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35 नहीं 36 बिरादरी से कायम करेंगे भाईचारे की मिसाल

Thu, 03 Mar 2016 01:32 AM IST
झज्जर/बहादुरगढ़
झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 03 Mar 2016 01:32 AM IST
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पिछले दिनों से चल रहे 35 बिरादरी की एकजुटता का अब विरोध होने लगा है। बैठकों में कहा जा रहा है कि समाज की 35 नहीं 36 बिरादरी एकजुट हैं। कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए 35 बिरादरी का नारा दे रहे हैं। ग्राम पंचायतें भी बिरादरी के नाम पर समाज में डाली जा रही दरार को पाटने के लिए आगे आ गई हैं।
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मैं खुद दलित, 35 बिरादरी की एकजुटता गलत
भदानी गांव में बुधवार को सरपंच सोमबीर सिंह के नेतृत्व में सर्व जातीय भाईचारा सभा का आयोजन हुआ। जिसमें भाईचारे पर चर्चा हुई। सरपंच ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व 35 बिरादरी को एक करने की बात कह कर एक बिरादरी के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
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यह पूरी तरह से गलत है। यह प्रदेश की एकता के लिए खतरा है। पिछले दिनों जो माहौल बना उसके लिए किसी एक जाति को दोषी ठहराना गलत है। आंदोलन के दौरान प्रदेश में सरकारी व निजी संपत्ति की क्षतिपूर्ति के लिए भदानी पंचायत भी पूरा सहयोग देगी।
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उन्होंने कहा कि मैं खुद दलित वर्ग से हूं  ओर 35 बिरादरी को एकजुट करने वालों को गलत मानता हूं। सभा में मा. नंदराम, पंच कृष्ण देहवाल, कृष्ण सहरावत, कृष्ण फलस्वाल, अजीत पंडित, राकेश देशवाल, पवन देशवाल बलबीर सहरावत, रणबीर राहड़, खजान सिंह, धर्मेद्र आदि ने विचार रखे।


35 बिरादरी के नाम पर समाज को खंडित करने का प्रयास
आरक्षण की इस आग में जातीय भाईचारे को खराब करने की कोशिश की जा रही है। कुछ राजनीतिक लोग 35 बिरादरी के नाम पर आपसी भाईचारे को तोड़ रहे हैं।

आरक्षण के नाम पर फैली रही इस भ्रांति को खत्म करने के लिए जातीय आरक्षण को खत्म करके आर्थिक आधार पर का देना चाहिए। ये बात युवा झज्जर ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष प. संत सुरेहती ने कही। उन्होंने कहा कि कोई भी आरक्षण जातीय भाईचारे को खराब नहीं कर सकता। कुछ राजनीतिक लोग हैं जो 35 बिरादरी का नाम लेकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने तो हमेशा ही समाज को जोड़ने का काम किया है। इसलिए समझदार लोगों को भाईचारे को कायम रखने के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर सरपंच दुल्हेड़ा संजय शर्मा, ईश्वर सरपंच दूबलधन, पूर्व सरपंच प. भीम व नरेंद्र शर्मा के अलावा अन्य प्रबुद्ध व्यक्ति उपस्थित रहे।

हम आपस में लड़ बैठे तो देश को कौन संभालेगा

आरक्षण में फैली हिंसा व बिगड़ रहे भाईचारे को रोकने के लिए शांति यज्ञ हुआ। इसमें मुख्य रूप से आचार्य स्वामी शुद्धबोध व महिला पतंजलि योग समिति ने भागीदारी निभाई। आचार्य ने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की हिंसात्मक घटनाओं को होने से रोकना ही एक मनुष्य का धर्म है। ये कोई आरक्षण की आग नहीं बल्कि आपसी भाईचारे में फूट डालने का तरीका है। हमें इस प्रकार के राजनीतिक बहकावे में ना आकर आपसी भाईचारे को कायम रखना चाहिए। जिस प्रकार से पुराने समय में देश में फूट डालकर देश को गुलाम किया गया था।



उसी प्रकार से आज भी भाईचारे में फूट डालकर इस प्रकार का कार्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हमें आपसी भाईचारें को बनाए रखना है। इस अवसर पर रणजीत कर्नल शेर सिंह, भूप सिंह, सुनील, नवीन आर्य, जयबीर आर्य, डॉ. हरीश यादव, प्रेेम गोयल, मुकेश सैन व हेमचंद गुर्जर के अलावा अन्य जन मौजूद रहे।

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