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विधानसभा में छूटे तो अब जिला परिषद में कूदे, रोचक हुई जंग
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:48 AM IST
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पंचायत चुनाव में जिला परिषद के वार्ड 8 व 9 में प्रत्याशियों के बीच छिड़ी चुनावी जंग पर जिले भर के लोगों के साथ राजनीतिज्ञों की भी निगाहें टिकी हैं। दोनों वार्डों में आठ-आठ प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। किसी के चुनावी समीकरण यहां एक गांव से कई प्रत्याशी होने से बिगड़े हैं तो कई ऐसे भी हैं, जो कि एक राजनीतिक पार्टी के सहारे जीत की दहलीज पर कदम रखना चाहते हैं। नेता किसे समर्थन करें, इस पर वे भी उलझन में हैं। मतदान में अब केवल दो दिन बचे हैं और जोड़ तोड़ के प्रयास चरम पर हैं।
दोनों वार्डों में कई प्रत्याशी ऐसे हैं जो कि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे। जिला परिषद के वार्ड-9 में 16 गांव हैं। कुल 8 उम्मीदवारों में से यहां 4 आनंद सागर, जगबीर सिंह, जोगेंद्र व देवेंद्र माछरौली गांव से हैं। जबकि दो अन्य योगेश कुमार व शक्ति सिंह गांव सिलानी से। शेष दो प्रत्याशियों में धर्मेंद्र गांव सिलाना व ईश्वर सिंह गांव पटासनी शामिल हैं। प्रत्याशियों के समर्थन को लेकर गांव के लोग तो आपस में बंटे ही हैं, साथ ही समर्थन को लेकर राजनीतिज्ञ भी परेशान। तीन उम्मीदवार जहां भाजपा से जुड़े हैं, वहीं 1 इनेलो से। आनंद सागर विधान सभा चुनाव से पहले तक जिला कांग्रेस के प्रधान रहे हैं, लेकिन अब वह खेमा बदल चुके हैं।
भाजपा से जुड़े दो प्रत्याशी कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के काफी नजदीकी हैं, जबकि तीसरा पार्टी का पुराना कार्यकर्ता। मंत्री का हाथ किस के सिर पर हो, इस पर सभी की निगाहें हैं। एक मंत्री समर्थक तो यहां जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी के सपने देखकर मैदान में कूदा है। बात वार्ड 8 की करें तो मुकाबला यहां भी कड़ा है। इनेलो से जुड़ एक नेता तो अपना वार्ड छोड़कर यहां से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा व कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात है कि यहां भाजपा से जुड़े प्रत्याशी का खेल बिगाड़ने के लिए उसी के गांव व पाने से महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा गया है। आठ में से 3 प्रत्याशी तो अकेले गांव पाटौदा से हैं। वार्ड में गीता कुमारी गांव पाटौदा, जोगेंद्र सिंह गांव कुतानी, नरेश कुमार गांव दादरी तोए, प्रदीप कुमार गांव जहादपुर, मोहन सिंह गांव पाटौदा, राधेश्याम गांव पाटौदा, ललिता गांव लुहारी व हरेंद्र गांव सिलाना चुनाव मैदान में हैं।
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दो भाई दो पार्टी, दो वार्ड
जिला परिषद के वार्ड 8 व 9 में दो सगे भाई भी चुनाव मैदान में हैं। दोनों के वार्ड अलग हैं तो पार्टी भी। गांव सिलाना निवासी हरेंद्र व धर्मेंद्र सगे भाई हैं। गांव सिलाना वार्ड 9 मे आता है। हरेंद्र ने अपने वार्ड को छोड़ कर वार्ड 8 में उम्मीदवारी जताई है। वह इनेलो पार्टी से जुड़ा रहा है। वहीं इनका भाई धर्मेंद्र वार्ड 9 से प्रत्याशी है। वह भाजपा से जुड़ा रहा है।
चार गांवों में चुनावी महायुद्ध
वार्ड-9 में आने वाले चार गांवों में 7 दिन का चुनावी महायुद्ध होने जा रहा है। इस वार्ड में कुल 16 गांव हैं। इनमें से 12 गांवों मे तो जिला परिषद के लिए मतदान 10 जनवरी को होना है। शेष चार गांवों में वोट पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 17 जनवरी को पड़ेंगे। 12 गांवों का काम निपटने के बाद सभी आठ प्रत्याशी शेष चार गांवों पटासनी, दादनपुर, चांदपुर व अहरी में डेरा डालेंगे। 10 जनवरी के बाद अगले सात दिन यहां प्रत्याशियों के बीच जमकर वोट की जंग होगी। माना जा रहा है कि चारों गांवों के नतीजे पूरे वार्ड के परिणाम को प्रभावित करने वाले होंगे।
दोनों वार्डों में कई प्रत्याशी ऐसे हैं जो कि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे। जिला परिषद के वार्ड-9 में 16 गांव हैं। कुल 8 उम्मीदवारों में से यहां 4 आनंद सागर, जगबीर सिंह, जोगेंद्र व देवेंद्र माछरौली गांव से हैं। जबकि दो अन्य योगेश कुमार व शक्ति सिंह गांव सिलानी से। शेष दो प्रत्याशियों में धर्मेंद्र गांव सिलाना व ईश्वर सिंह गांव पटासनी शामिल हैं। प्रत्याशियों के समर्थन को लेकर गांव के लोग तो आपस में बंटे ही हैं, साथ ही समर्थन को लेकर राजनीतिज्ञ भी परेशान। तीन उम्मीदवार जहां भाजपा से जुड़े हैं, वहीं 1 इनेलो से। आनंद सागर विधान सभा चुनाव से पहले तक जिला कांग्रेस के प्रधान रहे हैं, लेकिन अब वह खेमा बदल चुके हैं।
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भाजपा से जुड़े दो प्रत्याशी कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के काफी नजदीकी हैं, जबकि तीसरा पार्टी का पुराना कार्यकर्ता। मंत्री का हाथ किस के सिर पर हो, इस पर सभी की निगाहें हैं। एक मंत्री समर्थक तो यहां जिला परिषद चेयरमैन की कुर्सी के सपने देखकर मैदान में कूदा है। बात वार्ड 8 की करें तो मुकाबला यहां भी कड़ा है। इनेलो से जुड़ एक नेता तो अपना वार्ड छोड़कर यहां से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा व कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात है कि यहां भाजपा से जुड़े प्रत्याशी का खेल बिगाड़ने के लिए उसी के गांव व पाने से महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा गया है। आठ में से 3 प्रत्याशी तो अकेले गांव पाटौदा से हैं। वार्ड में गीता कुमारी गांव पाटौदा, जोगेंद्र सिंह गांव कुतानी, नरेश कुमार गांव दादरी तोए, प्रदीप कुमार गांव जहादपुर, मोहन सिंह गांव पाटौदा, राधेश्याम गांव पाटौदा, ललिता गांव लुहारी व हरेंद्र गांव सिलाना चुनाव मैदान में हैं।
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दो भाई दो पार्टी, दो वार्ड
जिला परिषद के वार्ड 8 व 9 में दो सगे भाई भी चुनाव मैदान में हैं। दोनों के वार्ड अलग हैं तो पार्टी भी। गांव सिलाना निवासी हरेंद्र व धर्मेंद्र सगे भाई हैं। गांव सिलाना वार्ड 9 मे आता है। हरेंद्र ने अपने वार्ड को छोड़ कर वार्ड 8 में उम्मीदवारी जताई है। वह इनेलो पार्टी से जुड़ा रहा है। वहीं इनका भाई धर्मेंद्र वार्ड 9 से प्रत्याशी है। वह भाजपा से जुड़ा रहा है।
चार गांवों में चुनावी महायुद्ध
वार्ड-9 में आने वाले चार गांवों में 7 दिन का चुनावी महायुद्ध होने जा रहा है। इस वार्ड में कुल 16 गांव हैं। इनमें से 12 गांवों मे तो जिला परिषद के लिए मतदान 10 जनवरी को होना है। शेष चार गांवों में वोट पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 17 जनवरी को पड़ेंगे। 12 गांवों का काम निपटने के बाद सभी आठ प्रत्याशी शेष चार गांवों पटासनी, दादनपुर, चांदपुर व अहरी में डेरा डालेंगे। 10 जनवरी के बाद अगले सात दिन यहां प्रत्याशियों के बीच जमकर वोट की जंग होगी। माना जा रहा है कि चारों गांवों के नतीजे पूरे वार्ड के परिणाम को प्रभावित करने वाले होंगे।