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Jhajjar-Bahadurgarh News: पीपीपी मामला... लॉगइन हैक की शिकायत पर मुख्यालय ने बढ़ा दी थी पोर्टल की सुरक्षा
Tue, 03 Dec 2024 12:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 03 Dec 2024 12:38 AM IST
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झज्जर। परिवार पहचान पत्र छेड़छाड़ मामले में प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि जिला नागरिक संसाधन सूचना विभाग के जिला प्रबंधक योगेश को जब आभास हुआ कि उसका भेद खुल जाएगा तो उसने मुख्यालय को उसके पोर्टल लॉगइन हैक होने की शिकायत दी। इस पर मुख्यालय ने भी पोर्टल की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया।
पहले पोर्टल को लॉगइन करने पर दो स्तर की सुरक्षा से गुजरना पड़ता था, जिसमें पासवर्ड और ओटीपी शामिल होता था, लेकिन योगेश की शिकायत के बाद क्रीड ने सिक्योरिटी बढ़ा दी। इसमें वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के साथ जोड़ दिया था। इसके बाद लॉगइन आईडी से छेड़छाड़ होने का मतलब नहीं था, क्योंकि वीपीएन से कंप्यूटर और वीपीएन के रिमोट सर्वर के बीच एक प्राइवेट कनेक्शन बनाता है।
यह डिजिटल कनेक्शन डाटा को एन्क्रिप्ट करता है, जिससे इसे कोई देख नहीं पाता। यही नहीं यह आईपी एड्रेस को भी हाइड कर देता है। इससे कोई भी इंटनरेट मौजूदगी को ट्रेस नहीं कर पाता। उसके बावजूद योगेश ने शिकायत की तो मुख्यालय को शक हुआ और उसकी ट्रेसिंग शुरू की गई। ट्रेसिंग में योगेश पर ही शक की सुई गई और उसे पकड़ा गया। इस मामले में एडीसी कार्यालय की तरफ से भी विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्यालय को लिखा गया है। वहीं तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद मंगलवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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बैंक खातों की स्टेटमेंट ली, किया जा रहा एनालिसिस
साइबर पुलिस ने सोमवार को आरोपियों के बैंक खातों की स्टेटमेंट बैंकों से निकलवाई है और अब उनके खातों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उनके खातों में राशि किसने कितनी और कब-कब डलवाई है। उन लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।
सबूत मिटाने के भी मिले संकेत
साइबर पुलिस को इस मामले में योगेश व उसके साथियों की ओर से सबूत मिटाने के भी संकेत में मिले हैं। बताया जा रहा है कि 23 अक्तूबर को ही योगेश को आशंका हो गई थी कि उसके खिलाफ जांच की जा रही है। इसके बाद उसने अपने कार्यालय से कंप्यूटर से रिकॉर्ड गायब करने का भी प्रयास किया है। पुलिस को इसके सबूत मिले हैं। पुलिस अपनी तकनीकी जांच पूरी कर रही है और पुलिस को काफी सबूत भी हाथ लगे हैं।
तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। काफी तकनीकी सबूत मिले हैं। फिलहाल जांच जारी है। -अजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी, झज्जर
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पहले पोर्टल को लॉगइन करने पर दो स्तर की सुरक्षा से गुजरना पड़ता था, जिसमें पासवर्ड और ओटीपी शामिल होता था, लेकिन योगेश की शिकायत के बाद क्रीड ने सिक्योरिटी बढ़ा दी। इसमें वीपीएन यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के साथ जोड़ दिया था। इसके बाद लॉगइन आईडी से छेड़छाड़ होने का मतलब नहीं था, क्योंकि वीपीएन से कंप्यूटर और वीपीएन के रिमोट सर्वर के बीच एक प्राइवेट कनेक्शन बनाता है।
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यह डिजिटल कनेक्शन डाटा को एन्क्रिप्ट करता है, जिससे इसे कोई देख नहीं पाता। यही नहीं यह आईपी एड्रेस को भी हाइड कर देता है। इससे कोई भी इंटनरेट मौजूदगी को ट्रेस नहीं कर पाता। उसके बावजूद योगेश ने शिकायत की तो मुख्यालय को शक हुआ और उसकी ट्रेसिंग शुरू की गई। ट्रेसिंग में योगेश पर ही शक की सुई गई और उसे पकड़ा गया। इस मामले में एडीसी कार्यालय की तरफ से भी विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्यालय को लिखा गया है। वहीं तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद मंगलवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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बैंक खातों की स्टेटमेंट ली, किया जा रहा एनालिसिस
साइबर पुलिस ने सोमवार को आरोपियों के बैंक खातों की स्टेटमेंट बैंकों से निकलवाई है और अब उनके खातों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उनके खातों में राशि किसने कितनी और कब-कब डलवाई है। उन लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।
सबूत मिटाने के भी मिले संकेत
साइबर पुलिस को इस मामले में योगेश व उसके साथियों की ओर से सबूत मिटाने के भी संकेत में मिले हैं। बताया जा रहा है कि 23 अक्तूबर को ही योगेश को आशंका हो गई थी कि उसके खिलाफ जांच की जा रही है। इसके बाद उसने अपने कार्यालय से कंप्यूटर से रिकॉर्ड गायब करने का भी प्रयास किया है। पुलिस को इसके सबूत मिले हैं। पुलिस अपनी तकनीकी जांच पूरी कर रही है और पुलिस को काफी सबूत भी हाथ लगे हैं।
तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। काफी तकनीकी सबूत मिले हैं। फिलहाल जांच जारी है। -अजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी, झज्जर