीक होने तक पढ़ लेंगे।
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शिक्षकों का कराया जा रहा कोरोना टेस्ट
शहर में सबसे ज्यादा छात्र संख्या वाले एसआर सेंचुरी स्कूल ने सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार सभी तैयारियां की गई हैं। मेन गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजेशन, फेस मास्क की अनिवार्यता और सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखा गया। प्राचार्य वीएन झा ने बताया कि सभी अध्यापकों का कोरोना टेस्ट करवाया गया है। लॉकडाउन के बाद सोमवार को खुले चार हजार से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल में सोमवार को 10 से भी कम विद्यार्थी पहुंचे।
सहमति के लिए अभिभावकों को दे दिए हैं फार्म
हरदयाल पब्लिक स्कूल की निदेशक अनुराधा यादव ने बताया कि उनके स्कूल में 500 में से 10 प्रतिशत से भी कम बच्चे आए। उन्होंने बताया कि अभिभावकों में कोरोना को डर है। फिलहाल वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। माडर्न स्कूल में पहले दिन कोई बच्चा नहीं पहुंचा। स्कूल निदेशक राकेश कोच ने बताया कि उन्होंने अभिभावकों को सूचित कर दिया था लेकिन अभी अभिभावकों की संक्रमण की आशंका दूर नहीं हुई है। राणा प्रताप स्कूल के सतीश शर्मा ने बताया कि उनके स्कूल में केवल दो विद्यार्थी आए। उन्हें अभिभावकों का सहमति पत्र लाने के लिए फार्म दे दिए गए।

एसएलसी लेने पहुंचे विद्यार्थी
शहर में रेलवे रोड स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य ओमप्रकाश सांगवान बताया कि सभी सावधानियों के साथ स्कूल खोला गया। सारे स्टाफ का कोरोना टेस्ट करवाया गया। विजय कुमार, चांदीराम, कप्तान सिंह, रवींद्र कुमार, सुनीता व सुशीला समेत 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी शिक्षक पहुंचे। पहले दिन 12वीं कक्षा पास करने वाले 10-12 बच्चे एसएलसी लेने के लिए ही स्कूल पहुंचे।
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