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Jhajjar-Bahadurgarh News: अब फिंगरप्रिंट के अलावा ओटीपी और आईरिस स्कैन से भी रजिस्टर्ड हो सकेगा आयुष्मान कार्ड
Wed, 06 Mar 2024 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 06 Mar 2024 01:33 AM IST
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झज्जर। कई बार देखने में आता है कि आयुष्मान कार्ड धारक मरीज जब इलाज के लिए सरकारी व निजी अस्पताल में जाता है तो कई बार उसका फिंगरप्रिंट स्कैन नहीं हो पाता। इसके चलते मरीज को इलाज मिलने में देरी हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि, अब आयुष्मान कार्ड धारक जब भी सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाएगा तो फिंगरप्रिंट के अलावा मोबाइल ओटीपी या फिर आईरिस स्कैन के जरिये भी उसे रजिस्टर्ड किया जा सकेगा। ऐसे में मरीज को समय पर इलाज मिल सकेगा।
आयुष्मान पोर्टल के लिए नया साफ्टवेयर लांच किया गया है, इसमें मरीजों के लिए नई सुविधा दी गई है। अब तक केवल फिंगरप्रिंट के जरिये मरीज को रजिस्टर्ड किया जाता था, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों के साथ होती है। बुजुर्ग मरीजों के हाथों की उंगलियां स्कैन नहीं हो पाती थी। इसके चलते उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। इस पर मरीज शिकायत भी करते थे कि उनको अस्पतालों द्वारा इलाज नहीं दिया जा रहा, लेकिन अब फिंगरप्रिंट स्कैन न होने पर मोबाइल पर ओटीपी और आईरिस के जरिये भी मरीज रजिस्टर्ड हो पाएंगे।
20 सरकारी और 27 निजी अस्पताल पैनल पर
जिले में आयुष्मान पैनल पर कुल 47 अस्पताल हैं। इसमें 20 सरकारी और 27 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है। अब पीएचसी स्तर पर भी मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज मिल रहा है।
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अब तक 2 लाख 83 हजार से अधिक चिरायु कार्ड बने
जिले में अब तक 2 लाख 83 हजार 581 चिरायु कार्ड बन चुके हैं। इसके अलावा आयुष्मान व चिरायु कार्ड की संख्या तीन लाख 66 हजार 245 तक है। स्वास्थ्य विभाग ने 82 हजार 664 आयुष्मान कार्ड बनाए हैं जबकि चिरायु कार्ड की संख्या 2 लाख 83 हजार 581 है।
तिथि बनाए गए कार्ड
23 फरवरी 329
24 फरवरी 413
25 फरवरी 424
26 फरवरी 426
27 फरवरी 461
28 फरवरी 416
29 फरवरी 460
नए साफ्टवेयर में फिंगरप्रिंट के अलावा आईरिस और ओटीपी के जरिये भी अब मरीजों को रजिस्टर्ड किया जा सकेगा। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल जाएगा। पहले कई बार फिंगरप्रिंट साफ्टवेयर नहीं उठा पाता था, इसलिए मरीज को इलाज में दिक्कत आ जाती थी। अब नए साफ्टवेयर में दो नए ऑप्शन का प्रावधान किया गया है।
- विकास कुमार, जिला प्रबंधक, चिरायु योजना, झज्जर
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आयुष्मान पोर्टल के लिए नया साफ्टवेयर लांच किया गया है, इसमें मरीजों के लिए नई सुविधा दी गई है। अब तक केवल फिंगरप्रिंट के जरिये मरीज को रजिस्टर्ड किया जाता था, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों के साथ होती है। बुजुर्ग मरीजों के हाथों की उंगलियां स्कैन नहीं हो पाती थी। इसके चलते उनको दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। इस पर मरीज शिकायत भी करते थे कि उनको अस्पतालों द्वारा इलाज नहीं दिया जा रहा, लेकिन अब फिंगरप्रिंट स्कैन न होने पर मोबाइल पर ओटीपी और आईरिस के जरिये भी मरीज रजिस्टर्ड हो पाएंगे।
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20 सरकारी और 27 निजी अस्पताल पैनल पर
जिले में आयुष्मान पैनल पर कुल 47 अस्पताल हैं। इसमें 20 सरकारी और 27 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है। अब पीएचसी स्तर पर भी मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज मिल रहा है।
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अब तक 2 लाख 83 हजार से अधिक चिरायु कार्ड बने
जिले में अब तक 2 लाख 83 हजार 581 चिरायु कार्ड बन चुके हैं। इसके अलावा आयुष्मान व चिरायु कार्ड की संख्या तीन लाख 66 हजार 245 तक है। स्वास्थ्य विभाग ने 82 हजार 664 आयुष्मान कार्ड बनाए हैं जबकि चिरायु कार्ड की संख्या 2 लाख 83 हजार 581 है।
तिथि बनाए गए कार्ड
23 फरवरी 329
24 फरवरी 413
25 फरवरी 424
26 फरवरी 426
27 फरवरी 461
28 फरवरी 416
29 फरवरी 460
नए साफ्टवेयर में फिंगरप्रिंट के अलावा आईरिस और ओटीपी के जरिये भी अब मरीजों को रजिस्टर्ड किया जा सकेगा। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल जाएगा। पहले कई बार फिंगरप्रिंट साफ्टवेयर नहीं उठा पाता था, इसलिए मरीज को इलाज में दिक्कत आ जाती थी। अब नए साफ्टवेयर में दो नए ऑप्शन का प्रावधान किया गया है।
- विकास कुमार, जिला प्रबंधक, चिरायु योजना, झज्जर