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पीएम स्वनिधि बनी सहारा: नेतू सिंह ने फिर दौड़ाया रोजगार का पहिया, झज्जर में शुरू किया गोलगप्पे का कारोबार
Tue, 22 Sep 2026 03:08 PM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Tue, 22 Sep 2026 03:08 PM IST
सार
नेतू सिंह ने बताया कि रेहड़ी-पटरी पर छोटा कारोबार करने वाले लोगों के लिए पीएम स्वनिधि योजना काफी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन जैसी कठिन परिस्थिति में जब उनका रोजगार पूरी तरह बंद हो गया था, तब योजना के माध्यम से मिली ऋण सुविधा ने उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद की।
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नेतू सिंह
- फोटो : संवाद
विस्तार
मेहनत करने की इच्छाशक्ति और सरकारी योजना का सहयोग मिल जाए तो मुश्किल परिस्थितियों में भी रोजगार को नई दिशा दी जा सकती है। झज्जर शहर में रहने वाले नेतू सिंह कुशवाहा की कहानी इसका उदाहरण है। भट्ठी गेट पर रेहड़ी लगाकर गोलगप्पे का काम करने वाले नेतू सिंह के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना (पीएम स्वनिधि) आर्थिक संबल बनी और लॉकडाउन के दौरान बंद हुए उनके रोजगार को दोबारा गति मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ मॉड्यूल में नेतू सिंह की यह कहानी मेहनत, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के लाभ से बदलाव की मिसाल पेश करती है।
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नेतू सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उनका गोलगप्पे का काम पूरी तरह बंद हो गया था। रोजगार का साधन रुक जाने के कारण परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गईं। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद उन्होंने दोबारा अपना काम शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन कारोबार को फिर से खड़ा करने के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। इस दौरान उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी मिली।
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योजना की जानकारी मिलने के बाद नेतू सिंह ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया। उन्हें पहली बार 10 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि की मदद से उन्होंने अपना गोलगप्पे का काम दोबारा शुरू किया और धीरे-धीरे कारोबार को आगे बढ़ाया। समय पर ऋण की अदायगी करने के बाद उन्हें दूसरी बार 20 हजार रुपये का ऋण मिला। इसके बाद उन्हें 50 हजार रुपये तक की ऋण सुविधा प्राप्त हुई।
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नेतू सिंह बताते हैं कि ऋण की अलग-अलग चरणों में मिली आर्थिक सहायता से उन्हें अपने छोटे से कारोबार को मजबूत करने में मदद मिली। उन्होंने कारोबार में आवश्यक सामान की व्यवस्था की और अपने काम को पहले की अपेक्षा बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया। आज भट्ठी गेट पर उनकी गोलगप्पे की रेहड़ी अच्छी तरह चल रही है और उनके लिए यही काम परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर पर अपना रोजगार करने वाले लोगों के लिए समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता बहुत मायने रखती है। पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से उन्हें अपने काम को फिर से खड़ा करने का अवसर मिला और धीरे-धीरे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
छोटे कारोबारियों के लिए बनी सहारा
नेतू सिंह ने बताया कि रेहड़ी-पटरी पर छोटा कारोबार करने वाले लोगों के लिए पीएम स्वनिधि योजना काफी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन जैसी कठिन परिस्थिति में जब उनका रोजगार पूरी तरह बंद हो गया था, तब योजना के माध्यम से मिली ऋण सुविधा ने उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि गरीब और छोटे रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही ऐसी योजनाएं उनके जैसे लोगों के लिए रोजगार को दोबारा शुरू करने और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करती हैं।