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Jhajjar-Bahadurgarh News: जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
Tue, 30 Sep 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 30 Sep 2025 02:31 AM IST
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29jjrp14- बैठक को संबोधित करते एडीसी जगनिवास। स्रोत-प्रचार विभाग
झज्जर। जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में जिलास्तरीय बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) जगनिवास ने की। सिविल सर्जन डॉ. जय माला व टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़े विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।
सिविल सर्जन डॉ. जय माला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए जिले में सक्रिय रूप से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विभाग जागरूकता अभियान पर विशेष रूप से फोकस कर रहा है ताकि लोग अधिक से अधिक संख्या में टीबी की जांच करवा सकें और समय रहते उपचार प्राप्त करें।
एडीसी जगनिवास ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच पूरी तरह निशुल्क है और टीबी के कंफर्म रोगी की सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इस जानकारी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोग संदिग्ध मरीजों की सूचना देने में आगे आएं।
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एडीसी ने यह भी बताया कि टीबी मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान एक हजार रुपये प्रति माह पोषण सहायता राशि प्रदान की जाती है ताकि वह उचित आहार लेकर स्वस्थ हो सके।
निक्षय मित्र बनकर मदद कर सकते हैं आम नागरिक
एडीसी ने कहा कि कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं और कॉरपोरेट संगठन निक्षय मित्र बन सकते हैं। इसके लिए communitysupport.nikshay.in पर पंजीकरण करना होगा। इस योजना का उद्देश्य टीबी रोगियों को समुदाय-आधारित सहायता प्रदान करना और भारत को टीबी मुक्त बनाने के मिशन को आगे बढ़ाना है।
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सिविल सर्जन डॉ. जय माला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन के लिए जिले में सक्रिय रूप से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विभाग जागरूकता अभियान पर विशेष रूप से फोकस कर रहा है ताकि लोग अधिक से अधिक संख्या में टीबी की जांच करवा सकें और समय रहते उपचार प्राप्त करें।
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एडीसी जगनिवास ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने बताया कि टीबी की जांच पूरी तरह निशुल्क है और टीबी के कंफर्म रोगी की सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इस जानकारी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोग संदिग्ध मरीजों की सूचना देने में आगे आएं।
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एडीसी ने यह भी बताया कि टीबी मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान एक हजार रुपये प्रति माह पोषण सहायता राशि प्रदान की जाती है ताकि वह उचित आहार लेकर स्वस्थ हो सके।
निक्षय मित्र बनकर मदद कर सकते हैं आम नागरिक
एडीसी ने कहा कि कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं और कॉरपोरेट संगठन निक्षय मित्र बन सकते हैं। इसके लिए communitysupport.nikshay.in पर पंजीकरण करना होगा। इस योजना का उद्देश्य टीबी रोगियों को समुदाय-आधारित सहायता प्रदान करना और भारत को टीबी मुक्त बनाने के मिशन को आगे बढ़ाना है।