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अभिमान से मुक्त रहने वाला ही फरिश्ता : आत्मप्रकाश
Wed, 02 Apr 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:30 AM IST
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आत्मप्रकाश -फोटो 59 : श्रद्धालुओं को संबोधित करते बीके आत्मप्रकाश। स्रोत संस्था
- फोटो : संगठन
बहादुरगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-2 व सेक्टर-13 सेवा केंद्र पर माउंट आबू से पधारे राजयोगी ब्रह्माकुमार आत्मप्रकाश ने आध्यात्मिक उन्नति व राजयोग पर गहन प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास के रहस्य समझाए। इससे आत्मा अपने मूल स्वरूप शांति, शक्ति और आनंद को सहज रूप से अनुभव कर सके।
आत्मप्रकाश ने फरिश्ते की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि फरिश्ता वही होता है, जो हल्का और देह-अभिमान से मुक्त रहता है। उन्होंने कहा, जब हम हिम्मत का एक कदम बढ़ाते हैं, तो परमात्मा की मदद के अनेक कदम अनुभव होते हैं। उन्होंने इस दिव्य स्थिति को अनुभव करने के लिए विशेष योगाभ्यास कराए, जिससे सभी ने शांति और शक्ति की गहराई को महसूस किया।
वहीं बहादुरगढ़ ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजलि ने सभी का स्वागत किया और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनेक गहन धारणा युक्त बातें साझा की। उन्होंने बताया कि सच्ची आध्यात्मिक प्रगति तभी संभव है, जब हम परमात्मा से सच्चा संबंध जोड़कर अपने भीतर दिव्यता का प्रकाश भरें। बीके विनीता व रेणु ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी तपस्वी महान आत्मा के अनुभव सुनना, आत्मा के लिए ऊर्जा का कार्य करता है।
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इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास के रहस्य समझाए। इससे आत्मा अपने मूल स्वरूप शांति, शक्ति और आनंद को सहज रूप से अनुभव कर सके।
आत्मप्रकाश ने फरिश्ते की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि फरिश्ता वही होता है, जो हल्का और देह-अभिमान से मुक्त रहता है। उन्होंने कहा, जब हम हिम्मत का एक कदम बढ़ाते हैं, तो परमात्मा की मदद के अनेक कदम अनुभव होते हैं। उन्होंने इस दिव्य स्थिति को अनुभव करने के लिए विशेष योगाभ्यास कराए, जिससे सभी ने शांति और शक्ति की गहराई को महसूस किया।
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वहीं बहादुरगढ़ ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके अंजलि ने सभी का स्वागत किया और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनेक गहन धारणा युक्त बातें साझा की। उन्होंने बताया कि सच्ची आध्यात्मिक प्रगति तभी संभव है, जब हम परमात्मा से सच्चा संबंध जोड़कर अपने भीतर दिव्यता का प्रकाश भरें। बीके विनीता व रेणु ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी तपस्वी महान आत्मा के अनुभव सुनना, आत्मा के लिए ऊर्जा का कार्य करता है।
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