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Jhajjar-Bahadurgarh News: सड़कों पर उतरे सरपंच, लघु सचिवालय में प्रदर्शन

Thu, 29 Aug 2024 06:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 29 Aug 2024 06:00 AM IST
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Sarpanchs took to the streets, protested at the Mini Secretariat
28jjrp09 झज्जर लघु सचिवालय परिसर में डीसी को ज्ञापन देते ​हुए सरपंच एसोसिएशन के पदा​धिकारी ।स
झज्जर। बिसाहन गांव के सरपंच और बिजली कर्मचारियों के बीच हुए विवाद के मामले में अब सरपंच एसोसिएशन कूद पड़ी है। बुधवार को सरपंचों ने बिसाहन के सरपंच इंद्र जीत सिंह के समर्थन में शहर में प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। डीसी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
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गोधड़ी के सरपंच मनबीर, लुकसर सरपंच कौशल्या, बिरधाना सरपंच मनजीत, अमित, योगिता, संदीप, जसप्रीत सिंह, मनजीत, इंद्रजीत सुहाग ने डीसी को दिए ज्ञापन में कहा है कि बिसाहन गांव के सरपंच व उनके पुत्रों की गलती न होने के बावजूद पुलिस ने उनको जेल भेज दिया।21 अगस्त को सरपंच ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए बेरी धर्मशाला किराये पर लेकर कार्यालय खोला हुआ है। सभी कमरे किराये पर लिए हुए हैं। उनमें से एक कमरे में कुछ लोग रुके हुए थे। 21 अगस्त की रात को बिजली विभाग के कर्मचारी आए और कमरे के दरवाजे को खोलने के लिए कहा। अंदर ठहरे हुए लोग दूसरे राज्य के होने के कारण डर गए और दरवाजा नहीं खोला। इस पर बिजली कर्मचारियों ने अंदर कमरे में बैठे लोगों के साथ गाली-गलोच की और दरवाजा तोड़ने पर उतारु हो गए। अंदर बैठे लोगों ने इसकी सूचना सरपंच इंद्रजीत को दी। सरपंच इंद्रजीत अपने बेटों के साथ मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। सरपंच ने ही 112 पर कॉल करके पुलिस को बुलाया था और समझौता भी हो गया था। बाद में बिजली कर्मचारियों ने पुलिस में सरपंच व उनके बेटों के खिलाफ गलत शिकायत दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर सरंपच को बुलाकर जेल भेज दिया। सरपंचों ने कहा कि ऐसा कोई बड़ा गुनाह नहीं हुआ था कि जिस पर सरपंच को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में निष्पक्ष जांच करवाई जाए और कार्रवाई की जाए। डीसी ने उचित जांच का आश्वासन दिया। सरपंचों ने कहा कि झांसवा के सरपंच को भी गलत निलंबित किया गया है जबकि उसका पेड़ काटने में कोई हाथ नहीं है। डीसी ने कहा कि सरपंच को नोटिस दिया गया था, लेकिन कोई सबूत नहीं लगाए गए थे। यदि कोई सबूत है तो अपील कर सकता है।
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