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Bahadurgarh: रिटायर्ड हवलदार के पेट का ऑपरेशन करते समय सामान छोड़ा, डॉक्टर पर लापरवाही का केस दर्ज
Wed, 11 Feb 2026 09:37 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Wed, 11 Feb 2026 09:37 AM IST
सार
आरोप है कि जांच में पेट में ऑपरेशन के दौरान कोई सामान छूट जाने की बात सामने आई, जिसके चलते दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई गई। रिटायर्ड हवलदार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण उनकी जान को खतरा उत्पन्न हुआ।
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अस्पताल
- फोटो : संवाद
विस्तार
बादली निवासी भारतीय सेना से रिटायर्ड हवलदार सुरेन्द्र सिंह ने जीवन ज्योति अस्पताल के डॉक्टर व प्रबंधन पर ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में संबंधित अधिकारियों से जांच कर उचित कार्रवाई करने और इलाज से जुड़ी सभी बिल व जांच रिपोर्टों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस ने इस संबंध में डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बादली निवासी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि 24 जनवरी 2026 को पेट दर्द की शिकायत के चलते ईसीएचएस (ECHS) पॉलिक्लिनिक झज्जर गए थे। वहां से उन्हें आगे उपचार के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद वे 24 जनवरी को ही जीवन ज्योति अस्पताल बहादुरगढ़ में भर्ती हुए। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर चंदन डेका ने उन्हें अपेंडिक्स की समस्या बताकर ऑपरेशन की सलाह दी। 27 जनवरी 2026 को उनका ऑपरेशन किया गया और बाद में उन्हें वार्ड के कमरा नंबर 104 में शिफ्ट कर दिया गया। सुरेन्द्र सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही।
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उन्होंने डॉक्टर व स्टाफ से कई बार हालत खराब होने की शिकायत की, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें यह कहकर आश्वस्त किया जाता रहा कि वे ईसीएचएस पैनल के मरीज हैं और भर्ती रहने से स्वयं ठीक हो जाएंगे। बताया गया है कि 10 फरवरी को हालत ज्यादा बिगड़ने पर उनका सीटी स्कैन कराया गया।
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आरोप है कि जांच में पेट में ऑपरेशन के दौरान कोई सामान छूट जाने की बात सामने आई, जिसके चलते दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई गई। रिटायर्ड हवलदार ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण उनकी जान को खतरा उत्पन्न हुआ तथा उन्हें और उनके परिजनों को मानसिक आघात पहुंचा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण से ईसीएचएस पैनल के माध्यम से सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने संबंधित प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर डॉक्टर चंदन डेका व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इलाज के दौरान बनाए गए बिल व जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की भी अपील की है।