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पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी करें पटवारी व ग्राम सचिव : डीसी
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झज्जर। प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीसी श्याम लाल पूनिया ने कहा कि एनजीटी के नियमों को लेकर गंभीरता दिखाने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिले में पटवारी व ग्राम सचिव भी ग्रामवार फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी करेंगे। फसल अवशेष जलाने की घटना में लापरवाही पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने कहा कि सभी उपमंडल अधिकारी (ना.) यह सुनिश्चित करेंगे कि कही भी फसल अवशेष न जलाए जाए। संबंधित पटवारियों व ग्राम सचिवों को फील्ड में एक्टिव किया जाए। उन्होंने वीरवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि सर्दी की शुरुआत में स्मॉग का बढ़ना इंसान के जीवन पर प्रतिकूल असर डालता है। ऐसे में स्मॉग को रोकने के जितने भी कारण हो उनको रोकने के लिए गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले में स्पष्ट निर्देश हैं।
डीसी ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम भी गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित करें ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि धान की पराली का इस्तेमाल पशु चारे व अन्य कार्यों में किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी पड़ेगी ताकि हम सब स्वस्थ व खुशहाल रहें।
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डीसी ने कहा कि सभी उपमंडल अधिकारी (ना.) यह सुनिश्चित करेंगे कि कही भी फसल अवशेष न जलाए जाए। संबंधित पटवारियों व ग्राम सचिवों को फील्ड में एक्टिव किया जाए। उन्होंने वीरवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि सर्दी की शुरुआत में स्मॉग का बढ़ना इंसान के जीवन पर प्रतिकूल असर डालता है। ऐसे में स्मॉग को रोकने के जितने भी कारण हो उनको रोकने के लिए गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले में स्पष्ट निर्देश हैं।
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डीसी ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम भी गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित करें ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि धान की पराली का इस्तेमाल पशु चारे व अन्य कार्यों में किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी पड़ेगी ताकि हम सब स्वस्थ व खुशहाल रहें।
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