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Jhajjar-Bahadurgarh News: ठंड से उभरी पुरानी चोट, बढ़ी ओपीडी
Thu, 21 Nov 2024 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:00 AM IST
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बहादुरगढ़। ठंड शुरू हो गई है। इस मौसम में जोड़ और पुरानी चोट उभरने लगी है। इसी के चलते बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। हाल यह होने लगा है कि बुखार के बाद सबसे ज्यादा हड्डी रोग के मरीज आए हैं। सही तरीके से नहीं बैठने के कारण पीठ, कमर और अंगुलियों में दर्द के मरीज भी बढ़ गए हैं। कंप्यूटर पर लगातार काम करने से उंगली और गर्दन में भी दर्द हो रहा है।
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। इनमें से जोड़ दर्द, घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, पुरानी चोट का दर्द उभरने की परेशानी वाले मरीजों की संख्या 10 से 15 है। मरीज पुरानी चोट में कूल्हे में दर्द, कमर में दर्द, कंधों में दर्द की परेशानी बता रहे हैं। अधिकांश युवा हैं, जो पूर्व में सड़क हादसे या फिर किसी वजह से चोटिल हो गए थे। इनको दवा के साथ परामर्श भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौसम सर्द होने से गठिया के पुराने मरीजों का मर्ज भी बढ़ जाता है। कई बार दर्द अधिक होने पर मरीज दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं, इससे असर रहने तक ही आराम मिलता है। स्वयं दवा न लेकर डॉक्टर से परामर्श जरूरी है। डॉ. कुनाल ने बताया कि सर्द मौसम में नस संकुचित होने से रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द की परेशानी उभर आती है। गठिया के पुराने मरीज जागने के बाद तत्काल न चलें। हाथ-पैरों का 3-5 मिनट वार्मअप कर लें। इससे गिरने का खतरा कम होगा।
इन बातों का रखें ख्याल
-बुजुर्ग और गठिया रोगी धूप खिलने के बाद ही बाहर घूमने जाएं।
-बेड पर पैरों के नीचे तकिया रखकर 8-10 बार उसे नीचे दबाकर व्यायाम करें।
-कुर्सी-पलंग पर बैठकर पैरों को ऊपर नीचे करें, 10-15 बार जरूर करें।
-योग करें और शरीर को वार्मअप कर लें, फिजियोथेरेपी भी करा सकते हैं।
-गठिया संबंधी दवाएं बंद नहीं करें, पैरों का व्यायाम करें।
-मांसपेशियों की कसरत करें, सुबह धूप में अधिक बैठेें।
-दूध और पनीर अधिक लें, मोबाइल-लैपटॉप पर अधिक समय नहीं बिताएं।
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नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। इनमें से जोड़ दर्द, घुटनों में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, पुरानी चोट का दर्द उभरने की परेशानी वाले मरीजों की संख्या 10 से 15 है। मरीज पुरानी चोट में कूल्हे में दर्द, कमर में दर्द, कंधों में दर्द की परेशानी बता रहे हैं। अधिकांश युवा हैं, जो पूर्व में सड़क हादसे या फिर किसी वजह से चोटिल हो गए थे। इनको दवा के साथ परामर्श भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मौसम सर्द होने से गठिया के पुराने मरीजों का मर्ज भी बढ़ जाता है। कई बार दर्द अधिक होने पर मरीज दर्द निवारक दवाएं लेने लगते हैं, इससे असर रहने तक ही आराम मिलता है। स्वयं दवा न लेकर डॉक्टर से परामर्श जरूरी है। डॉ. कुनाल ने बताया कि सर्द मौसम में नस संकुचित होने से रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे जोड़ों में सूजन, दर्द की परेशानी उभर आती है। गठिया के पुराने मरीज जागने के बाद तत्काल न चलें। हाथ-पैरों का 3-5 मिनट वार्मअप कर लें। इससे गिरने का खतरा कम होगा।
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इन बातों का रखें ख्याल
-बुजुर्ग और गठिया रोगी धूप खिलने के बाद ही बाहर घूमने जाएं।
-बेड पर पैरों के नीचे तकिया रखकर 8-10 बार उसे नीचे दबाकर व्यायाम करें।
-कुर्सी-पलंग पर बैठकर पैरों को ऊपर नीचे करें, 10-15 बार जरूर करें।
-योग करें और शरीर को वार्मअप कर लें, फिजियोथेरेपी भी करा सकते हैं।
-गठिया संबंधी दवाएं बंद नहीं करें, पैरों का व्यायाम करें।
-मांसपेशियों की कसरत करें, सुबह धूप में अधिक बैठेें।
-दूध और पनीर अधिक लें, मोबाइल-लैपटॉप पर अधिक समय नहीं बिताएं।