फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   problem, problem in village, problem in jhajjar village, jhajjar

डीसी साहब! पहल्यां भी नूएं परेशान थे, अर आज भी नूएं

Sat, 16 Jul 2016 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़ Updated Sat, 16 Jul 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
problem, problem in village, problem in jhajjar village, jhajjar
गली में पानी समस्या - फोटो : Bureau
 नई सरकार बनी, डीसी ने गांव गोद भी ले लिया पर हालात ज्यों के त्यों। हम बात कर रहे हैं गांव ग्वालिसन का। गांव मौसम की पहली मार भी नहीं झेल पाया। आलम यह है कि हरिजन बस्ती में पानी ही पानी है। कई गलियों में घरों से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है तो कई गलियों में घरों में भी पानी घुसा हुआ है। इस तरह के हालात डीसी के गांव लिए गोद और निगम के पानी निकासी के दावों की पोल खोलते हैं।
विज्ञापन


ग्रामीण ठेठ हरियाणवी में कहते हैं कि पहल्यां बी नूएं परेशान थे अर आज नूएं परेशान सै। नाम-नाम अधिकारियां के जुड़े सै पर काम तै होंगे जब होंगे। सारे गाम म्ह दो दिन तै पानी भरा खड़ा सै पर इसकी सुध लेवण आला कोए भी कोन्या। सरपंच भी बेचारा के करह जब पानी लिकाडन की जगह ए कोना। जोहड़ भी भरे पड़े सै अर नहर भी गाम म आकह खत्म हो जावै सै। इब जब डीसी ए धोरह कोए हल कोना त शिकायत भी किसत तै करां। लोगों ने कहा कि डीसी साहब अब किश्तियां भेजो उसी से पार आवेंगे।
विज्ञापन


डीसी ने लिया है गांव गोद
बता दें कि गांव ग्वालिसन  कोई साधरण गंाव नहीं है, यह गांव को डीसी ने गोद लिया हुआ है। गोद लिए गांव ग्वालिसन के कई गलियों में घरों के सामने पिछले दो दिन से करीब एक फुट बारिश पानी भरा हुआ है। गांव की करीब आधा दर्जन गलियों से आवागमन बंद पड़ा है। गांव के लोगों की जिंदगी बरसाती पानी के जलभराव ने अस्त-व्यस्त कर दी है। लेकिन इसके बावजूद अभी तक प्रशासन की तरफ से किसी भी अधिकारी ने ना तो गांव का दौरा किया है और ना ही कोई राहत कार्य शुरू किया गया है। हालांकि मदद के नाम पर ग्रामीणों को प्रशासन की तरफ से आश्वासन मुहैया करवाया गया है। गांव के हालात बदतर बने हुए हैं, जहां अब बदबूदार माहौल बन गया है। ये हालात गांव में हुई पहली तेज बरसात के बाद बने हैं। ग्रामीण बुजुर्गों के अनुसार बरसात के कारण गांव के ऐसे हालात हर वर्ष बनते आ रहे हैं। लेकिन अब की बार डीसी द्वारा गंाव को गोद लिए जाने के बाद कुछ राहत की उम्मीद जरूर जागी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


छोटे बच्चों के लिए गली का पानी बना जान का खतरा
गांव की गलियों में खड़ा बरसाती पानी छोटे बच्चों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तो छोटे बच्चों के लिए भी रखवाली करनी पड़ रही। बाहर गली में एक फुट के करीब गहरा पानी भरा हुआ है जिसके कारण छोटे बच्चों को घरों के अंदर ही कैद करके रखने को मजबूर हैं। अगर ऐसे में सावधानी हटने के कारण कोई छोटा बच्चा पानी तक पहुंच जाता है तो उसकी जान भी जा सकती है।

नहीं है पानी निकालने की जगह
गांव के पंचायत सदस्यों का कहना है कि गांव में बरसाती पानी निकासी  के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जोहड़ भी पानी से भरा हुआ है। नहर की आखिरी टेल भी गांव में ही है। अगर पानी को नहर में डालने की कोशिश करते हैं तो वह खेतों में नुकसान करता है। इसलिए साथ लगते किसान भी इस पानी को नहर में डालने के लिए रजामंद नहीं हैं। इसकी निकासी के लिए गांव में डाली गई पाईप लाईनों के अभी तक ज्वाइंट भी नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों के सामने आई इस समस्या ने ग्रामीणों को काफी चिंता में डाला हुआ है।

प्रशासन की अनदेखी से गहराई समस्या
इस प्रकार से दो दिन से हो रही प्रशासन की अनदेखी के कारण पानी के खड़ा रहने से घरों में दरारों का भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी मेहनत करके सिर ढंकने के लिए आसरा बनाते हैं और थोड़ी सी प्रशासनिक लापरवाही के कारण अगर वह ढ़ह जाए तो इससे बुरे दिन नहीं हो सकते। आने जाने के लिए सभी रास्ते बंध हो गए हैं। गलियों में खड़े पानी के कारण बुजुर्गों को और भी परेशानी आ रही है। गलियों में बने हुए गड्ढे भी ज्यादा पानी व कीचड़ होने के काण दिखाई नहीं देते जिसके कारण बुजुर्गाें को चोट लगने का भय बना रहता है। अगर आलम यही रहा तो खड़े पानी की वजह से घरों को भी काफी नुकसान पहुंच सकता है।

क्या कहना है ग्रामीणों का
जोगेंद्र ने कहा कि गांव को डीसी द्वारा गोद लिए जाने के बाद कुछ राहत की उम्मीद की किरण जरूर नजर आई थी। लेकिन समस्या का समाधान ना होने से लगता है कि गांव के साथ सिर्फ अधिकारियों के नाम ही जुड़े हैं। काम तो पहले के हिसाब से ही होंगे।
ग्रामीण राजेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से इस प्रकार की समस्या से ग्रामीणों को दो चार होना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
रामशरण ने बताया कि गांव में बरसाती पानी निकासी  के लिए डाली गई पाईप लाईन में भी ज्वाइंट नहीं किए गए हैं। अगर समय रहते विभाग द्वारा पानी निकासी की व्यवस्था को सुचारू कर दिया होता तो गांव में ये हालात पैदा नहीं होते।
मुकेश कुमार ने कहा कि बरसाती पानी के कारण गलियों में आवागमन भी अवरुद्घ हो गया है। जिसके कारण कोई भी काम करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गांव में पानी निकालने के लिए कोई जरिया नहीं है। अगर इंजन रखवाकर पानी निकालने की कोशिश भी करते हैं तो खेतों में पानी जाने के कारण फसल के खराब होने का खतरा बना रहता है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को ही कोई उपाय अमल में लाना होगा।

धनराज सरपंच, गांव ग्वालिशन

इस तरह की कोई शिकायत लेकर उनके पास कोई नहीं आया है। अगर गांव में जलभराव होने और ेपानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। आमजन को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
अनीता यादव, उपायुक्त झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed