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अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह: सीएम से सम्मानित होकर खुशी से झूमे झज्जर के मेधावी

Mon, 26 Sep 2022 05:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Mon, 26 Sep 2022 05:04 AM IST
सार

अमर उजाला परिवार की ओर से रोहतक में रविवार को एमडीयू के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित हुए मेधावी छात्र सम्मान समारोह में जिले के 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सम्मानित किया गया।

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Meritorious jumped with joy after being honored with CM
सम्मानित हुए झज्जर जिले के टॉपर्स। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर पाने को 12 से 14 घंटे पढ़ाई जरूरी नहीं है। यदि नियमित स्कूल जाएं और घर पर 6 घंटे भी पढ़ाई कर लें तो बुलंदियों पर पहुंच सकते हैं। केवल आपका मन मजबूत और आगे बढ़ने की चाहत होनी चाहिए। सोशल मीडिया का प्रयोग केवल अपनी शैक्षिक जानकारी के लिए करें ।
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ये कहना है कि हरियाणा शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2022 की दसवीं और 12 वीं की परीक्षाओं में प्रदेश और जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावियों का। शहर के डीएमयू स्थित राधाकृष्ण सभागार में अमर उजाला फाउंडेशन के मेधावी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों सम्मानित होकर इन मेधावियों और उनके साथ आए उनके अभिभावकों की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने अमर उजाला को अपनी कामयाबी का राज बताया।
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सेना में भर्ती होना चाहती है दीपिका
10 वीं में जिले में पहला स्थान हासिल करने वाली दुबलधन सीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा दीपिका ने बताया कि मेरा सपना है कि सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करूं। दीपिका ने 10 वीं परीक्षा में 500 में 494 अंक प्राप्त किए है। दीपिका साधारण किसान परिवार से है। सीएम से सम्मानित होकर वह खुद को गौरवांवित महसूस कर रही है। पिता जोगेंद्र ने बताया कि मुझे गर्व है कि बेटी ने जिले प्रथम स्थान लेकर अपने परिजनों का नाम ऊंचा किया है। उसने इसका श्रेय सीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्राचार्य सुनीता व अपने माता-पिता को देना चाहूंगी।
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देविका ने 7 घंटे पढ़ाई करके पाई सफलता
झज्जर। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हसनपुर में पढ़ने वाली देविका पुत्री सुरेंद्र सिंह ने जिले में दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 500 में से 493 अंक प्राप्त किए हैं। देविका के पिता एक किसान है और उनकी माता एक ग्रहणी है। बकौल देविका नियमित रुप से स्कूल जाने के अलावा घर पर रोज 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती है। वह डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं। देविका ने बताया कि वह इसी तरह अपनी मेहनत को जारी रखेगी और 12वीं कक्षा में भी पूरे हरियाणा जिले का नाम रोशन करेगी।

Meritorious jumped with joy after being honored with CM
सीएम मनोहर लाल ने साथ सम्मान पाने वाले मेधावी। - फोटो : अमर उजाला

दोस्त बनकर बड़ी बहन ने किया सहयोग
इंडियन हाई स्कूल सलौधा की छात्रा आरती पुत्री कप्तान सिंह ने 500 में से 492 अंक प्राप्त किया है। आरती में पिता शिक्षक हैं और माता आंगनबाड़ी वर्कर। उसने रोजाना पांच घंटे पढ़ाई की। इसी तरह कामयाबी हासिल की। वह भविष्य में आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। आरती को सबसे ज्यादा मदद उसकी बहन ने की। वह मेरी दोस्त बनकर मुझे पढ़ाई के बारे में बताती रहती थी जिस कारण उसे कभी विषय में कोई कठिनाई लगती तो उसकी बहन उसकी मदद करती थी।

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किरण ने किताबों से नोट बनाकर की तैयारी
झज्जर। महर्षि दयानंद स्कूल खुड़न की छात्रा किरण ने 12वीं में जिले की मेरिट में स्थान पाया। वह रोज 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। खराब मौसम में भी कभी स्कूल की छुट्टी नहीं की। हर विषय के लिए में एक समान मेहनत की। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर किताबों से नोट्स बनाकर पढ़ाई की और कामयाबी हासिल की। छोटी छोटी चीजों को एक श्रेणी बंद तरीके से काम करने से ही सफलता हासिल हुई है।

भाई बहनों को पढ़ाकर खुद पढ़ती थी सविता
झज्जर। किसान की बेटी सविता ने 12 वीं में शानदार प्रदर्शन करने के बाद आईएएस की तैयारी भी शुरू कर दी है। बकौल सविता हर विषय की पढ़ाई की। सविता के अलावा घर पर दो बहनों को भी पढ़ाती है। बकौल सविता भाई बहनों को पढ़ाने के बाद वह खुद पढ़ाई करती थी। उसने बताया कि यदि क्लास में मन लगाकर पढ़ाई करें और घर पर चार पांच घंटे पढ़ लें तो सफलता मिलने में दिक्कत नहीं आती।

मधु बनना चाहती हैं शिक्षिका
कबलाना गांव निवासी मधु स्कूल के अलावा हर रोज करीब 7 से 8 घंटे अलग-अलग विषय की पढ़ाई करती है। 12 वीं में मधु के पास मेडिकल व नॉन मेडिकल दोनों संकाय थे। जिसके चलते उसे अन्य विद्यार्थियों से अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी। स्कूल में होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद में भी भाग लिया। जिसके चलते जब वह पढ़ाई करने के बैठती तो उसका मन एकाग्र हो जाता। जिसके चलते सभी संकाय पर उसकी एक विशेष पकड़ बन गई थी। नियमित कक्षा में पढ़ाई उसकी आदत थी। वह शिक्षक बनना चाहती है।

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परिजनों का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन मिला
12वीं में शानदार प्रदर्शन करने वाली ढाकला गांव निवासी हिमांशी ने बताया कि उसके परिजनों ने कभी भी अपनी नहीं थोपी। उसकी इच्छा के अनुसार विषय दिलाए और उसे पढ़ाया। परिजनों सहयोग और शिक्षकों ने मार्गदर्शन दिया। इसी वजह से उसने यह सफलता हासिल की। के परिजनों ने बताया कि वह एक आईएएस अफसर बनना चाहती है ताकि सरकारी सुविधाएं जरूरतमंद को मिले। उसके परिवार के सभी सदस्य शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई को अवसर में बदला : सविता
12 वीं की बोर्ड परीक्षा में 97.8 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली रूडियावास निवासी प्रीति सेवता ने बताया कि उनके पिता अनपढ़ हैं। बकौल सविता कोरोना काल के दौरान जब दो साल पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से हुई तब उन्होंने इस मौके को अवसर में बदला । वह लगातार शिक्षकों से संपर्क में रही और दिक्कतों को उनसे शेयर किया। उन्होंने उसका समाधान बताया। उन्होंने कहा कि फोन का प्रयोग उन्होंनेेेे केवल पढ़ाई के लिए किया । प्रीति सेवता फिलहाल एन अकेडमी एप्प से नीट की तैयारी कर रही हैं । एमबीबीएस डॉक्टर बनना उनका सपना है ।

आत्मरक्षा को कराटे भी सीखती है मनीषा
12वीं कक्षा (कला संकाय) की बोर्ड परीक्षा में 491 अंक लेकर झज्जर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली मनीषा भारद्वाज सिविल सेवा परीक्षा पास करके सरकारी क्षेत्र में सेवा करने की इच्छुक है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखती हैं। उनके पिता कृष्ण भारद्वाज वाहन चालक और मां पिंकी गृहिणी हैं। बकौल पिंकी वे सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रहती है। कोरोना काल के दौरान कभी कभी लगने वाली ऑनलाइन कक्षाओं और यूट्यूब की मदद से पढ़ाई की।

सिर्फ जानकारी जुटाने को किया सोशल मीडिया का प्रयोग
राज्य शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा (वाणिज्य संकाय) की परीक्षा में 490 अंक लेकर झज्जर जिले में चौथा स्थान प्राप्त करने वाली जेएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा वर्षा शिक्षक बनना चाहती है। गांव निलोठी की रहने वाली वर्षा के पिता सुरेंद्र एक निजी कंपनी में जॉब करते हैं और मां कृष्णा गृहिणी हैं। वर्षा ने बताया कि वह सोशल मीडिया का प्रयोग केवल अहम जानकारी करने के लिए करती है। फेसबुक अकाउंट नहीं खोला। यूट्यूब से भी मदद ली।

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