{"_id":"698110264afe2e4ed609f388","slug":"olympian-wrestler-deepak-will-tie-the-knot-today-he-accepted-only-a-silver-coin-as-a-gift-during-the-engagement-ceremony-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-131289-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: ओलंपियन पहलवान दीपक शादी के बंधन में बंधेंगे आज, तिलक में लिया सिर्फ चांदी का सिक्का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: ओलंपियन पहलवान दीपक शादी के बंधन में बंधेंगे आज, तिलक में लिया सिर्फ चांदी का सिक्का
विज्ञापन
02jjr30-तिलक कार्यक्रम में परिवार की महिलाओं के साथ ओलंपियन दीपक पूनिया। स्रोत-परिवार
झज्जर। छारा गांव निवासी ओलंपियन पहलवान दीपक पूनिया तीन फरवरी को विवाह के बंधन में बंध जाएंगे। सोमवार को शहर के धनखड़ फार्म हाउस में टीके (तिलक) का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दीपक के पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि तिलक में दीपक ने सिर्फ एक रुपये का चांदी का सिक्का लिया। लंच में 500 लीटर देसी घी के अलग-अलग पकवान तैयार किए गए। इस दौरान योगेश्वर दत्त के अलावा सतपाल पहलवान व अन्य कई पहलवान भी कार्यक्रम में पहुंचे।
दीपक पूनिया का जन्म 19 मई 1999 को छारा गांव में हुआ। बचपन से ही कुश्ती उनके खून में रही क्योंकि उनके पिता सुभाष भी स्थानीय स्तर पर पहलवान रहे। दीपक को महज 5 साल की उम्र में अखाड़े में दाखिल कराया गया था।
विज्ञापन
इसी दौरान उन्हें गांव में केतली पहलवान का उपनाम मिला क्योंकि उन्होंने एक बार दूध पीते-पीते पूरी केतली (बर्तन) ही खाली कर दी थी। दीपक पूनिया सेना में सूबेदार हैं।
28 सितंबर को हुई थी सगाई
दीपक अपने पिता के दोस्त की बेटी शिवानी के साथ सात फेरे लेंगे। दीपक और शिवानी की 28 सितंबर 2025 को सगाई हुई थी। इसमें सिर्फ परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे। शिवानी संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रही हैं। उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना है। शिवानी ने रोहतक के जाट कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स से एमए किया है। दीपक के पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि शिवानी के पिता अनूप सिंह प्रॉपर्टी का काम करते हैं। जब दीपक अखाड़े में प्रैक्टिस करने जाते थे वहीं अनूप सिंह से मुलाकात हुई। 2020 में दोस्ती हो गई।
शादी के कारण नहीं खेला पीडब्ल्यूएल
पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि दीपक को प्रो. रेसलिंग लीग में महाराष्ट्र की टीम में शामिल किया गया। दीपक पूनिया को ग्रेड ए के पहलवानों में शामिल किया गया और बेस प्राइस 12 लाख रुपये रखा गया था। हालांकि अपनी शादी के कारण दीपक ने पीडब्ल्यूएल नहीं खेला।
विज्ञापन
दीपक के पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि तिलक में दीपक ने सिर्फ एक रुपये का चांदी का सिक्का लिया। लंच में 500 लीटर देसी घी के अलग-अलग पकवान तैयार किए गए। इस दौरान योगेश्वर दत्त के अलावा सतपाल पहलवान व अन्य कई पहलवान भी कार्यक्रम में पहुंचे।
विज्ञापन
दीपक पूनिया का जन्म 19 मई 1999 को छारा गांव में हुआ। बचपन से ही कुश्ती उनके खून में रही क्योंकि उनके पिता सुभाष भी स्थानीय स्तर पर पहलवान रहे। दीपक को महज 5 साल की उम्र में अखाड़े में दाखिल कराया गया था।
विज्ञापन
इसी दौरान उन्हें गांव में केतली पहलवान का उपनाम मिला क्योंकि उन्होंने एक बार दूध पीते-पीते पूरी केतली (बर्तन) ही खाली कर दी थी। दीपक पूनिया सेना में सूबेदार हैं।
28 सितंबर को हुई थी सगाई
दीपक अपने पिता के दोस्त की बेटी शिवानी के साथ सात फेरे लेंगे। दीपक और शिवानी की 28 सितंबर 2025 को सगाई हुई थी। इसमें सिर्फ परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे। शिवानी संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रही हैं। उनका आईएएस अधिकारी बनने का सपना है। शिवानी ने रोहतक के जाट कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स से एमए किया है। दीपक के पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि शिवानी के पिता अनूप सिंह प्रॉपर्टी का काम करते हैं। जब दीपक अखाड़े में प्रैक्टिस करने जाते थे वहीं अनूप सिंह से मुलाकात हुई। 2020 में दोस्ती हो गई।
शादी के कारण नहीं खेला पीडब्ल्यूएल
पिता सुभाष पूनिया ने बताया कि दीपक को प्रो. रेसलिंग लीग में महाराष्ट्र की टीम में शामिल किया गया। दीपक पूनिया को ग्रेड ए के पहलवानों में शामिल किया गया और बेस प्राइस 12 लाख रुपये रखा गया था। हालांकि अपनी शादी के कारण दीपक ने पीडब्ल्यूएल नहीं खेला।

02jjr30-तिलक कार्यक्रम में परिवार की महिलाओं के साथ ओलंपियन दीपक पूनिया। स्रोत-परिवार