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NEET Re-Test Result: इस बार नहीं आए किसी परीक्षार्थी के 720 अंक, अभिभावक बोले-सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार

Tue, 02 Jul 2024 01:59 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 02 Jul 2024 01:59 PM IST
सार

नीट की तरफ से 5 मई को बहादुरगढ़ के तीन केंद्रों पर परीक्षा ली गई थी। उसमें झज्जर जिले के चार बच्चों के 720 में से 720 अंक आए। इसको लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो सरकार ने 1563 बच्चों की देश भर में दोबारा परीक्षा करवाई थी।

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NEET Re Test Result, This time no candidate got 720 marks, parents said waiting for Supreme Court's decision
नीट यूजी परीक्षा का परिणाम - फोटो : Self

विस्तार

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 23 जून को दोबारा हुई नीट यूजी परीक्षा का परिणाम रविवार रात को जारी किया, लेकिन वेबसाइट में तकनीकी दिक्कत आने के कारण आवेदक देररात तक परिणाम नहीं देख सके। सोमवार सुबह परिणाम देखा गया। जिले के जिन विद्यार्थियों के ग्रेस मार्क्स के बाद 720 अंक आए थे उनमें जिन विद्यार्थियों ने दोबारा परीक्षा दी थी, उनके 720 अंक इस बार नहीं आए।

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जिले में 23 जून को 504 बच्चों को परीक्षा देनी थी, लेकिन उस दिन केवल 287 बच्चों ने दोबारा परीक्षा दी थी। जिले में केंद्रीय विद्यालय और डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में केंद्र बनाए गए थे। पिछली बार हुई परीक्षा में अंजलि ने ग्रेस मार्क्स के साथ 720 अंक पाए थे। दोबारा परीक्षा देने पर उसे 677 अंक मिले हैं। इसी प्रकार से पिछली बार ग्रेस मार्क्स के साथ 720 अंक पाने वाले कृष को इस बार 637 अंक मिले हैं। पिछली बार बिना ग्रेस मार्क्स के कृष के 642 अंक बने थे। इस बार एक प्रश्न गलत होने के कारण उसके पांच अंक कम आए हैं।
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शिक्षक और अभिभावक बोले- अब एम्स या पीजीआई नहीं मिलेगा
शिक्षक और अभिभावकों का कहना है कि पहले जिन बच्चों के 720 नंबर आए थे, उनको उस समय एम्स में दाखिला मिल जाता, लेकिन अब एम्स में दाखिला नहीं मिलेगा। यहां तक कि कुछ बच्चों को पीजीआई में दाखिला नहीं मिलेगा। आसपास के जिलों के मेडिकल कॉलेज में दाखिला जरूर मिल जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
बच्चे, अभिभावक फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर भी इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना बाकी है। इसके बाद ही अभिभावक अगला कदम उठाएंगे। जरूरत पड़ी तो कुछ बच्चे दोबारा तैयारी कर परीक्षा भी दे सकते हैं।

यह था मामला
नीट की तरफ से 5 मई को बहादुरगढ़ के तीन केंद्रों पर परीक्षा ली गई थी। उस समय कुछ केंद्रों पर दो प्रश्न पत्र बांट दिए गए थे। बाद में एक प्रश्न पत्र विद्यार्थियों को करने के लिए कहा गया था। इसके चलते उनका समय खराब हुआ। इसकी शिकायत अभिभावकों ने एनटीए से की। जब एनटीए ने परीक्षा परिणाम जारी किया तो उसमें झज्जर जिले के चार बच्चों के 720 में से 720 अंक आए। इसके अलावा दो चार छात्र भी टॉप रैंकिंग में आ गए थे।


इसको लेकर विवाद हुआ कि एक ही सेंटर के इतने विद्यार्थी ऑल इंडिया में टॉप रैंक कैसे पा सकते हैं। बाद में सामने आया था कि एनटीए ने कुछ बच्चों को ग्रेस मार्क्स दिए, जिस कारण उनके 720 में से 720 अंक आए। विवाद बढ़ा तो सरकार ने 1563 बच्चों की देश भर में दोबारा परीक्षा करवाई थी। इसमें झज्जर में दो केंद्र बनाए गए थे, जहां 504 बच्चों को परीक्षा देनी थी। इसमें से 287 ने परीक्षा दी थी।

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