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खेल प्रेमियों ने पलकों पर बैठाकर किया रियो स्टार साक्षी का स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो, झज्जर
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:42 PM IST
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साक्षी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खेल प्रेमियों ने पलकों पर बैठाकर किया रियो स्टार साक्षी का स्वागत
बहादुरगढ़। रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली लाडो साक्षी को बुधवार को राज्य सरकार ने सम्मान दिया तो वहीं प्रदेश के लोगों ने उन्हें अपनी पलकों पर बिठा लिया। पदक जीतकर पहली बार अपने प्रदेश में लौट रही इस बेटी के दीदार के लिए बच्चा हो या बूढ़ा हर कोई आतुर दिखा। हर कोई साक्षी के जज्बे को सलाम कर रहा था।
रियो ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक के स्वागत को लेकर बुधवार सुबह से ही गेटवे ऑफ हरियाणा (बहादुरगढ़) में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। पूरे प्रदेश के जिलों से लोग साक्षी का स्वागत करने के लिए पहुंचे थे। राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पहले टीकरी बार्डर से ही पहलवान साक्षी का अभिनंदन शुरू हो गया। बीच में कई जगह लोगों ने फूल-मालाओं से साक्षी का स्वागत किया, उसे बधाई दी। राज्य की ओर से सेक्टर-6 सामुदायिक केंद्र में साक्षी के स्वागत के लिए काफी लोग मौजूद थे। साक्षी आई.. और तमाम लोगों ने खड़े होकर देश की इस बेटी को सलाम किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने साथ वाली कुर्सी पर साक्षी को बैठाया और बेहद स्नेह के साथ दुलार किया। साक्षी ने मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के साथ ही नाश्ता किया।
देश का मान बढ़ाया : सीएम
साक्षी के अभिनंदन के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षी की उपलब्धि को शब्दों में बखान नहीं किया जा सकता। जब देश मेडल के लिए जूझ रहा था तब साक्षी और पीवी सिंधु आगे आई और देश का मान बढ़ाया। इन बेटियों ने रक्षाबंधन पर देश को अनमोल तोहफा दिया। साक्षी न केवल खेल बल्कि महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। देश-प्रदेश की दूसरी बेटियां भी साक्षी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार साक्षी के अभिभावक, कोच, मोखरा गांव, जिला, प्रदेश और उन तमाम लोगों का अभिनंदन करती है, जिन्होंने साक्षी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
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1000 कोच की होगी भर्ती
सीएम मनोहरलाल ने कहा कि राज्य सरकार की भरपूर कोशिश है कि प्रदेश के खेल और खिलाड़ी दुनिया में अपनी खास पहचान कायम करें। राज्य में खिलाड़ियों को अधिक सुविधाएं देने के लक्ष्य से अनेक महत्वाकांक्षी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही राज्य में 1000 कोचों की भर्ती की जाएगी। खेल शिक्षक एवं योग शिक्षक भी राज्य सरकार भर्ती कर रही है। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा। प्रतिभाओं की पहचान कर शुरुआत में ही खेलों निपुण किया जा सके। इसके लिए पांच से दस वर्ष एवं 10 से 18 वर्ष ग्रुप के प्रतिभावान खिलाड़ियों को निपुण किया जाएगा।
मुस्कुराती रही साक्षी
समारोह के दौरान साक्षी मुस्कुराती रही। साक्षी की इस निश्छल हंसी के लोग कायल हो गए। सरकार द्वारा दिए गए सम्मान पर साक्षी ने आभार जताया और सपोर्ट करने पर जनता का दिल से धन्यवाद किया। साक्षी ने कहा कि ओलंपिक में जीत दर्ज करना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है। मेरी ये जीत हरेक उस भारतीय की है, जो उनसे उम्मीदें कर रहे थे। सफर अभी यहीं पर खत्म नहीं हो जाता, वह देश के लिए खेल जारी रखेगी और जीतेगी। उन्होंने समारोह स्थल में पहुंचे युवाओं को मन लगाकर पढ़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया।
साक्षी देगी प्रेरणा : विधायक
विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि साक्षी ने देश का नाम रोशन किया है। इसलिए सरकार भी साक्षी के सम्मान में पीछे नहीं रही। साक्षी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। राज्यवासी साक्षी से प्रेरणा लेंगे और यह मुहिम अब और तेजी पकड़ेगी। साक्षी से प्रेरणा लेकर और साक्षी पैदा होंगी।
तिरंगा भेंट किया
स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने गई बहादुरगढ़ की देशभक्त टोली ने भी साक्षी का सम्मान किया। वीरेंद्र बुल्लड़, अनिल प्रधान और छोटूराम धर्मशाला के प्रधान सज्जन सिंह दलाल ने साक्षी को वो तिरंगा भेंट किया जो इन्होंने लाल चौक पर फहराया था। बुल्लड़ पहलवान ने कहा कि साक्षी ने पूरे विश्व में तिरंगे का मान बढ़ाया है। साक्षी की यह उपलब्धि हमेशा याद की जाएगी।
यह तो केवल शुुरुआत : आर्य
कुश्ती कोच आर्य वीरेंद्र ने कहा कि उन्होंने साक्षी को खेलते देखा है। साक्षी ने बचपन से ही कठिन तपस्या की है। वह बेहद प्रतिभाशाली और जुझारू पहलवान है। वह केवल इतने में ही सब्र नहीं करेगी। यह तो केवल शुरुआत है, उन्हें पूरा यकीन है कि साक्षी आगे भी देश का नाम रोशन करेगी। धन्य हैं ऐसे मां-बाप जिसने साक्षी जैसी बेटी को जन्म दिया।
उभरते खिलाड़ी भी पहुंचे
साक्षी का स्वागत था, इसलिए स्वाभाविक था कि खिलाड़ियों की उपस्थिति ज्यादा होगी। खासकर पहलवान तो बेहद ज्यादा थे। हरेक पहलवान की जुबां पर साक्षी-साक्षी था। पहलवान प्रदीप देशवाल, जितेंद्र, मोहित और मनीष आदि ने कहा कि साक्षी ने केवल एक मेडल नहीं जीता बल्कि कुश्ती को संजीवनी दी है। कुश्ती में देश को पदक मिला, कुश्ती प्रेमियों को इससे बड़ी कुछ खुशी हो ही नहीं सकती। जब हरियाणा की साक्षी ने पदक जीता है तो यह खुशी दस गुणा बढ़ गई। हम भी साक्षी से प्रेरणा लेकर जी जान से अभ्यास करेंगे।
महिलाएं भी उत्साहित
साक्षी के दीदार के लिए महिलाएं विशेषतौर पर उत्साहित थीं। सड़क से लेकर समारोह स्थल पर महिलाओं की उपस्थिति काफी रही। हरेक महिला साक्षी के गुण गा रही थी। कार्यक्रम में उपस्थित साक्षी की मां सुदेश भी बेटी की उपलब्धि पर फूली नहीं समा रही थी। महिलाएं भी यह देखना चाहती थी कि राज्य का मान बढ़ाने वाली इस लाडली को किसने जन्म दिया।
हर जगह जय जयकार
साक्षी मलिक का दिल्ली से हरियाणा प्रदेश में प्रवेश करने पर टिकरी बार्डर पर स्थानीय खेल प्रेमियों ने गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। टिकरी बार्डर से सेक्टर- 9 मोड़, बस स्टैंड रोड, झज्जर मोड़ होते हुए साक्षी मलिक का विजयी जलूस सेक्टर-6 स्थित सामुदायिक केंद्र पहुंचा। जहां सम्मान समारोह उपरांत गांव सांखौल से होते हुए साक्षी मलिक के जय जयकार के साथ आसौदा, रोहद होते हुए रोहतक जिले में प्रवेश किया।
आटो ग्राफ और सेल्फी की होड़
रियो की इस स्टार खिलाड़ी के साथ सेल्फी व आटोग्राफ लेने के प्रति लोगों में काफी क्रेज दिखा। स्कूली छात्राएं, युवा खिलाड़ी साक्षी का आटोग्राफ लेने के लिए लाइन में लग गए। उधर, आमजन हो या राजनीति से संबंधित कोई व्यक्ति जिस-जिस का मौका लगा वह सेल्फी लेने से नहीं चूका।
ये रहा साक्षी का कार्यक्रम
टीकरी बार्डर प्रवेश : 8 बजकर 50 मिनट
आटो मार्केट बहादुरगढ़ : 9 बजे
सेक्टर-6 की पहली पुलिया : 9 बजकर 15 मिनट
समारोह स्थल (सामुदायिक केंद्र) : 9 बजकर 35 मिनट
समारोह से रोहतक के लिए प्रस्थान : 10 : 30 बजे
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बहादुरगढ़। रियो ओलंपिक में देश को पहला मेडल दिलाने वाली लाडो साक्षी को बुधवार को राज्य सरकार ने सम्मान दिया तो वहीं प्रदेश के लोगों ने उन्हें अपनी पलकों पर बिठा लिया। पदक जीतकर पहली बार अपने प्रदेश में लौट रही इस बेटी के दीदार के लिए बच्चा हो या बूढ़ा हर कोई आतुर दिखा। हर कोई साक्षी के जज्बे को सलाम कर रहा था।
रियो ओलंपिक में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक के स्वागत को लेकर बुधवार सुबह से ही गेटवे ऑफ हरियाणा (बहादुरगढ़) में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। पूरे प्रदेश के जिलों से लोग साक्षी का स्वागत करने के लिए पहुंचे थे। राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पहले टीकरी बार्डर से ही पहलवान साक्षी का अभिनंदन शुरू हो गया। बीच में कई जगह लोगों ने फूल-मालाओं से साक्षी का स्वागत किया, उसे बधाई दी। राज्य की ओर से सेक्टर-6 सामुदायिक केंद्र में साक्षी के स्वागत के लिए काफी लोग मौजूद थे। साक्षी आई.. और तमाम लोगों ने खड़े होकर देश की इस बेटी को सलाम किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने साथ वाली कुर्सी पर साक्षी को बैठाया और बेहद स्नेह के साथ दुलार किया। साक्षी ने मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के साथ ही नाश्ता किया।
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देश का मान बढ़ाया : सीएम
साक्षी के अभिनंदन के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षी की उपलब्धि को शब्दों में बखान नहीं किया जा सकता। जब देश मेडल के लिए जूझ रहा था तब साक्षी और पीवी सिंधु आगे आई और देश का मान बढ़ाया। इन बेटियों ने रक्षाबंधन पर देश को अनमोल तोहफा दिया। साक्षी न केवल खेल बल्कि महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। देश-प्रदेश की दूसरी बेटियां भी साक्षी से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार साक्षी के अभिभावक, कोच, मोखरा गांव, जिला, प्रदेश और उन तमाम लोगों का अभिनंदन करती है, जिन्होंने साक्षी को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
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सीएम मनोहरलाल ने कहा कि राज्य सरकार की भरपूर कोशिश है कि प्रदेश के खेल और खिलाड़ी दुनिया में अपनी खास पहचान कायम करें। राज्य में खिलाड़ियों को अधिक सुविधाएं देने के लक्ष्य से अनेक महत्वाकांक्षी कदम उठाए गए हैं। जल्द ही राज्य में 1000 कोचों की भर्ती की जाएगी। खेल शिक्षक एवं योग शिक्षक भी राज्य सरकार भर्ती कर रही है। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जाएगा। प्रतिभाओं की पहचान कर शुरुआत में ही खेलों निपुण किया जा सके। इसके लिए पांच से दस वर्ष एवं 10 से 18 वर्ष ग्रुप के प्रतिभावान खिलाड़ियों को निपुण किया जाएगा।
मुस्कुराती रही साक्षी
समारोह के दौरान साक्षी मुस्कुराती रही। साक्षी की इस निश्छल हंसी के लोग कायल हो गए। सरकार द्वारा दिए गए सम्मान पर साक्षी ने आभार जताया और सपोर्ट करने पर जनता का दिल से धन्यवाद किया। साक्षी ने कहा कि ओलंपिक में जीत दर्ज करना किसी भी खिलाड़ी का सपना होता है। मेरी ये जीत हरेक उस भारतीय की है, जो उनसे उम्मीदें कर रहे थे। सफर अभी यहीं पर खत्म नहीं हो जाता, वह देश के लिए खेल जारी रखेगी और जीतेगी। उन्होंने समारोह स्थल में पहुंचे युवाओं को मन लगाकर पढ़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया।
साक्षी देगी प्रेरणा : विधायक
विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि साक्षी ने देश का नाम रोशन किया है। इसलिए सरकार भी साक्षी के सम्मान में पीछे नहीं रही। साक्षी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। राज्यवासी साक्षी से प्रेरणा लेंगे और यह मुहिम अब और तेजी पकड़ेगी। साक्षी से प्रेरणा लेकर और साक्षी पैदा होंगी।
तिरंगा भेंट किया
स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने गई बहादुरगढ़ की देशभक्त टोली ने भी साक्षी का सम्मान किया। वीरेंद्र बुल्लड़, अनिल प्रधान और छोटूराम धर्मशाला के प्रधान सज्जन सिंह दलाल ने साक्षी को वो तिरंगा भेंट किया जो इन्होंने लाल चौक पर फहराया था। बुल्लड़ पहलवान ने कहा कि साक्षी ने पूरे विश्व में तिरंगे का मान बढ़ाया है। साक्षी की यह उपलब्धि हमेशा याद की जाएगी।
यह तो केवल शुुरुआत : आर्य
कुश्ती कोच आर्य वीरेंद्र ने कहा कि उन्होंने साक्षी को खेलते देखा है। साक्षी ने बचपन से ही कठिन तपस्या की है। वह बेहद प्रतिभाशाली और जुझारू पहलवान है। वह केवल इतने में ही सब्र नहीं करेगी। यह तो केवल शुरुआत है, उन्हें पूरा यकीन है कि साक्षी आगे भी देश का नाम रोशन करेगी। धन्य हैं ऐसे मां-बाप जिसने साक्षी जैसी बेटी को जन्म दिया।
उभरते खिलाड़ी भी पहुंचे
साक्षी का स्वागत था, इसलिए स्वाभाविक था कि खिलाड़ियों की उपस्थिति ज्यादा होगी। खासकर पहलवान तो बेहद ज्यादा थे। हरेक पहलवान की जुबां पर साक्षी-साक्षी था। पहलवान प्रदीप देशवाल, जितेंद्र, मोहित और मनीष आदि ने कहा कि साक्षी ने केवल एक मेडल नहीं जीता बल्कि कुश्ती को संजीवनी दी है। कुश्ती में देश को पदक मिला, कुश्ती प्रेमियों को इससे बड़ी कुछ खुशी हो ही नहीं सकती। जब हरियाणा की साक्षी ने पदक जीता है तो यह खुशी दस गुणा बढ़ गई। हम भी साक्षी से प्रेरणा लेकर जी जान से अभ्यास करेंगे।
महिलाएं भी उत्साहित
साक्षी के दीदार के लिए महिलाएं विशेषतौर पर उत्साहित थीं। सड़क से लेकर समारोह स्थल पर महिलाओं की उपस्थिति काफी रही। हरेक महिला साक्षी के गुण गा रही थी। कार्यक्रम में उपस्थित साक्षी की मां सुदेश भी बेटी की उपलब्धि पर फूली नहीं समा रही थी। महिलाएं भी यह देखना चाहती थी कि राज्य का मान बढ़ाने वाली इस लाडली को किसने जन्म दिया।
हर जगह जय जयकार
साक्षी मलिक का दिल्ली से हरियाणा प्रदेश में प्रवेश करने पर टिकरी बार्डर पर स्थानीय खेल प्रेमियों ने गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। टिकरी बार्डर से सेक्टर- 9 मोड़, बस स्टैंड रोड, झज्जर मोड़ होते हुए साक्षी मलिक का विजयी जलूस सेक्टर-6 स्थित सामुदायिक केंद्र पहुंचा। जहां सम्मान समारोह उपरांत गांव सांखौल से होते हुए साक्षी मलिक के जय जयकार के साथ आसौदा, रोहद होते हुए रोहतक जिले में प्रवेश किया।
आटो ग्राफ और सेल्फी की होड़
रियो की इस स्टार खिलाड़ी के साथ सेल्फी व आटोग्राफ लेने के प्रति लोगों में काफी क्रेज दिखा। स्कूली छात्राएं, युवा खिलाड़ी साक्षी का आटोग्राफ लेने के लिए लाइन में लग गए। उधर, आमजन हो या राजनीति से संबंधित कोई व्यक्ति जिस-जिस का मौका लगा वह सेल्फी लेने से नहीं चूका।
ये रहा साक्षी का कार्यक्रम
टीकरी बार्डर प्रवेश : 8 बजकर 50 मिनट
आटो मार्केट बहादुरगढ़ : 9 बजे
सेक्टर-6 की पहली पुलिया : 9 बजकर 15 मिनट
समारोह स्थल (सामुदायिक केंद्र) : 9 बजकर 35 मिनट
समारोह से रोहतक के लिए प्रस्थान : 10 : 30 बजे