{"_id":"60c25bc88ebc3eac6448601a","slug":"rape-case-farmers-protest-west-bengals-girl-accused-on-remand-bahadurgarh-news-rtk6124227129","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल की युवती से दुष्कर्म का आरोपी तीन दिन के रिमांड पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंगाल की युवती से दुष्कर्म का आरोपी तीन दिन के रिमांड पर
विज्ञापन
बहादुरगढ़। किसान आंदोलन के दौरान पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी किसान आंदोलनकारी अनिल मलिक को अदालत ने तीन दिन तक पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया है। मलिक को भिवानी के भीम स्टेडियम के पास से गिरफ्तार किया गया था।
एसआईटी के प्रमुख बहादुरगढ़ के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि आरोपी अनिल मलिक का नाम पीड़ित (अब मृतका) युवती के पिता ने एफआईआर में लिखवाया था। जांच में सामने आया है कि युवती के साथ ट्रेन में छेड़खानी और फिर किसान आंदोलन की झोपड़ी में दुष्कर्म हुआ था। आरोपी ने अपने ही फोन से वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया। गिरफ्तार आरोपी ने माना कि अनूप चानौत ने भी खराब काम किया था और अंकुर सांगवान ने छेड़खानी की थी। जबकि जगदीश बराड़ ने विवाद को दबाने के लिए कोशिश की थी। डीएसपी ने बताया कि ये बातें एसआईटी द्वारा पूछताछ के दौरान शामिल किए गए अन्य व्यक्तियों ने भी बताई हैं। आरोपी अनिल मलिक रिटायर्ड फौजी है। उसने 2016 में रिटायरमेंट ले ली थी। फिलहाल वह दिल्ली के पोचनपुर में रह रहा था। डीएसपी पवन ने प्रेस कांफ्रेंस कहा कि रिमांड के दौरान पुलिस को आरोपी का मोबाइल फोन भी बरामद करना है। इसके अतिरिक्त भी उससे पूछताछ के दौरान केस के संबंध में कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि केस के बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। केस में नामजद सभी आरोपी किसान सोशल आर्मी नामक संगठन के बैनर तले किसान आंदोलन में सक्रिय थे। वे अपने टेंट में पढ़ाने के लिए आसपास के श्रमिकों के छोटे बच्चों को भी बुलाते थे। सभी आरोपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के लिए पश्चिमी बंगाल गए थे। कुछ रोज वहां रहकर वापस चले तो 11 अप्रैल को वहां की उपरोक्त युवती किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए उनके साथ चल पड़ी। अगले दिन 12 अप्रैल को युवती को लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे। करीब 18 दिन बाद 30 अप्रैल को युवती की बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया कि पीड़िता की मौत कोरोना संक्रमण से हुई।
विज्ञापन
डीएसपी ने बताया कि बीमारी के दौरान युवती ने पिता को फोन करके अपने साथ खराब काम होने की जानकारी दी थी। उसके पिता बहादुरगढ़ पहुंचे और 9 मई को एफआईआर दर्ज करवा दी। पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया। जिनमें दो महिलाओं के भी नाम हैं। इसलिए उक्त महिलाओं को भी जांच में शामिल किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी दरखास्त में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ अनिल मलिक, अनूप चानौत व अन्य द्वारा छेड़खानी व खराब काम किया गया था। गांव चानौत जिला हिसार के निवासी अनूप और गांव मंदौला जिला चरखी दादरी के निवासी अंकुर को पकड़ने के लिए एसआईटी छापे मार रही है।
विज्ञापन
एसआईटी के प्रमुख बहादुरगढ़ के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि आरोपी अनिल मलिक का नाम पीड़ित (अब मृतका) युवती के पिता ने एफआईआर में लिखवाया था। जांच में सामने आया है कि युवती के साथ ट्रेन में छेड़खानी और फिर किसान आंदोलन की झोपड़ी में दुष्कर्म हुआ था। आरोपी ने अपने ही फोन से वीडियो बनाकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया। गिरफ्तार आरोपी ने माना कि अनूप चानौत ने भी खराब काम किया था और अंकुर सांगवान ने छेड़खानी की थी। जबकि जगदीश बराड़ ने विवाद को दबाने के लिए कोशिश की थी। डीएसपी ने बताया कि ये बातें एसआईटी द्वारा पूछताछ के दौरान शामिल किए गए अन्य व्यक्तियों ने भी बताई हैं। आरोपी अनिल मलिक रिटायर्ड फौजी है। उसने 2016 में रिटायरमेंट ले ली थी। फिलहाल वह दिल्ली के पोचनपुर में रह रहा था। डीएसपी पवन ने प्रेस कांफ्रेंस कहा कि रिमांड के दौरान पुलिस को आरोपी का मोबाइल फोन भी बरामद करना है। इसके अतिरिक्त भी उससे पूछताछ के दौरान केस के संबंध में कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि केस के बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। केस में नामजद सभी आरोपी किसान सोशल आर्मी नामक संगठन के बैनर तले किसान आंदोलन में सक्रिय थे। वे अपने टेंट में पढ़ाने के लिए आसपास के श्रमिकों के छोटे बच्चों को भी बुलाते थे। सभी आरोपी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के लिए पश्चिमी बंगाल गए थे। कुछ रोज वहां रहकर वापस चले तो 11 अप्रैल को वहां की उपरोक्त युवती किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए उनके साथ चल पड़ी। अगले दिन 12 अप्रैल को युवती को लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे। करीब 18 दिन बाद 30 अप्रैल को युवती की बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बताया गया कि पीड़िता की मौत कोरोना संक्रमण से हुई।
विज्ञापन
डीएसपी ने बताया कि बीमारी के दौरान युवती ने पिता को फोन करके अपने साथ खराब काम होने की जानकारी दी थी। उसके पिता बहादुरगढ़ पहुंचे और 9 मई को एफआईआर दर्ज करवा दी। पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया। जिनमें दो महिलाओं के भी नाम हैं। इसलिए उक्त महिलाओं को भी जांच में शामिल किया गया। शिकायतकर्ता ने अपनी दरखास्त में आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ अनिल मलिक, अनूप चानौत व अन्य द्वारा छेड़खानी व खराब काम किया गया था। गांव चानौत जिला हिसार के निवासी अनूप और गांव मंदौला जिला चरखी दादरी के निवासी अंकुर को पकड़ने के लिए एसआईटी छापे मार रही है।