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Jhajjar-Bahadurgarh News: अस्पताल में बढ़ी सांस और आंखों में एलर्जी के मरीजों की संख्या
Sun, 19 Nov 2023 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 19 Nov 2023 01:30 AM IST
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बहादुरगढ़। दीवाली के बाद क्षेत्र में बढ़ी प्रदूषण की मात्रा के बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक शहर के नागरिक अस्पताल में अनेक बीमारियों के मरीज करीब 30 फीसदी बढ़ गए हैं। खास बात यह है कि अब 15 से 20 फीसद मरीज सांस और आंखों में जलन की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
दीवाली के बाद से लगातार स्मॉग छा रहा है। जहरीली हवा फेफड़ों में पहुंच कर लोगों की समस्या बढ़ा रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आंखों, त्वचा, अस्थमा, सांस फूलने, जुकाम के रोगी पहुंच रहे हैं। जिन्हें चिकित्सकों ने उचित परामर्श के बाद प्रदूषण के इस मौसम में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी। नागरिक अस्पताल में नेत्र चिकित्सक डॉ. मालविका ने बताया कि अमूमन इन दिनों में आंखों के मरीज ना के बराबर ही आते थे, लेकिन अबकी बार क्षेत्र में बढ़े प्रदूषण के बाद प्रतिदिन 20 से ज्यादा मरीज आंखों में एलर्जी के पहुंच रहे हैं। इस बार एलर्जी भी अलग तरह की है। प्रदूषण के कारण ही लोगों को आंखों में एलर्जी की शिकायत हो रही है।
प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के लक्षण
प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा समस्या गले में खरास की और आंखों में जलन की है। इसके अलावा जुकाम, अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज आ रहे हैं। बुजुर्ग और बच्चों को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ओपीडी में लगातार बढ़ रहे हैं खरास और सांस के मरीज
बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में दीवाली के बाद मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। फिलहाल ओपीडी में गले में खरास और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में दमा के मरीजों की समस्या अचानक बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिन मरीजों की नियमित दवाएं चल रही हैं वे समस्या बढ़ने पर डाक्टर के पास आ रहे हैं।
प्रदूषण से बचाव
-बाइक चलाते समय आंखों पर चश्मा लगाएं, फिलहाल सुबह-शाम टहलने से बचें, धुआं न होने दे, कोई कूड़ा जलाता है तो मना करें, घर के सामने सड़क पर पानी का छिड़काव करें, बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क पहनें।
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दीवाली के बाद से लगातार स्मॉग छा रहा है। जहरीली हवा फेफड़ों में पहुंच कर लोगों की समस्या बढ़ा रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आंखों, त्वचा, अस्थमा, सांस फूलने, जुकाम के रोगी पहुंच रहे हैं। जिन्हें चिकित्सकों ने उचित परामर्श के बाद प्रदूषण के इस मौसम में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी। नागरिक अस्पताल में नेत्र चिकित्सक डॉ. मालविका ने बताया कि अमूमन इन दिनों में आंखों के मरीज ना के बराबर ही आते थे, लेकिन अबकी बार क्षेत्र में बढ़े प्रदूषण के बाद प्रतिदिन 20 से ज्यादा मरीज आंखों में एलर्जी के पहुंच रहे हैं। इस बार एलर्जी भी अलग तरह की है। प्रदूषण के कारण ही लोगों को आंखों में एलर्जी की शिकायत हो रही है।
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प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के लक्षण
प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा समस्या गले में खरास की और आंखों में जलन की है। इसके अलावा जुकाम, अस्थमा, सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज आ रहे हैं। बुजुर्ग और बच्चों को खासतौर से सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ओपीडी में लगातार बढ़ रहे हैं खरास और सांस के मरीज
बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में दीवाली के बाद मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। फिलहाल ओपीडी में गले में खरास और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस मौसम में दमा के मरीजों की समस्या अचानक बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिन मरीजों की नियमित दवाएं चल रही हैं वे समस्या बढ़ने पर डाक्टर के पास आ रहे हैं।
प्रदूषण से बचाव
-बाइक चलाते समय आंखों पर चश्मा लगाएं, फिलहाल सुबह-शाम टहलने से बचें, धुआं न होने दे, कोई कूड़ा जलाता है तो मना करें, घर के सामने सड़क पर पानी का छिड़काव करें, बाहर निकलें तो मुंह पर रुमाल या मास्क पहनें।