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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक से सवा लाख वेतन, फिर भी सरकारी अस्पताल में आने को तैयार नहीं विशेषज्ञ
Fri, 12 Jul 2024 06:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 12 Jul 2024 06:36 AM IST
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झज्जर। स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। इस कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एनएचएम के तहत चिकित्सकों को अनुबंध पर रख रहा है। समस्या आ रही है कि विशेषज्ञ चिकित्सक सरकारी संस्थाओं में काम करने को ही तैयार नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सकों को एक से सवा लाख रुपये मासिक दे रहा है, लेकिन कोई आने को तैयार नहीं है। इसके पीछे सरकारी संस्थाओं में वेतन कम होना व निजी संस्थाओं में वेतन अधिक होना माना जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जून में एनएचएम के तहत अलग-अलग 19 विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए सूचना जारी की थी, लेकिन एक माह से ऊपर समय बीतने के बाद भी कोई आवेदन नहीं आया। विभाग ने बाकायदा भर्ती के लिए समय और स्थान भी निर्धारित कर रखे हैं। इसके बावजूद कोई चिकित्सक ज्वाइन करने को तैयार नहीं है। वहीं विभाग के कुछ खुद अधिकारी भी मानते हैं कि वेतन कम होने के कारण निजी चिकित्सक सरकारी संस्थाओं में काम करने को तैयार नहीं हैं। यहां उनको एक से सवा लाख वेतन दिया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में डेढ़ से दो लाख रुपये तक मिल जाते हैं।
6 मेडिकल ऑफिसर हो चुके नियुक्त
स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम के तहत 6 मेडिकल ऑफिसरों के पदों के लिए भी आवेदन मांगे थे। इनमें सभी पद भर दिए गए हैं। इनमें तीन मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में की गई है। इसके अलावा तीन मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट में की गई है। इन सभी को 65 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है।
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इन पदों के लिए मांगे गए थे आवेदन
स्वास्थ्य विभाग ने बहादुरगढ़ एसएनसीयू के लिए दो बाल रोग विशेषज्ञ, झज्जर और बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल के लिए 6 स्त्री रोग विशेषज्ञ, झज्जर और बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल के लिए 8 बाल रोग विशेषज्ञ, झज्जर व बहादुरगढ़ के लिए दो एनेस्थीसिया चिकित्सक, एक मनोचिकित्सक के लिए आवेदन मांगे थे।
एनएचएम के तहत 19 विशेषज्ञ चिकित्सक और 6 मेडिकल ऑफिसरों के लिए आवेदन मांगे थे। विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। 6 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति कर दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया है।
- डॉ. शैलेंद्र डोगरा, उप सिविल सर्जन, झज्जर
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जिला स्वास्थ्य विभाग ने जून में एनएचएम के तहत अलग-अलग 19 विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए सूचना जारी की थी, लेकिन एक माह से ऊपर समय बीतने के बाद भी कोई आवेदन नहीं आया। विभाग ने बाकायदा भर्ती के लिए समय और स्थान भी निर्धारित कर रखे हैं। इसके बावजूद कोई चिकित्सक ज्वाइन करने को तैयार नहीं है। वहीं विभाग के कुछ खुद अधिकारी भी मानते हैं कि वेतन कम होने के कारण निजी चिकित्सक सरकारी संस्थाओं में काम करने को तैयार नहीं हैं। यहां उनको एक से सवा लाख वेतन दिया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में डेढ़ से दो लाख रुपये तक मिल जाते हैं।
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6 मेडिकल ऑफिसर हो चुके नियुक्त
स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम के तहत 6 मेडिकल ऑफिसरों के पदों के लिए भी आवेदन मांगे थे। इनमें सभी पद भर दिए गए हैं। इनमें तीन मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में की गई है। इसके अलावा तीन मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट में की गई है। इन सभी को 65 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है।
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इन पदों के लिए मांगे गए थे आवेदन
स्वास्थ्य विभाग ने बहादुरगढ़ एसएनसीयू के लिए दो बाल रोग विशेषज्ञ, झज्जर और बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल के लिए 6 स्त्री रोग विशेषज्ञ, झज्जर और बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल के लिए 8 बाल रोग विशेषज्ञ, झज्जर व बहादुरगढ़ के लिए दो एनेस्थीसिया चिकित्सक, एक मनोचिकित्सक के लिए आवेदन मांगे थे।
एनएचएम के तहत 19 विशेषज्ञ चिकित्सक और 6 मेडिकल ऑफिसरों के लिए आवेदन मांगे थे। विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। 6 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति कर दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया है।
- डॉ. शैलेंद्र डोगरा, उप सिविल सर्जन, झज्जर