{"_id":"66a05450f4260de1690d275a","slug":"least-rainfall-in-five-years-in-the-month-of-july-paddy-plantation-affected-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-108777-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: जुलाई के महीने में पांच साल में सबसे कम बारिश, धान की रोपाई प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: जुलाई के महीने में पांच साल में सबसे कम बारिश, धान की रोपाई प्रभावित
Wed, 24 Jul 2024 06:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 24 Jul 2024 06:39 AM IST
विज्ञापन
खेतों में खड़ी धान की फसल।
बहादुरगढ़। बीते पांच सालों में जुलाई के महीने में सबसे कम बारिश हुई है। जुलाई के 23 दिनों में अब तक 100 एमएम बारिश भी नहीं हुई है। पांच साल में सबसे ज्यादा बारिश वर्ष 2021 में कुल 414.6 एमएम दर्ज की गई थी। इस साल जुलाई में अब तक कुल 97.8 एमएम बारिश हुई है। धान की बुआई बारिश में ही अच्छी होती है ऐसे में किसान बारिश के इंतजार में बैठे हैं। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के लिए यह बारिश नाकाफी है।
इस समय बहादुरगढ़-बादली के 16 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की रोपाई की हुई है। यदि बारिश नहीं होती है तो किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होगा। फसल सूखने का भी डर है। जुलाई के महीने में बारिश नहीं होने के साथ मौसम में इस बार दूसरा सबसे बड़ा और परेशान करने वाला परिवर्तन यह भी देखा जा रहा है कि कड़ी धूप के बीच नमी भी बढ़ी हुई है। इससे उमस के साथ उलझन पैदा करने वाली गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार आमतौर पर अधिक गर्मी और नमी आने से बारिश जरूर हो जाती है, लेकनि इस बार ऐसा कम हो रहा है। जबकि उमस कहीं ज्यादा हो रही है। जुलाई के महीने में यूं तो तीन बार बारिश हो चुकी है, लेकिन यह 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई है। ऐसे में किसान चिंतित हैं। नूना माजरा के किसान भूप सिंह, सतेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश न होना चिंता का विषय है। खेतों में खड़ी धान की फसल को इस समय पानी की बेहद जरूरी है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि बारिश नहीं होगी तो फसल सूख जाएगी। अन्यथा फिर उन्हें ट्यूबवेल के जरिये सिंचाई करनी पड़ेगी। इससे लागत बढ़ेगी।
इसलिए कम हुई बारिश
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बादलों का समूह जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में टर्फ लाइन कहते हैं, वह खिसककर काफी नीचे चला गया है। इसी वजह से बहादुरगढ़ में बारिश कम हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने दो दिनों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
विज्ञापन
पिछले छह वर्षों में बारिश मिलीमीटर में
वर्ष
जून
जुलाई में बारिश की मात्रा
2019
15.6
214.7
2020
11.4
255.7
2021
76.3
414.6
2022
49.2
156
2023
115.5
162
2024
103.9
97.8 एमएम (अब तक)
विज्ञापन
इस समय बहादुरगढ़-बादली के 16 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की रोपाई की हुई है। यदि बारिश नहीं होती है तो किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होगा। फसल सूखने का भी डर है। जुलाई के महीने में बारिश नहीं होने के साथ मौसम में इस बार दूसरा सबसे बड़ा और परेशान करने वाला परिवर्तन यह भी देखा जा रहा है कि कड़ी धूप के बीच नमी भी बढ़ी हुई है। इससे उमस के साथ उलझन पैदा करने वाली गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार आमतौर पर अधिक गर्मी और नमी आने से बारिश जरूर हो जाती है, लेकनि इस बार ऐसा कम हो रहा है। जबकि उमस कहीं ज्यादा हो रही है। जुलाई के महीने में यूं तो तीन बार बारिश हो चुकी है, लेकिन यह 100 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई है। ऐसे में किसान चिंतित हैं। नूना माजरा के किसान भूप सिंह, सतेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश न होना चिंता का विषय है। खेतों में खड़ी धान की फसल को इस समय पानी की बेहद जरूरी है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि बारिश नहीं होगी तो फसल सूख जाएगी। अन्यथा फिर उन्हें ट्यूबवेल के जरिये सिंचाई करनी पड़ेगी। इससे लागत बढ़ेगी।
विज्ञापन
इसलिए कम हुई बारिश
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बादलों का समूह जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में टर्फ लाइन कहते हैं, वह खिसककर काफी नीचे चला गया है। इसी वजह से बहादुरगढ़ में बारिश कम हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने दो दिनों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
विज्ञापन
पिछले छह वर्षों में बारिश मिलीमीटर में
वर्ष
जून
जुलाई में बारिश की मात्रा
2019
15.6
214.7
2020
11.4
255.7
2021
76.3
414.6
2022
49.2
156
2023
115.5
162
2024
103.9
97.8 एमएम (अब तक)