{"_id":"640cca8c540849002a073ab4","slug":"irregularity-in-payment-of-street-light-repair-jhjhar-news-c-17-1-90433-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: स्ट्रीट लाइट मरम्मत के भुगतान में गड़बड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: स्ट्रीट लाइट मरम्मत के भुगतान में गड़बड़ी
विज्ञापन
-फोटो 1 : शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते कपूर राठी।
बहादुरगढ़। नगर परिषद बहादुरगढ़ द्वारा द त्रिलोकेशा कोऑपरेटिव एलसी सोसाइटी लिमिटेड को नवंबर माह में शहर की स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए गलत तरीके से भुगतान कर दिया गया। युवा इनेलो नेता कपूर सिंह राठी ने सरकार से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लाइटें तो ठीक की ही नहीं, गलत तरीके से भुगतान भी कर दिया। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया है।
राठी ने शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के नाम पर जिस तरह भुगतान किया है, उससे भ्रष्टाचार झलकता है। इसलिए इस मामले की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवंबर 2022 का बिल बनाते समय नगर परिषद को इतना तक ध्यान नहीं रहा कि जिस काम का वर्क आर्डर ही 17 नवंबर 2022 को दिया गया है तो उस महीने का बिल 5,15,378 रुपये कैसे बन सकता है। अगर हम कुल दिए गए वर्क आर्डर के हिसाब से भी उसे छह से भाग करें तो भी पूरे महीने का बिल 661720 रुपये बनता था। जबकि नगर परिषद ने केवल 13 दिन का बिल ही 515378 रुपये बना ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया। केवल यही नहीं ठेकेदार को भुगतान करते समय नगर परिषद के सभी अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर के साथ 15 मार्च 2023 व 16 मार्च 2023 की तारीख लिखी है। राठी ने कहा कि जो सरकारी अधिकारी ऑडिट का काम करते हैं उन लोगों ने भी इतनी बड़ी गलती आखिर किसके दबाव में की, यह भी जांच का विषय है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक करने संबंधी टेंडर आईडी/2022/एचआरवाई/244832-1 के तहत 7 नवंबर 2022 को उपरोक्त सोसाइटी की बिड मंजूर हुई थी। जबकि इसका वर्क आर्डर 17 नवंबर 2022 को मेमो नंबर एचईवीपी-एसी-5425 के तहत जारी किया गया था। इस टेंडर के अनुसार उपरोक्त एजेंसी को 39 लाख 70 हजार 325 रुपये में लगभग 78 हजार लाइटें छह महीने में ठीक करनी थी। इसमें हर महीने लगभग 13 हजार लाइटों को ठीक करने का कार्य करना था। मौके पर सरदार कुलविन्द्र सिंह, महावीर उर्फ भूरा राठी, प्रमोद कौशिक, दीपक गुप्ता, अनिल शर्मा, संदीप बेनीवाल, प्रदीप सिन्हा, राज सिंह वर्मा व विनय राणा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राठी ने शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट की मरम्मत के नाम पर जिस तरह भुगतान किया है, उससे भ्रष्टाचार झलकता है। इसलिए इस मामले की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवंबर 2022 का बिल बनाते समय नगर परिषद को इतना तक ध्यान नहीं रहा कि जिस काम का वर्क आर्डर ही 17 नवंबर 2022 को दिया गया है तो उस महीने का बिल 5,15,378 रुपये कैसे बन सकता है। अगर हम कुल दिए गए वर्क आर्डर के हिसाब से भी उसे छह से भाग करें तो भी पूरे महीने का बिल 661720 रुपये बनता था। जबकि नगर परिषद ने केवल 13 दिन का बिल ही 515378 रुपये बना ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया। केवल यही नहीं ठेकेदार को भुगतान करते समय नगर परिषद के सभी अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर के साथ 15 मार्च 2023 व 16 मार्च 2023 की तारीख लिखी है। राठी ने कहा कि जो सरकारी अधिकारी ऑडिट का काम करते हैं उन लोगों ने भी इतनी बड़ी गलती आखिर किसके दबाव में की, यह भी जांच का विषय है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट ठीक करने संबंधी टेंडर आईडी/2022/एचआरवाई/244832-1 के तहत 7 नवंबर 2022 को उपरोक्त सोसाइटी की बिड मंजूर हुई थी। जबकि इसका वर्क आर्डर 17 नवंबर 2022 को मेमो नंबर एचईवीपी-एसी-5425 के तहत जारी किया गया था। इस टेंडर के अनुसार उपरोक्त एजेंसी को 39 लाख 70 हजार 325 रुपये में लगभग 78 हजार लाइटें छह महीने में ठीक करनी थी। इसमें हर महीने लगभग 13 हजार लाइटों को ठीक करने का कार्य करना था। मौके पर सरदार कुलविन्द्र सिंह, महावीर उर्फ भूरा राठी, प्रमोद कौशिक, दीपक गुप्ता, अनिल शर्मा, संदीप बेनीवाल, प्रदीप सिन्हा, राज सिंह वर्मा व विनय राणा मौजूद रहे।
विज्ञापन