फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   post office have many problem

लोग बोले, ऑनलाइन से काम आसान होने के बजाय कठिन हुआ

Tue, 22 Dec 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर Updated Tue, 22 Dec 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
post office have many problem
शहर के मेन डाकघर में ऑनलाइन अव्यवस्था ने करोड़ों के लेन देन को बेपटरी कर दिया है। आलम यह है कि पिछले डेढ़ महीने से अधिकतर उपभोक्ताओं द्वारा कई बार चक्कर काटने के बावजूद वह न तो अपने खातों से रुपये निकाल पा रहे हैं और न ही जमा कर पा रहे हैं। काम किस कदर प्रभावित है, इसका आंकलन डाक बचत एजेंट ललित सपरा के से लग जाता है। सपरा बताते हैं कि  अकेले उनका एक करोड़ का लेन देन महीने भर से अटका है। वहीं दूसरी ओर डाक अधिकारी इंटरनेट की स्पीड न होने का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। मेन डाकघर के कामकाज को नवंबर महीने में ऑनलाइन किया गया था।
विज्ञापन




बता दें कि 10 नवंबर के बाद से ही डाकघर में लेन देन का काम प्रभावित होने लगा था। डाकघर में 23 नवंबर को पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो गया, लेकिन इसके बाद तो काम ही ठप होकर रह गया। अब हालात यह हैं कि हर रोह सुबह दस बजे डाकघर में काम शुरू होता है और अगले एक घंटे में ही यह ठप हो जाता है। इस दौरान जिस उपभोक्ता का काम बना तो ठीक नहीं तो कर्मी कहते हैं कि दूसरे दिन आओ। लेकिन काम होगा इसकी गारंटी दूसरे दिन भी कोई नहीं लेता। उपभोक्ता 10-10 दिन से चक्कर काट रहे हैं और हर बार बिना काम के ही लौटते हैं। सुबह के एक घंटे में यहां मारा मारी जैसे हालात होने लगे हैं। डाकघर के पास कुर्सी जमाए बैठने वाले बचत एजेंट भी दुखी हैं। उनके माध्यम से होने वाला लाखों करोड़ों का लेन देन ठप है। न किसी उपभोक्ता के बांड या विकास पत्र कैश हो रहे हैं और न ही रुपये जमा व निकल रहे हैं। लेन देन प्रभावित होने से किसी के यहां शादी ब्याह के काम प्रभावित हैैं तो किसी के यहां अन्य काम नहीं निकल रहे।
विज्ञापन



बोले अधिकारी- नेट की स्पीड न होने से दिक्कत
डाकघर का काम ऑनलाइन होने से 23 नवंबर से काम काज में दिक्कत आ रही है। डाकघर में सीएफसी कंपनी की इंटरनेट सेवा ली गई है। सुबह 11 बजे तक ही यह चल पाती है। इसके बाद स्पीड न होने से लेन देन बंद हो जाता है। शाम को 4 बजे के बाद फिर से स्पीड आती है, लेकिन तब भी कोई ज्यादा काम नहीं निकाल पाते। कंपनी को इस बारे में शिकायत दी गई है, अगले कुछ दिनों में व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमएस सिंघल, डाक अधिकारी (फोटो-04)



अब पछता रहे हैं
डाकघर में ऑनलाइन व्यवस्था से उम्मीद थी कि जल्दी काम निपटेंगे। लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। एक सप्ताह से खाते से पैसों की निकासी के लिए आ रहे हैं, हर रोज खाली हाथ जाना पड़ रहा है। पछता रहे हैं कि डाकघर में खाता क्यों खोला।
जसबीर बल्हारा


बांड डेढ़ महीने से कैश नहीं हुए
उसने डाकघर से कुछ विकास पत्र (बांड) खरीदे थे। अब इनको भुनाने का समय आ गया है। पिछले डेढ़ महीने से डाकघर के चक्कर काट रहा है, कभी अधिकारी कैश न होने की बात कहते हैं तो कभी ऑनलाइन व्यवस्था न होने की। बुरी तरह से परेशान हूं।
-विक्रम, उपभोक्ता


अधिकारी खुद बने हैं लापरवाह
डाकघर को ऑनलाइन कर उपभोक्ताओं को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। अधिकारी लापरवाह हैं, तभी ये अड़चन है। उपभोक्ताओं को जो परेशानी हो रही है उसे इंटरनेट कंपनी पर हर्जाना क्यों न डाला जा रहा। अब पैसों की सख्त जरूरत हैं, लेकिन मिल नहीं रहे।

दलीप सिंह


एक करोड़ लटके
डाकघर के ऑनलाइन व्यवस्था ने उनके एक करोड़ के काम को लटका कर रखा है। न तो राशि को खातों में जमा करा पा रहे हैं और न ही पैसों की निकासी हो रही है। उपभोक्ता हर रोज चक्कर काट रहे हैं। अब तो वे हमें ही शक की निगाह से देखने लगे हैं। डाक विभाग चुप है।
ललित सपरा, एजेंट


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed