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चौथी महिला ने भी तोड़ दिया दम, प्रशासन से नहीं मिल रही मदद
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फोटो 29 : हादसे में दुर्घटनाग्रस्त बस।
- फोटो : Bahadurgarh
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तमिलनाडु में सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौत के बाद रविवार को चौथी महिला ने भी दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला कौमा में है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल है। तीन शवों को लेकर परिजन बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं जबकि चौथे शव की रवानगी नहीं हो सकी है। वहीं इस मामले में तमिलनाडु प्रशासन की ओर से भी कोई मदद नहीं की जा रही।
दरसअल, वीरवार को बहादुरगढ़ से 41 श्रद्धालु कन्याकुमारी के श्रीरामेश्वर धाम के लिए निकले थे। इनमें आठ पुरुष और बाकी महिलाएं रहीं। अधिकांश श्रद्धालु बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र के रहे। ये ट्रेन के जरिए तमिलनाडु से मदुरै पहुंचे। वहां से आगे जाने के लिए टूरिस्ट बस की। कुछ दूर चले ही थे की दो बसों में टक्कर हो गई। टक्कर लगने से एक बस पलट गई, उसमें अधिकांश श्रद्धालु बहादुरगढ़ के थे। इस भीषण हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई। इनकी पहचान 67 वर्षीय शायरा निवासी शंकर गार्डन, 66 वर्षीय रत्नी निवासी विकास नगर और 72 वर्षीय मोगली निवासी बहादुरगढ़ के रूप में हुई। रविवार की सुबह रत्नी नाम की ही एक और महिला की मौत हो गई।
पसरा है सन्नाटा
चार महिलाओं की मौत के अलावा अन्य श्रद्धालुओं की स्थिति भी ज्यादा सही नहीं है। सुशीला नाम की एक महिला कौमा में है, जबकि राजकला की हालत भी गंभीर है। हरेक श्रद्धालु को काफी चोट आई है। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों एवं घायलों के परिजनों में दुख की लहर दौड़ गई। मृतकों और घायलों के कुछ परिजन मदुरै रवाना हो चुके हैं। जिन महिलाओं की मौत हुई है, उनके घरों के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। तीन शवों को लेकर परिजन शनिवार की दोपहर ही बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए थे। सोमवार या मंगलवार तक इनके आने की संभावना है। जबकि एक शव अभी वहीं पर मौजूद है।
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नहीं मिल रही मदद
हादसे के बाद घायलों को संभालने के लिए मदुरै पहुंचे परिजनों की मानें तो तमिलनाडु प्रशासन इस मामले में मदद नहीं कर रहा। कोई बड़ा अधिकारी भी अस्पताल में नहीं पहुंचा। वहां घायलों का हाल बेहाल है। यहां तक की एंबुलेंस में शवों को बहादुरगढ़ पहुंचाने के लिए भी डेढ़ लाख की मोटी रकम ली जा रही है। एक शव की तो रुपयों के चलते रवानगी नहीं हो पाई। हरियाणा सरकार को इस मामले में आगे आना चाहिए। हरियाणा सरकार घायलों को यहां लाने में मदद करें।
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दरसअल, वीरवार को बहादुरगढ़ से 41 श्रद्धालु कन्याकुमारी के श्रीरामेश्वर धाम के लिए निकले थे। इनमें आठ पुरुष और बाकी महिलाएं रहीं। अधिकांश श्रद्धालु बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र के रहे। ये ट्रेन के जरिए तमिलनाडु से मदुरै पहुंचे। वहां से आगे जाने के लिए टूरिस्ट बस की। कुछ दूर चले ही थे की दो बसों में टक्कर हो गई। टक्कर लगने से एक बस पलट गई, उसमें अधिकांश श्रद्धालु बहादुरगढ़ के थे। इस भीषण हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई। इनकी पहचान 67 वर्षीय शायरा निवासी शंकर गार्डन, 66 वर्षीय रत्नी निवासी विकास नगर और 72 वर्षीय मोगली निवासी बहादुरगढ़ के रूप में हुई। रविवार की सुबह रत्नी नाम की ही एक और महिला की मौत हो गई।
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पसरा है सन्नाटा
चार महिलाओं की मौत के अलावा अन्य श्रद्धालुओं की स्थिति भी ज्यादा सही नहीं है। सुशीला नाम की एक महिला कौमा में है, जबकि राजकला की हालत भी गंभीर है। हरेक श्रद्धालु को काफी चोट आई है। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों एवं घायलों के परिजनों में दुख की लहर दौड़ गई। मृतकों और घायलों के कुछ परिजन मदुरै रवाना हो चुके हैं। जिन महिलाओं की मौत हुई है, उनके घरों के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। तीन शवों को लेकर परिजन शनिवार की दोपहर ही बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए थे। सोमवार या मंगलवार तक इनके आने की संभावना है। जबकि एक शव अभी वहीं पर मौजूद है।
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नहीं मिल रही मदद
हादसे के बाद घायलों को संभालने के लिए मदुरै पहुंचे परिजनों की मानें तो तमिलनाडु प्रशासन इस मामले में मदद नहीं कर रहा। कोई बड़ा अधिकारी भी अस्पताल में नहीं पहुंचा। वहां घायलों का हाल बेहाल है। यहां तक की एंबुलेंस में शवों को बहादुरगढ़ पहुंचाने के लिए भी डेढ़ लाख की मोटी रकम ली जा रही है। एक शव की तो रुपयों के चलते रवानगी नहीं हो पाई। हरियाणा सरकार को इस मामले में आगे आना चाहिए। हरियाणा सरकार घायलों को यहां लाने में मदद करें।