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Jhajjar-Bahadurgarh News: अमावस्या पर राहगीरों को वितरित किया कढ़ी-चावल का प्रसाद
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19jjrp01- महर्षि वाल्मीकि चौक स्थित सीताराम गेट के व्यापारी प्रसाद वितरित करते हुए। स्रोत-आयोजक
झज्जर। महर्षि वाल्मीकि चौक स्थित सीताराम गेट के व्यापारियों ने मिलकर शुक्रवार को राहगीरों के लिए कढ़ी-चावल का प्रसाद वितरित किया। इसमें सैकड़ों की संख्या में आसपास के लोगों और राहगीरों ने कढ़ी-चावल का प्रसाद ग्रहण किया।
अमावस्या सेवा समिति के रमेश गुर्जर व शाम मिस्त्री ने बताया कि शहर के सामाजिक एवं धार्मिक लोगों व सीताराम गेट चौक के सभी दुकानदारों ने आपसी सहयोग से अमावस्या के अवसर पर भंडारा आयोजित किया। पौराणिक मान्यता है कि हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का बड़ा महत्व होता है। पौष मास अमावस्या को बहुत शुभ माना जाता है।
पौष मास अमावस्या पर दान करने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए पितृ कर्मों से पितर प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, पौष अमावस्या का शुक्रवार के दिन होना माता लक्ष्मी की कृपा से जुड़ा शुभ संयोग भी बना रहा है
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मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को श्रद्धा भाव से किया गया दान और पुण्य कर्म लाभदायक होता है। अमावस्या पर लोगों को भोजन कराना पुण्य का काम होता हैं। अन्न दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने का विशेष दिन है।
पौष मास में कंबल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति
पौष का महीना कड़ाके की ठंड से जुड़ा होता है इसलिए इस दिन गर्म कपड़े और कंबलों का दान करना भी बहुत पुण्य का काम माना गया है।
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अमावस्या सेवा समिति के रमेश गुर्जर व शाम मिस्त्री ने बताया कि शहर के सामाजिक एवं धार्मिक लोगों व सीताराम गेट चौक के सभी दुकानदारों ने आपसी सहयोग से अमावस्या के अवसर पर भंडारा आयोजित किया। पौराणिक मान्यता है कि हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का बड़ा महत्व होता है। पौष मास अमावस्या को बहुत शुभ माना जाता है।
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पौष मास अमावस्या पर दान करने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किए गए पितृ कर्मों से पितर प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, पौष अमावस्या का शुक्रवार के दिन होना माता लक्ष्मी की कृपा से जुड़ा शुभ संयोग भी बना रहा है
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मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को श्रद्धा भाव से किया गया दान और पुण्य कर्म लाभदायक होता है। अमावस्या पर लोगों को भोजन कराना पुण्य का काम होता हैं। अन्न दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता हैं। अमावस्या पितरों को प्रसन्न करने का विशेष दिन है।
पौष मास में कंबल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति
पौष का महीना कड़ाके की ठंड से जुड़ा होता है इसलिए इस दिन गर्म कपड़े और कंबलों का दान करना भी बहुत पुण्य का काम माना गया है।