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धरने पर पहुंचे राजपाल अनुयायी, लगा जाम
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Mon, 06 Mar 2017 12:32 AM IST
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झज्जर।
राशलवाला चौक पर चल रहे जाटों के धरने में रविवार को गुप्त रणनीति के तहत संत रामपाल के हजारों अनुयायी पहुंच गए। प्रशासन को पहले से संत अनुयायियों के पहुंचने की कोई जानकारी नहीं थी। संत अनुयायियों की बसें सुबह करीब 11 बजे दिल्ली की तरफ से आनी शुरू हो गई थी। इसके बाद हिसार की तरफ से हजारों की तादाद में अनुयायी करीब साढे़ 12 बजे पहुंचे। संत के अनुयायियों ने 5 लाख का चंदा भी दिया। वहीं धरने को समर्थन देने के लिए रविवार को बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी भी पहुंचे। उन्होंने सवा लाख रुपये का चंदा भी समिति को दिया। राठी ने कहा कि अब वो राजनीति नहीं कर रहे केवल समाज हित में जाटनीति पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाट समाज उनकी जो भी जिम्मेदारी लगाएगा, उसके लिए वो हमेशा तैयार रहेंगे।
सड़क पर भीड़ बढ़ी तो वांलटियर ने संभाला मोर्चा
रामपाल अनुयायियों के हजारों की संख्या में पहुंचने के लिए हाइवे पर जाम के हालात बन गए। इसे संभालने के लिए जाट वालंटियर को करीब दो घंटे तक पसीना बहाना पड़ा। रामपाल समर्थकों का काफिला झज्जर शहर की तरफ से धरने पर पहुंचा तो गाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
7 को दी जाएगी कमेटी को ट्रेनिंग
धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने कहा कि जाट संघर्ष समिति हर धरने से 11 लोगों को 20 मार्च को होने वाले संसद कूच के बारे में हालात से निपटने की ट्रेनिंग देगी। उन्होंने कहा कि गांवों से दिल्ली कूच में हिस्सा लेने वाले लोगों को संभालने के लिए गांव से जिला स्तर पर तीन कमेटियां होंगी, जो कि सूचनाएं प्रदेश स्तर पर सांझा करेंगी। वहीं दिल्ली को हेडक्वाटर बनाते हुए वहां पर सभी प्रदेशों की सूचनाएं एकत्रित की जाएंगी।
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डीयू छात्र संभालेंगे मोर्चा
मलिक ने धरने पर बताया कि वे शनिवार को डीयू में जाट छात्रों के साथ पहले दौर की वार्ता कर चुके हैं और दूसरे दौर की वार्ता जल्द की जाएगी। डीयू में पढ़ने वाले जाट छात्रों की टोलियां 20 मार्च को दिल्ली की मेट्रो और बस सेवा का प्रयोग करते हुए केंद्रीय मंत्रियों के घरों पर प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि जाट छात्रों को यह जिम्मेदारी जल्द ही बांट दी जाएंगी।
संत अनुयायियों का जताया आभार
यशपाल मलिक ने संत रामपाल के अनुयायियों का धरने को समर्थन देने के लिए आभार जताया और उनको 20 मार्च को होने वाले दिल्ली कूच के लिए न्यौता भी दिया। मलिक ने कहा कि संत 36 बिरादरी को जोड़ने का काम कर रहे हैं लेकिन यह सरकार प्रदेश में भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समय आने पर संत अनुयायियों का यह अहसान भी उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज हर उस पंथ और बिरादरी का समर्थन लेगा जो उनके इस समय काम आएगा।
रसद के साथ होगा दिल्ली कूच
20 मार्च को दिल्ली कूच के दौरान रसद (खाना-पानी) के साथ जाट रवाना होंगे। जाट समुदाय के लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने गांवों के फौजियों से जानकारी लें कि उन्हें कितनी रसद की आवश्यकता रहेगी। हर गांव से दिल्ली कूच के दौरान रसद के ट्रैक्टर साथ चलेंगे ताकि जरूरत पड़ने पर बार्डर पर ही डेरा जमाया जा सके।
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राशलवाला चौक पर चल रहे जाटों के धरने में रविवार को गुप्त रणनीति के तहत संत रामपाल के हजारों अनुयायी पहुंच गए। प्रशासन को पहले से संत अनुयायियों के पहुंचने की कोई जानकारी नहीं थी। संत अनुयायियों की बसें सुबह करीब 11 बजे दिल्ली की तरफ से आनी शुरू हो गई थी। इसके बाद हिसार की तरफ से हजारों की तादाद में अनुयायी करीब साढे़ 12 बजे पहुंचे। संत के अनुयायियों ने 5 लाख का चंदा भी दिया। वहीं धरने को समर्थन देने के लिए रविवार को बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी भी पहुंचे। उन्होंने सवा लाख रुपये का चंदा भी समिति को दिया। राठी ने कहा कि अब वो राजनीति नहीं कर रहे केवल समाज हित में जाटनीति पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाट समाज उनकी जो भी जिम्मेदारी लगाएगा, उसके लिए वो हमेशा तैयार रहेंगे।
सड़क पर भीड़ बढ़ी तो वांलटियर ने संभाला मोर्चा
रामपाल अनुयायियों के हजारों की संख्या में पहुंचने के लिए हाइवे पर जाम के हालात बन गए। इसे संभालने के लिए जाट वालंटियर को करीब दो घंटे तक पसीना बहाना पड़ा। रामपाल समर्थकों का काफिला झज्जर शहर की तरफ से धरने पर पहुंचा तो गाड़ियों की संख्या अधिक होने के कारण हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
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7 को दी जाएगी कमेटी को ट्रेनिंग
धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने कहा कि जाट संघर्ष समिति हर धरने से 11 लोगों को 20 मार्च को होने वाले संसद कूच के बारे में हालात से निपटने की ट्रेनिंग देगी। उन्होंने कहा कि गांवों से दिल्ली कूच में हिस्सा लेने वाले लोगों को संभालने के लिए गांव से जिला स्तर पर तीन कमेटियां होंगी, जो कि सूचनाएं प्रदेश स्तर पर सांझा करेंगी। वहीं दिल्ली को हेडक्वाटर बनाते हुए वहां पर सभी प्रदेशों की सूचनाएं एकत्रित की जाएंगी।
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डीयू छात्र संभालेंगे मोर्चा
मलिक ने धरने पर बताया कि वे शनिवार को डीयू में जाट छात्रों के साथ पहले दौर की वार्ता कर चुके हैं और दूसरे दौर की वार्ता जल्द की जाएगी। डीयू में पढ़ने वाले जाट छात्रों की टोलियां 20 मार्च को दिल्ली की मेट्रो और बस सेवा का प्रयोग करते हुए केंद्रीय मंत्रियों के घरों पर प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि जाट छात्रों को यह जिम्मेदारी जल्द ही बांट दी जाएंगी।
संत अनुयायियों का जताया आभार
यशपाल मलिक ने संत रामपाल के अनुयायियों का धरने को समर्थन देने के लिए आभार जताया और उनको 20 मार्च को होने वाले दिल्ली कूच के लिए न्यौता भी दिया। मलिक ने कहा कि संत 36 बिरादरी को जोड़ने का काम कर रहे हैं लेकिन यह सरकार प्रदेश में भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समय आने पर संत अनुयायियों का यह अहसान भी उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज हर उस पंथ और बिरादरी का समर्थन लेगा जो उनके इस समय काम आएगा।
रसद के साथ होगा दिल्ली कूच
20 मार्च को दिल्ली कूच के दौरान रसद (खाना-पानी) के साथ जाट रवाना होंगे। जाट समुदाय के लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने गांवों के फौजियों से जानकारी लें कि उन्हें कितनी रसद की आवश्यकता रहेगी। हर गांव से दिल्ली कूच के दौरान रसद के ट्रैक्टर साथ चलेंगे ताकि जरूरत पड़ने पर बार्डर पर ही डेरा जमाया जा सके।